राज्य स्तरीय आयोजन : छत्तीसगढ़ी में छन्दमय कवि गोष्ठी के आयोजन पहली पइत

छत्तीसगढ़ म पहिली पईत छन्दमय कवि गोष्ठी के आयोजन भिलाई के स्वरूपानंद कालेज म काली सम्पन्न होइस। ये कार्यक्रम के सूत्रधार रहिन छन्द गुरु अरुण निगम, दुर्ग अउ संयोजिका रहिन श्रीमती शकुन्तला शर्मा भिलाई।
स्वरुपानंद कालेज हुडको भिलाई मा 9 जून के मझनिया 2 बजे ले साॅझ 5:30 बजे तक ये कार्यक्रम चलिस जेमा छंद के छ पाठसाला के करीब 20कवि/साधक मन छत्तीसगढ़ी भाखा मा छंदबद्ध दोहा, चौपाई, कुंडलिया, सोभन, रोला, घनाक्षरी, उल्लाला आल्हा, हरिगितिका, अमरित ध्वनि, रूपमाला, काटंग जइसे अनेक छंद मा रचना सुना के छन्दमय कवि गोष्ठी ला सार्थक करिन।
इन कवि/साधक मन रचना पाठ करिन -
जितेन्द्र कुमार वर्मा बाल्को, सूर्यकांत गुप्ता, ज्ञानूदास मानिकपुरी कवर्धा, बासंती वर्मा बिलासपुर, दिलीप वर्मा बलौदाबाजार, हेमलाल साहु बेमेतरा, चोवाराम वर्मा बादल हतबंद, गजानंद, मोहनलाल वर्मा तिल्दा, आशा देशमुख कोरबा, अजय अमृतांश भाटापारा मनीराम साहू सिमगा, दूरगा शंकर, कन्हैया भाटापारा, रश्मि गुप्ता कोरबा, सुखन जोगी, सुखदेव अउआसकरण दास जोगी अतनु बिल्हा।
गोष्ठी के पहुना रहिन सर्व श्री डॉ. विनय कुमार पाठक, अध्यक्ष राजभाषा आयोग, पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दूबे, सचिव राजभाषा आयोग, रवि श्रीवास्तव भिलाई व्यंग्यकार, डाॅ सुधीर शर्मा हिन्दी विभागाध्यक्ष कल्याण कालेज भिलाई, डाॅ हंसा शुक्ला प्राचार्य स्वरुपानंद कालेज, सरला शर्मा (साहित्यकार) अउ शकुन्तला शर्मा साहित्यकार।
कार्यक्रम में गणमान्न्य साहित्यकार मन घलो नवा रचनाकार मन ला आशीष दे बर पहुॅचे रहिन। छत्तीसगढ़ मा साहित्य अभिरुचि जगाय बर अइसन आयोजन हा मिल के पथरा बनही अउ छंद के छ पाठशाला के माध्यम ले हमर छत्तीसगढ़ी मा शास्त्र बद्ध छंद रचनाकार मन के कमी हा दूर होही, मोला विश्वास हे।
@बलराम चंद्राकर के रपट

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