स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजनों ने देखी छायाचित्र-प्रदर्शनी सेनानियों के छायाचित्र देख आंखों में छलके आँसू

रायपुर, 19 अगस्त 2019/  राजधानी के टाउन हाॅल में आयोजित ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़‘ छायाचित्र प्रदर्शनी में आज स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजन (Families of freedom fighters) प्रदर्शनी देखकर भाव विभोर हुए। सेनानियों के परिवारजनों के आंखों में तब आंसू भर आए जब छायाचित्र प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लगाए गए छायाचित्र को देखा। ग्राम पथरी निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दुर्गा सिंह सिरमौर (Freedom Fighters Durga Singh Sirmaur) के परपौत्र डाॅ. हेमन्त सिरमौर (ग्राम पथरी निवासी) ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और राज्य सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में समर्पित ऐसे महान विभूतियों के छायाचित्रों को प्रदर्शनी में जगह देना वास्तव में सराहनीय कदम है। इससे आने वाली पीढ़ी को ऐसे महान शख्सियतों के बारे में जानकारी मिलेगी और ऐसे विभूतियों से प्रेरणा लेकर समाज और देश सेवा में नई पीढ़ी सामने आएंगी। डाॅ. हेमन्त सिरमौर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक उत्कृष्ट कार्याें पर ब्लाॅक और जिला स्तर तथा स्कूलों और काॅलेजों में भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। इससे बरसों से दबे हुए छत्तीसगढ़ के इतिहास (History of chhattisgarh) के बारे में लोग जान सकेंगे।

ग्राम पथरी के ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और महान समाज सेवक डाॅ. खूबचन्द्र बघेल (Dr. Khubchandra baghel) के परिवार के श्री योगेश कुमार बघेल ने भी छायाचित्र प्रदर्शनी में लगे परिवार के सदस्यों के चित्र देेख कर गर्व महसूस किया। उन्होंने कहा कि यहां छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्रेरणादायक इतिहास की झलक मिलती है और छत्तीसगढ़ के पुराने स्मरणीय तथ्यों तथा ज्ञानवर्धक बातों के बारे में पता चला, जिन्हें जानकर हम गौरवांवित हैं। श्री योगेश बघेल ने नम आंखों से कहा कि समाज में ऐसे महान विभूति बहुत कम ही सामने आते है। वर्तमान में लोग भौतिक सुख-सुविधाओं के लिए अपने जीवन को व्यर्थ ही गंवा देते है। सही मायने में आज पढ़े लिखे युवाओं को समाज को सही दिशा देने के लिए आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक तीज त्यौयारों जैसे हरेली, विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन के लिए बधाई दी है। श्री योगेश ने कहा कि अतीत को बचाने के लिए स्कूलों और काॅलेजों में छत्तीसगढ़ संस्कृति और परंपरा की शिक्षा दी जानी चाहिए। इससे छत्तीसगढ़ सहित देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ के अपने पुरातन इतिहास से परिचित हो सके।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के जनसम्पर्क विभाग द्वारा गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ थीम पर रायपुर स्थित टाउल हाॅल में प्रदेश के इतिहास, राज्य सरकार द्वारा समावेशी विकास के लिए किए जा रहे प्रयास और विकास की ओर तेजी से कदम बढ़ते छत्तीसगढ़ को जानने समझने के लिए छायाचित्र-प्रदर्शनी लगायी गयी है। प्रदर्शनी देखने आ रहे दर्शकों द्वारा छायाचित्र-प्रदर्शनी को काफी सराहना मिल रही है। साथ ही विद्वजनों , छात्र-छात्राओं और दर्शकों द्वारा सुझाव भी दिए जा रहे है। यह प्रदर्शनी 21 अगस्त तक चलेगी।

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