चटनी बनाए ल छत्तीसगढ़ के मंत्री मन ल किसान मन देहीं पताल






छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सा मन म सड़क म पताल फेंक के अपन विरोध जतावत किसान अब राज्य के मंत्री मन ल पताल बांटहीं। संग म धनिया अऊ मिर्चा के घलोक तोहफा देहीं। अइसन ओ मन कउनों खुशी म नहीं भलुक अपन दुख—दरद बताय खातिर करहीं। आप मन ल हम बता दन के धमधा कोति के किसान मन राजधानी म अपन ये अजूबा प्रदर्शन ले अपन दुख ल जाहिर के तैयारी करत हें। किसान मन के एक बैठक बेरला म 27 दिसंबर को होए रहिस हावय। असल म ये कोति के दानीकोकड़ी, धमधा, साजा, बेमेतरा, बेरला, गंडई, अहिवारा जइसन इलाका के कई सैकड़ा गांव म पताल के कोनो बिसईया नइ मिलत हे। किसान मन बतावत हें के पताल ह उंखर जिंदगी के सुवाद ल बिगाड़ देहे हावय, का पता पताल के चटनी के चटकारा ले मंत्रीजी के जायका संवर जाय। एकरे खातिर किसान मन ये रूप म अपन विरोध जताहीं ताकि मंत्रीजी ल किसान मन के दरद के कुछु अनुभव हो पाही।






आपमन जानत होहू के पाछू हप्तही म किसान मन दू कोरी ले जादा ट्रैक्टर भर पताल मन ल सड़क म उलद के अपन विरोध जताए रहिन। एखर पाछू घलोक उंखर गोहार सरकार के कान तक नइ पहुंचे रहिस। किसान मन के कहना हवय के, ये हाल म तो हमर ये पूरा नवा साल खराब गुजरही। अकेल्ला दुर्ग-बेमेतरा जिला के इलाका म करीब 80 हजार एकड़ म किसान मन पताल के खेती करत हावंय। बड़का पैमाना म पैदावार के पाछू घलोक नुकसान होए के असल कारन इंहा फूड प्रोसेसिंग यूनिट के नइ होना ल माने जावत हावे, संगें—संग इलाका म एक बड़का सब्जी मंडी के घलोक मांग होवत हवय। ये दुनों मांग कई बछर ले पूरा नइ होए हे। ये सब बात ल देखत किसान मन ये अजूबा प्रदर्शन के तरीका ल अपनाए के सोंचे हवंय।





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