‘छत्तीसगढ़ जनसुरक्षा कानून’ के तहत फंसे संतोष यादव ल मिलीस जमानत





रायपुर। छत्तीसगढ़ के पत्रकार संतोष यादव ल जमानत मिल गे हावे। सुप्रीम कोर्ट हर जेल मं बंद पत्रकार संतोष यादव ल जमानत दे दीस। जस्टिस सिकरी के अध्यक्षता मं डबल बेंच हर ये जमानत दीस। यादव ल 29 सितम्‍बर 2015 ले गिरफ्तार करे गए रहिस। आप मन जानत होहू कि संतोष यादव के खिलाफ 21 अगस्त 2015 को माओवादी सशस्त्र समूह मन कोति ले सुरक्षा बल मन उपर करे गए हमला मं ओखर सामिल होए के आरोप हावे। पुलिस हर माओवादी मन के संग कथित संपर्क के आरोप मं संतोष यादव ल ‘छत्तीसगढ़ जनसुरक्षा कानून’ के तहत गिरफ्तार करे रहिस।
संतोष यादव के खिलाफ मामला असल म एक पुलिस अधिकारी के गवाही म टिके हे जऊन हर बयान देहे हे कि ओ हर रात के अंधियार म सौ ले जादा माओवादी लड़ाकू के बीच संतोष यादव ल पहिचाने रहिस हे। ओखर बाद के पहिचान परेड के समय पुलिस संतोष यादव ल बने सहिन चिन्‍ह नइ पईस। ए मामला मं एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के कहना हवय कि घटना के FIR मं दोषी लोगन मन के सूची मं संतोष यादव के नाम दर्ज नइ हे। राज्य पुलिस हर ओखर तीर ले बरामद लाल अऊ हरियर रंग के कपड़ा अउ आन कुछु चीज मन ल ‘सबूत’ के तौर म पेश करके़ ओला माओवादी आए कहिके दावा करे रहिस। एखर ले पहिली संतोष यादव के जमानत याचिका दो पइत खारिज हो गए रहिस हे।


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