छत्‍तीसढ़ी भाषा के साहित्‍यकार

संकलन – संजीव तिवारी

अशोक नारायण बंजारा : जन्‍म 6 सितम्‍बर 1968 कुरीयारी जिला जांजगीर-चांपा में, मूलत: कवि है, 'करिया बेटा आपके' नाम से एक काव्‍य संग्रह प्रकाशित है।
आचार्य डॉ.दसरथ लाल निषाद ‘विद्रोही’ : कृतियॉं – ‘गमकत मोंगरा’, ‘छत्‍तीसगढ़ के कांदा’, ‘छत्‍तीसगढ़ के गांधी’, ‘छत्‍तीसगढ़ के चटनी’, ‘छत्‍तीसगढ़ के पान’, ‘छत्‍तीसगढ़ के बासी’, ‘छत्‍तीसगढ़ के भक्तिन’, ‘छत्‍तीसगढ़ के भाजी’, ‘छत्‍तीसगढ़ के मितानी’, ‘छत्‍तीसगढ़ के सिंगार’, ‘छत्‍तीसगढ़ के मछरी मांस’, ‘छत्‍तीसगढ़ी सतसई कुंडलियां’, ‘निषाद संदेश’ आदि हैं।
आनंद तिवारी पौराणिक : जन्‍म महासमुंद में 4 दिसम्‍बर 1949 को, तिवारी जी छात्र जीवन में ही 'लहर' नामक हस्‍तलिखित पत्रिका का संपादन करते थे। इनकी छत्‍तीसगढ़ी कृतियॉं है ‘पिरीत के पुरईन पान’, 'खल्‍लारी चालिसा' और 'खल्‍लारी महात्‍तम' एंवं हिन्‍दी में 'भावांजलि' बालिका कविता संग्रह 'कितना अच्‍छा होता', कई कवियों की कविताओं का संकलन संपादन 'अंजुरी म अकास'। पत्रिका 'मयारूक बहिनी' के प्रधान संपादक।
ईश्‍वर शरण पाण्‍डेय : जन्‍म रायगढ़ के निकट बालपुर में प्रतिष्ठित पाण्‍डेय परिवार में 6 जून 1933 को, कृतियॉं - 'पान मुखारी', 'हीरू के पीरा', अभिज्ञान शाकुन्‍तलम के चौथा सर्ग के श्‍लोकों का छत्‍तीसगढ़ी अनुवाद ‘बेटी परे के धरना धरे होथे धन’, 'बालपुर के पाण्‍डेय बंधु' आदि।
उदय सिंह चौहान : जन्‍म बिलासपुर के चुचुहिया पारा, बिलासपुर में 4 अक्‍टूबर 1926, कृतियॉं - उपन्‍यास 'फुटहा करम', कहानी 'सोहागा', 'पुतरी', 'मेरहा'।
उधोराम झकमार : जन्‍म 12 नवम्‍बर 1935 पांड़का ग्राम में, मृत्‍यु 19 मार्च 1993 में, कृतियॉं - इनकी कविताओं को सुशील यदु द्वारा संपादित करके 'ररूहा सपनावय दार भात' नाम से प्रकाशित करवाया है।
कपिल नाथ मिश्र : जन्‍म खरौद में, इनकी प्रसिद्ध एवं बहु चर्चित कृति खुसरा चिरई के बिहाव है।
किसान दीवान : आप  नर्रा बागबहरा जिला महासमुंद के निवासी हैं। इनकी प्रकाशित कृतियॉं है 'कृष्‍ण क्रांति', 'मटकुलिया', 'झुनझुन', 'प्‍यास भरे', 'नव जीवन', 'घर घुंधिया', ‘जस के तस’, ‘माटी महतारी’ आदि।
कुंज बिहारी चौबे : आपका जन्‍म राजनांदगांव के नवागांव के मालगुजार परिवार में 15 जुलाई 1916 को हुआ था। स्‍वतंत्रता आन्‍दोलन में छत्‍तीसगढ़ के क्रांतिकारी के रूप में आपका नाम लिया जाता है। आपकी कवितायें सास्‍वती, माधुरी तथा प्रेमा जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित होती थी। आपकी 100 कविताओं का संग्रह 'अवशेष' के नाम से प्रकाशित है। आपने छत्‍तीसगढ़ी में भी पद्य रचनायें की किन्‍तु कुछ रचनायें ही उपलब्‍ध हैं जिसके आधार पर पं.दानेश्‍वर शर्मा नें इन्‍हें छत्‍तीसगढ़ का चंद्रधर शर्मा गुलेरी कहा है।
कृष्‍णा रंजन : जन्‍म अगस्‍त 1934, आप राजिम में निवास करते हैं, आप प्रसिद्ध संत कवि स्‍व.पवन दीवान के गुरू हैं। आप छत्‍तीसगढ़ी में गद्य एवं पद्य में समान रूप से रचनायें लिखते हैं जो पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होता है। इनकी प्रसिद्ध कृतियों में ‘महानदी घाटी की सभ्‍यता (छत्‍तीसगढ़ की खोज)’ चर्चित है।
 डॉ. राजेन्‍द्र सोनी : जन्‍म घुमका ग्राम राजनांदगांव जिला में 1 अगस्‍त 1953 को हुआ था, कृतियॉं - 'खोरबहरा तोला गांधी बनाबो', 'दुब्‍बर ल दू अषाढ़', 'सूजी अउ संगवारी', प्रथम छत्‍तीसगढ़ी हाईकू संग्रह 'चोर ले मोटरा उतिआइल' आदि।
गया प्रसाद बसेढि़या : आप खरोरा के निकट ग्राम गौर खेड़ा के निवासी थे। आपकी छत्‍तीसगढ़ी कृति - खण्‍डकाव्‍य ‘महादेव के बिहाव’ है जिसमें छत्‍तीसगढ़ी का काव्‍य सौंदर्य निखर कर अभिव्‍यक्‍त हुआ है।
गिरिवर दास वैष्‍णव : जन्‍म सन् 1897 में बलौदाबाजार के गांव माचाभाठा देंदुआ में। कृति - छत्‍तीसगढ़ी सुराज।
चंद्रशेखर चकोर : जन्‍म 9 सितम्‍बर 1988, ग्राम कांदुल रायपुर में, आप छत्‍तीसगढ़ी पत्रिका 'बरछा बारी' के संपादक हैं आपने छत्‍तीसगढ़ के लोक खेलों को संरक्षित करने हेतु प्रयास किया है एवं इस संबंध में साहित्‍य भी प्रकाशित है। छत्‍तीसगढ़ी ददरिया संग्रह, चंदैनी शैली में नाटक 'टेकहा राजा' लेखन व मंचन।
चेतन आर्य : आपका जन्‍म 16 अक्‍टूबर 1947 रायपुर में हुआ, आप प्रतिभाशाली कवि हैं एवं आपने  काव्‍य के अनेक रूपों में छत्‍तीसगढ़ी काव्‍य लेखन किया है साथ ही आपने छत्‍तीसगढ़ी में गद्य व्‍यंग्‍य लेखन भी किया है।
जय प्रकाश मानस : जन्‍म 2 अक्‍टूबर 1965 में, छत्‍तीसगढ़ी के प्रथम व्‍यंग्‍य संगह 'कलादास के कलाकारी' के रचनाकार।
ठा.जीवन सिंह : जन्‍म 22 अगस्‍त 1937 ग्राम भैंसदा जिला जांजगीर में, कृतियॉं - दुब्‍बर ल दू अषाढ़, हिले नहीं हिलाने वाला आदि।
डिहुर राम निर्वाण 'तृप्‍त' : आपका जन्‍म 27 नवम्‍बर 1935 में राजिम के पास  ग्राम भेंडरी में हुआ। कृतियॉं - 'मइके के गोठ', 'पंच निंदा',  दोहा संग्रह ‘दांड बनथे कांड’ ‘केंवट गुनान’ ‘सुरता म राम’ आदि।
डॉ. अरूण कुमार शर्मा : जन्‍म 10 अक्‍टूबर 1956 को जांजगीर में, छत्‍तीसगढ़ी कविता संग्रह 'मान के साथ' प्रकाशित।
डॉ. उर्मिला शुक्‍ल : जन्‍म 20 सितम्‍बर 1970 को, पत्र-पत्रिकाओं में छत्‍तीसगढ़ी आलेख व कविता का प्रकाशन के साथ ही कहानी संग्रह ‘आवो मनटोरा घर चलें’, छत्‍तीसगढ़ी कहानी संग्रह ‘छत्‍तीसगढ़ के अउरत’, ‘गोदना के फूल’  एवं  छत्‍तीसगढ़ी खण्‍डकाव्‍य ‘महाभारत म दुरपति’ इनकी प्रमुख कृतियॉं हैं।
डॉ. जे.आर. सोनी : 'सतनाम के अनुयायी', 'सतनाम की दार्शनिक पृष्‍टभूमि', 'बबूल की छांव', गीत संग्रह 'मोंगरा के छांव', कहानी संग्रह 'मितान', 'नगमत', उपन्‍यास 'उढ़रिया' और 'चंद्रकला', हिन्‍दी उपन्‍यास 'पछतावा'
डॉ. देवी प्रसाद वर्मा (बच्‍चू जांजगीरी) : जन्‍म अकलतरा में 19 जुलाई 1927 में, आप छत्‍तीसगढ़ के विभिन्‍न समाचार पत्रों में बतौर पत्रकार लम्‍बे समय तक कार्य किया।  इन्‍होंनें ज्‍यादातर हिन्‍दी में रचनायें लिखी है जिसमें जीवनी ‘मस्‍तों का मसीहा’, काव्‍य ‘मडैया गाती है’, ‘रास्‍ता काटती बिल्‍ली’, ‘थमा हुआ जल’, उपन्‍यास ‘तस्‍वीर के तपकड़े’, कहानी ‘दर्दभरी दास्‍तान’, ‘इमामबाड़ा’ आदि।  इन्‍होंनें छत्‍तीसगढ़ी में  कुछ उत्‍कृष्‍ठ कवितायें भी लिखी है।
डॉ. बिहारी लाल साहू : जन्‍म ग्राम चांटी पाली रायगढ़ में 26 अगस्‍त 1949 को, आप भाषा विद हैं ।  आपने छत्‍तीसगढ़ी प्रहेलिकाओं पर शोध किया है जो ‘छत्‍तीसगढ़ी प्रहेलिकायें’ एवं ‘कुडुख – उरांव प्रहेलिकायें’ नाम से प्रकाशित है। आपकी प्रमुख कृतियॉं हैं – छत्‍तीसगढ़ी कहानी संग्रह 'सुरूच पोटारिस अधिकार' के अतिरिक्‍त पद्मश्री मुकुटधर पाण्‍डेय की कृति 'छत्‍तीसगढ़ी मेघदूत' सहित 'छत्‍तीसगढ़ी प्रहेलियॉं', ‘मुकुटधर पाण्‍डेय चयनिका’,  'छत्‍तीसगढ़ी भाषा और लोक साहित्‍य' 'अंतस के अक्षांस' आदि का संपादन भी किया है।
डॉ. हनुमंत नायडू 'राजदीप' : मूलत: श्रृंगार के कवि, छत्‍तीसगढ़ी फिल्‍म 'कहि देबे संदेश' में इन्‍होंनें गीत लिखा है।
डॉ.गोरेलाल चंदेल : जन्‍म 1 दिसम्‍बर 1944 ग्राम कुसमी, खैरागढ़ में। आपनें शोध ग्रंथ ‘छत्‍तीसगढ़ी ददरिया का लोकतात्विक अनुशीलन’ नामक किताब एवं अन्‍य शोधात्‍मक ग्रंथ लिखे हैं।
तीरथ राम गढ़ेवाल : जन्‍म 4 सितम्‍बर 1950, हिर्रीमांइंस के पेंड्रीडीह में, अल्‍पायु में मृत्‍यु, कृति - 'तोला कोन रंग भाथे'।
दिनेश चौहान : आप राजिम में निवास करते हैं एवं आपकी कृतियॉं है – ‘कईसे होही छत्‍तीसगढि़या सबले बढि़या’, ‘चउखड़ी जनउला’, ‘छत्‍तीसगढ़ी बर तुतारी’ आदि प्रमुख हैं।
नंदकिशोर तिवारी : जन्म -1941 बिलासपुर के निकट सागर ग्राम में। प्रमुख कृतियॉं – ‘उरूभंगम’ महाकवि भास के नाटक का अनुवाद, ‘कुछू काहीं’, ‘छत्‍तीसगढ़ की लोक कथायें’, ‘छत्‍तीसगढ़ी कहिनी’, ‘छत्‍तीसगढ़ी साहित्‍य का एतिहासिक अध्‍ययन’, ‘छत्‍तीसगढ़ी साहित्‍य दशा और दिशा’, ‘टूरी ह आंखी मारथे’, ‘परेमा’, ‘मोर कुंवा गवांगे’, ‘रानी दाई डभरा के’ ‘रहस’, ‘भरथरी’ आदि। बिलासपुर से छत्तीसगढी पत्रिका 'लोकाक्षर' का सम्पादन। छत्तीसगढी लोक कला पर मौलिक कार्य, पंडवानी, भरथरी और रहस पर पुस्तक प्रकाशित।
नरसिंह दास : जन्‍म शिवरीनारायण के पास घिवरा गांव में संवत 1927 में, निवास तुलसी में, कृतियॉं - जानकी माई हित विनय, नरसिंग चौतीसा, शिवायन आदि।
नित्‍यानंद पाण्‍डेय : जन्‍म संवत 1981 में जांजगीर के बलौदा में, कृतियॉं - छत्‍तीसगढ़ी मेघदूत, प्रहलाद चरित्र, ध्रुव चरित्र काव्‍य संग्रह।
निशीथ पाण्‍डेय : जन्‍म दुर्ग में 11 नवम्‍बर 1958 में, कृतियॉं – छत्‍तीसगढ़ी काव्‍य संग्रह 'सरलग', 'पैडगरी',  गजल संग्रह ‘संघरहा’, कहानी संग्रह ‘साखी’, इनकी ‘घनी मूंदी’ छत्‍तीसगढ़ी बाल गीत संग्रह भी प्रकाशित है।
पं. बंशीधर पांडेय: आपका जन्म 1892 में रायगढ़ के समीप बालपुर में, मृत्यु 1971। आपको छत्तीसगढ़ी का प्रथम उपन्यासकार माना जाता है। आपके द्वारा लिखी छत्‍तीसगढ़ी उपन्‍यास  'हीरू के कहिनी' का प्रकाशन 1926 में हुआ था। आपकी अन्‍य कृतियों में हिन्‍दी नाटक 'विश्‍व का फल' एवं उडि़या गद्य संकलन 'गजेन्‍द्र मोक्ष' हैं। आप पं. लोचन प्रसाद पांडेय के अनुज एवं पं. मुकुटधर पांडेय के अग्रज थे।
पं. श्यामलाल चतुर्वेदी : जन्म अकलतरा के पास कोटमी गांव में 20दफरवरी 1926 में,  कृतियां - कविता संग्रह 'राम बनवास' 'पर्रा भर लाई', ‘भोलवा भोलाराम बनिस’ (कहानी) आदि।
पं.शुकलाल प्रसाद पाण्‍डेय : इनका जन्‍म सन् 1886 में रायपुर में हुआ। आप छत्‍तीसगढ़ के प्रारंभिक साहित्‍यकारों में प्रमुख थे। आपकी रचनायें तत्‍कालीन राष्‍ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते थे। आपकी मृत्‍यु 2 जनवरी 1951 को हुई। आपकी प्रमुख कृतियों में छत्‍तीसगढ़ी में काव्‍य संग्रह  'गिंया' और 'ग्राम गीत' एवं हिन्‍दी में भूल-भुलईया, मैंथिली मंगल (खण्‍ड काव्‍य), छत्‍तीसगढ़ गौरव आदि प्रमुख हैं।
पं.सुंदरलाल शर्मा: इनका जन्म 1881 ई. में राजिम के समीप चमसूर ग्राम में हुआ। इन्‍हें अंग्रेजी, संस्कृत, मराठी, बंगाली, उडिया भाषा का ज्ञान प्राप्‍त था। हरिजन उद्धार के क्षेत्र में किए गए इनके काम से प्रभावित होकर महात्‍मा गांधी जी नें इन्‍हें अपना गुरू कहा था। आप स्‍वतंत्रता संग्रात सेनानी एवं सामाजिक कार्यकता थे। इनकी प्रसिद्ध कृति 'दानलीला' बहुचर्चित है। इन्‍होंनें लगभग 22 किताबों का लेखन किया है। इन्‍होंनें मासिक पत्रिका 'दुलरवा' एवं रायपुर जेल से 'जेल पत्रिका' का भी प्रकाशन किया है। इनकी मृत्यु 28 दिसंबर, 1940 को हुई।
पद्मश्री डॉ. सुरेन्‍द्र दुबे  : जन्‍म 8 अगस्‍त 1953 बेमेतरा में, छत्‍तीसगढ़ के प्रसिद्ध अंतर्राष्‍ट्रीय मंचीय कवि, कृतियॉं  काव्‍य संग्रह ‘मिथक मंचन’, ‘किस किस पर कविता लिखूं’, नुक्‍कड़ नाटक संग्रह ‘दो पांव का आदमी, ’छत्‍तीसगढ़ी नाटक 'पीरा' नाटिका संग्रह ‘नवा सुरूज’, हास्‍य कविता ‘मोर पंडवा गंवा गे’ और अन्‍य काव्‍य संग्रह।
पद्मश्री पं. मुकुट धर पाण्‍डेय : आपका जन्‍म रायगढ़ के समीप बालपुर में सन 30 सितम्‍बर 1895 को हुआ। आपको भारत सरकार द्वारा साहित्‍य के क्षेत्र में पद्मश्री सम्‍मान प्रदान किया गया था। आपको हिन्‍दी साहित्‍य में छायावाद का जनक माना जाता है, आपकी कविता 'कुररी के प्रति' को पहली छायावादी कविता है। आपने हिन्‍दी एवं छत्‍तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में रचनायें लिखीं। जिनमें कविता संग्रह 'स्‍वदेश संग्रह', 'पूजा के फूल', 'शैलबाला', 'लक्ष्‍य', कहानी संग्रह 'मेरा हृदयदान', निबंध 'हिन्‍दी भाषा का स्‍वरूप' आदि हिन्‍दी में प्रमुख कृतियॉं हैं। आपे कालिदास के मेघदूत का छत्‍तीसगढ़ी अनुवाद किया था एवं छत्‍तीसगढ़ी में गीत रचनायें की थी। आपकी मृत्‍यु मृत्‍यु 6 नवम्‍बर 1989 को हो गई।
पुरसोत्‍तम लाल : आप खरोरा निवासी थे, आप छत्‍तीसगढ़ी में प्रचार काव्‍य के लेखन के लिए जाने जाते हैं। आपने 1930 में कांग्रेस के प्रचारार्थ ‘कांग्रेस आल्‍हा’ लिखी।
प्यारेलाल गुप्त : आप साहित्‍य, इतिहास और पुरातत्‍व के प्रसिद्ध विद्धान थे। आपका जन्म 17 अगस्‍त 1891 रायपुर में हुआ बाद में आप बिलासपुर में निवास करने लगे। आपकी कृतियॉं - हिन्‍दी में उपन्‍यास 'लवंगलता',  'रतनपुर का विष्‍णु महायज्ञ', संदर्भ ग्रंथ 'प्राचीन छत्‍तीसगढ़' 'बिलासपुर वैभव' आदि अनेक ग्रंथ प्रकाशित, इन्‍होंनें छत्‍तीसगढ़ी में भी कई गीत लिखे जिसमें से कुछ बहुत लोकप्रिय हुए।
प्रेम साइमन : जन्म-1947, छत्तीसगढी और हिन्दी के प्रतिष्ठित नाटककार: छत्तीसगद्री नाटक- कारी, हरेली, लोरिक-चंदा, गम्मतिहा, दसमत कैना, घर कहाँ हे आदि।
बाबूलाल सिरिया 'दुर्लभ' : जन्‍म 1 अक्‍टूबर 1924 खरीदपुर, कलकत्‍ता में, मृत्‍यु 16 जून 2000 बिलासपुर में, कृतियॉं - 'गमकत गीत', 'मेघदूत', सुन्‍दरकांड (नाटक), महासती विंदामति आदि।
भगत सिंह सोनी : जन्‍म 25 सितम्‍बर 1947 को रायपुर में, कृतियॉं - कविता संग्रह 'रहंचुली', अनुवाद 'गरमी के दुख म घलोक फुलथे पलास' आदि।
भूपेन्‍द्र टिकरिहा : जन्‍म 19 सितम्‍बर 1945 पाटन के पास डंगनिया में, कृतियॉं काव्‍य संकलन 'धरती के संग, जिनगी के रंग'।
मकसूदन राम साहू : जन्‍म 6 अगस्‍त 1948 चिपरीडीह, रायुपर, कृतियॉं - लोक नाट्य 'मोला लागत हे मतासी', इसका कई बार सफलतापूर्वक मंचन हुआ है। 'बापू के पैडगरी' इनका प्रसिद्ध काव्‍य संग्रह है।
मास्‍टर नोहर साय : जन्‍म रायगढ़ जिले के बांधापाली गांव में 5 जुलाई 1926 में, मृत्‍यु 1998 में, कृतियॉं - कविता 'मारबो फेर रोवन नइ दन'।
मुकुन्‍द कौशल : जन्‍म 7 नवम्‍ बर 1947 दुर्ग में, आप छत्‍तीसगढ़ी गीतों के प्रसिद्ध गीतकार हैं। आप हिन्‍दी, उर्दू, गुजराती एवं छत्‍तीसगढ़ी में समान रूप से लेखन कर रहे हैं। आपकी छत्‍तीसगढ़ी कृतियॉं - कविता संग्रह 'भिनसार', 'छत्‍तीसगढ़ी गज़ल', गजल संग्रह 'मोर पिंजरा के उड़त परेवना', उपन्‍यास 'केरवंछ' आदि हैं।
मुरली चंद्राकर : जन्म-अर्जुदा (दुर्ग), 1973 में 'सोनहा विहान' में गीत लिखे; 'पुष्पांजली' नाम का कैसेट बम्बई में रिकॉर्ड; कृतियां- 'देख देवर बाबू तोर भइया के चाल', 'जिनगी के नई हे ठिकाना' और 'बैरी पैरी ल चिटको शरम नई लागे' आदि।
मेदिनी प्रसाद पाण्‍डेय : जन्‍म 1869, मृत्‍यु 1930 परसापाली, खरसिया। छत्‍तीसगढ़ी और बृज भाषा में रचनायें। कृति - सतसंग विलास, गद्य मंजूषा, पद्य मंजूषा, गणपति उत्‍सव दरपन आदि।   
मैथ्‍यू जहानी जर्जर : जन्‍म 1 अक्‍टूबर 1934 ग्राम मोछ, जिला बिलासपुर, कवि सम्‍मेलन के मंचीय कवि।
राम लाल निषाद : जन्‍म 31 जून 1948 को केंवट पारा रायगढ़ में, आप छत्‍तीसगढ़ी के सुमधुर गीतकार हैं। 'झांझ कर ताल बाजे' नामक एक काव्‍य संग्रह प्रकाशित।
लाला जगदलपुरी : जन्म-17 दिसंबर, 1920, मृत्‍यु 00000 : रचनाएं करीब 13 कृतियाँ प्रकाशित, प्रथम 'हल्वी लोक कथाएं', निबंध संग्रह, कविता संग्रह, गजल संग्रह, गीत संग्रह, मुक्तक संग्रह, छत्तीसगढी काव्य संग्रह, हल्वी--भतरी लोकोक्तियों का वर्गीकरण आदि अप्रकाशित कृतियाँ हैं। 'बस्तर का इतिहास और संस्कृति' इनकी महत्वपूर्ण कृतिहै।
शिवशंकर शुक्ल : जन्म-1934; कृतियां- 'दियना के अंजोर' (छत्तीसगढी उपन्यास); कहानियाँ- मोंगरा, रघिया, छत्तीसग्री लोककथाएं -डोकरा के कहिनी, दमाद बाबू दुलरू आदि
श्रीमती दीप दुर्गवी :  जन्‍म 3 नवम्‍बर 1957, छत्‍तीसगढ़ी गीत संग्रह प्रकाशित।
श्रीमती शकुन्‍तला तरार : जन्‍म तहसीलपारा कोंडागांव में, नारी का संबल नामक पत्रिका का संपादन, हिन्‍दी, हल्‍बी और छत्‍तीसगढ़ी में लेखन, कृतियां - छत्‍तीसगढ़ी गीत संग्रह 'बनकैना', 'घर घुंदिया', लघु नाटक 'चूरी, 'हल्‍बी हाईकू संग्रह 'टेपारी' आदि।
श्रीमती शकुन्‍तला शर्मा : जन्‍म 26 अगस्‍त 1951 ग्राम कोसला, जिला जांजगीर-चांपा में, हिन्‍दी एवं छत्‍तीसगढ़ी में लेखन,  अनेक संस्‍कृत साहित्‍य ग्रंथों का हिन्‍दी एवं छत्‍तीसगढ़ी में अनुवाद, छत्‍तीसगढ़ी कविता संग्रह ‘चंदा के छांव में’, कविता संग्रह ‘ढाई आखर’, गीत संग्रह ‘लय’,  ‘संप्रेषण’, खण्‍डकाव्‍य ‘शकुंतला’, कठोपनिषद का गीतमय व्‍याख्‍या,  निबंध संग्रह ‘इदं न मम’, महाकाव्‍य ‘रघुवंश’ चम्‍पू काव्‍य ‘कोसला’, छत्‍तीसगढ़ी महा‍काव्‍य ‘कुमार संभव’ आदि।
श्रीमती सरला शर्मा : जन्‍म चैत्र शुक्‍ल, रामनवमी संवत 2008 जांजगीर में, छत्‍तीसगढ़ी साहित्‍य के समर्थ आलोचक,  कृतियॉं - छत्‍तीसगढ़ी कहानी संग्रह 'सुरता के बादर', छत्‍तीसगढ़ी उपन्‍यास 'माटी के मितान' आदि।
श्रीमती सुधा वर्मा : जन्‍म 25 नवम्‍बर 1955, जगदलपुर में, कृतियॉं – हिन्‍दी काव्‍य संकलन ‘क्षितिज के पार’,  हिन्‍दी एवं छत्‍तीसगढ़ी कहानी संग्रह ‘कोख में बसेरा’, छत्‍तीसगढ़ी उपन्‍यास ‘बनके चंदैनी’,  छत्‍तीसगढ़ी लोक संग्रह ‘तरिया के आंसू’,  लोक कथा ‘चुरकी भुरकी’, छत्‍तीसगढ़ी कहानी संग्रह ‘धनबहार के छांव म’, ‘परिया धरती के सिंगार’, छत्‍तीसगढ़ी काव्‍य संग्रह ‘कइसे हस धरती मईया’ आदि।
हीरालाल काव्‍योपाध्‍याय : जन्‍म सन 1856 रायपुर में,  छत्‍तीसगढ़ी व्‍यकरण के रचइता ।
हेमनाथ वर्मा 'विकल' : जन्‍म 2 सितम्‍बर 1937 भिलाई में, कृति - काव्‍य संग्रह 'चुरूवा के पानी', 'मनमोहना', 'हनुमान जन्‍म', 'कृष्‍ण चरित्र', छत्‍तीसगढ़ी हसगुल्‍ला'।
पं. लोचन प्रसाद पाण्‍डेय : इनका जन्‍म 4 जनवरी, 1886  में रायगढ़ के समीप बालपुर गांव में हुआ।  इन्‍होंनें हिन्‍दी एवं छत्‍तीसगढ़ी में छोटी- बड़ी लगभग 30-35 किताबें लिखी हैं। जिसमें प्रमुख कृतियां है काव्य संग्रह 'प्रवासी', उपन्यास 'दो मित्र',  बालिका विनोद, कविता कुसुममाला, उड़िया काव्य संग्रह 'कविता कुसुम' 'महानदी', 'लेटर्स टू माई ब्रदर्स', 'राधानाथ राय : द नेशनल पोएट ऑफ़ ओरिसा', 'द वे टू बी हैप्पी एंड गे', 'भक्ति पुप्पांजलि', जीवनी 'चरित माला' नाटक 'उन्नति कहां से होगी', 'ग्राम्य विवाह विधान' आदि। इनकी छत्‍तीसगढ़ी में ‘कलिकाल’ - छत्तीसगढ़ी नाटक, 'भुतहा मंडल',  'केदार गौरी' और 'मृगी दुखमोचन' कालजयी रचना है। आप भाषा विद थे आपने हीरालाल काव्‍योपाध्‍याय के छत्‍तीसगढ़ी व्‍याकरण का परिवर्द्धन कार्य किया था और इसमें व्‍यकरण के साथ मुहावरे व पहेलियों का खण्‍ड स्‍वयं संकलित कर जोड़ा था। इनकी मृत्‍यु 18 नवम्‍बर 1958 को हुई।
कपिलनाथ कश्यप : जन्म 6 मार्च, 1906 पवना ग्राम; निधन -6मार्च, 1906; निधन-2 मार्च, 1985 में, जिला जांजगीर-चांपा में। कृतियॉं – ‘श्री रामकथा’ (महाकाव्य), अब तो जागौ रे, डहर के कांटा (कहानी संग्रह), श्री कृष्ण कथा, सीता की अग्निपरीक्षा, डहर के फूल, अंधियारी रात (एकांकी), गजरा (काव्य संग्रह), नवा विहान (एकांकी), आदि।
पं. द्वारिका प्रसाद तिवारी 'विप्र': जन्म-6 जुलाई 1908 बिलासपुर में, मृत्यु-2 जनवरी 1982। कृतियाँ - 'कुछु कांही', 'सुराज गीत', 'पंचवर्षीय योजना गीत', 'फागुन गीत', 'डबकत गीत', 'घमनी हाट', 'राम अउ केंवट संवाद', 'कांग्रेस विजय आल्‍हा', 'शिव स्‍तुति', 'गांधी गीत' आदि। इनकी समग्र रचनाओं का संकलन नंदकिशोर तिवारी जी के संपादन में 'लोकाक्षर' पत्रिका के द्वारा प्रकाशित कराया गया है।
लाला फूलचंद : जन्‍म रायगढ़ में 12 जुलाई 1909 में, मृत्‍यु 29 जून 1994 में, लोक सांस्‍कृतिक संचालक थे। कृति - चौरा के तुलसी।
कोदूराम दलित : जन्‍म 5 मार्च 1910 अर्जुन्‍दा के पास टिकरी गांव में, मृत्‍यु 28 सितम्‍बर 1967। कृतियॉं - सियानी गोठ, कनवा समधी, अलहन, दू मितान, हमर देश, कृष्‍ण जन्‍म, बाल निबंध, कथा-कहानी, बहुजन हिताय बहुजन सुखाय, छन्‍नर-छन्‍नर पैरी बाजय।
सीताराम साहू : जन्‍म 17 मार्च 1910 रावण भाठा, रायपुर में, मृत्‍यु 17 अगस्‍त 1962 में, कृतियॉं - काव्‍य संग्रह 'बंजारी धाम', 'डोंहड़ी अउ खोरसी'।
शेष नाथ शर्मा 'शील' : जन्‍म जांजगीर में 14 जनवरी 1914, मृत्‍यु 7 अक्‍टूबर 1997 में, इन्‍होंनें हिन्‍दी, बंगला एवं छत्‍तीसगढ़ी में रचनायें लिखी हैं।
बद्री विशाल परमानन्द : जन्म जुलाई, 1917, मंदिर हसौद के समीप गाँव छतौना (रायपुर जिले में), मृत्यु-11 मई, 1993। प्रसिद्ध गीत  'का तैं मोला मोहनी डार दिये गोंदाफूल'।  संकलन 'पिंवरी लिखे तोर भाग'।
वृजलाल प्रसाद शुक्‍ल : जन्‍म 1 जुलाई 1919 मुंगेली में, कृति - सवैया छंद में खण्‍ड काव्‍य 'किशन कन्‍हैया', 'सबरी सत्‍कार, गीत संग्रह 'चंदा उगे अकास'।
ग.सी. पल्‍लीवार : जन्‍म 13 जुलाई 1925, दैनिक स्‍वदेश में छत्‍तीसगढ़ी परिशिष्‍ठ का संपादन।
जी.एस. रामपत्लीवार : जन्म -21 जुलाई, 1925, बिलासपुर, कृतियॉं - नाटक किसान-बढो किसान', 6 भाग में प्रसारित 'नोंक झोंक' का दैनिक छत्तीसगढ में प्रकाशन: स्वदेश और समवेत शिखर में छत्तीसगढी व्यंग्य का साप्ताहिक कालम।
अमृतलाल दुबे : जन्म-1 अगस्त, 1925 बिलासपुर में,  कृति 'तुलसी के बिरवा जगाय'। 1 अप्रैल, 1980 को 55 वर्ष की आयु में मृत्यु।
नारायणलाल परमार: जन्म 1 जनवरी 1927 गुजरात के कच्‍छ में, मृत्‍यु 26 अप्रैल 2003 में, मूलत: हिन्दी के साहित्यकार किन्‍तु इन्‍होंनें छत्‍तीसगढ़ी में भी कवितायें लिखे हैं जिनमें 'सूरज नई मरै' और 'सोन के माली' नामक कविता संग्रह व एकांकी 'मतवार' प्रमुख हैं।
टिकेन्द्र टिकरिहा : आपका जन्म 1 फरवरी 1927 को वर्तमान बेमेतरा जिले के बेरला तहसील के सिलहट गाँव में हुआ। आपकी  कृतियों में प्रहसन  ‘गंवइहा’, 'साहूकार ले छुटकारा', 'पितर पिंडा', 'सउत के डर', 'नाक में चूना', 'नवा विहान', 'देवार डेरा', ‘पंचायती राज’ आदि हैं।
केयूर भूषण : आपका जन्म 28 फरवरी 1928 को बेमेतरा के पास ग्राम जांता में हुआ, आप छत्‍तीसगढ़ी भाषा के वरिष्‍ठ लेखक हैं, आप सांसद भी रहे हैं। आपकी  कृतियों में नाटक ‘सोन कैना’, गीत संग्रह ‘बनिहार’, उपन्‍यास ‘कुल के मरजाद’, ‘लोक लाज’, ‘समय के बलिहारी’, कहानी संग्रह ‘मोर धान के कटोरा कहॉं बिलागे’ कविता संग्रह ‘लहर’, व्‍यंग्‍य ‘देंवता मन के भुतहा चाल’ जीवन परिचय ‘ममता मयी मां मिनी माता’ आदि हैं।
हेमनाथ यदु : जन्म 1 अप्रैल, 1928, महमई पारा रायपुर; मृत्यु 5 अप्रैल, 1979, कृतियॉं - कविता संग्रह  'बनिहार', 'छत्तीसगढ दर्शन', 'सोन चिरइया', 'छत्तीसगढी रामायण', नवा सुरूज के अगवानी, महामाया महातम्, मन के कल्पना, छत्तीसगढ दरसन, पसर भर अंजोर, सुआ गीत एवं चंदा-चंदैनी (अप्रकाशित छत्तीसगढी उपन्यास)।
पालेश्वर शर्मा : जन्म-1 मई, 1928 जांजगीर में, मृत्‍यु 0000। छत्तीसगढी गद्य और पद्य में समान अधिकार, छत्तीसगढ़ के कृषक जीवन की शब्दावली पर पी-एच.डी. कृतियां-  'सुसुक झन कुररी सुरता ले' (कहानी), 'तिरिया जनम झनि देय' (कहानी), छत्‍तीसगढ़ का इतिहास एवं परम्परा', 'नमस्तेऽस्यु महामाये', 'छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहार', 'डिडनेश्वरी दर्शन', 'सुरुज साखी हे' (छ: कथाएं), 'छत्तीसगढ परिदर्शन' आदि हैं। इन्‍होंनें छत्तीसगढी शब्द कोश का भी निर्माण किया है।
अरूण कुमार सेन : जन्‍म 6 मई 1928 राजिम में, इंदिरा कला संगीत विश्‍वविद्यालय, खैरागढ़ के कुलपति, छत्‍तीसगढ़ी में गीत लिखे हैं।
उमेश शर्मा : जन्‍म 1 जनवरी 1930 रायपुर में, कवि सम्‍मेलनों में छत्‍तीसगढ़ी गीत की प्रस्‍तुति।
भगवती सेन : जन्म- 23 मई, 1930 धमतरी जिले के देमार ग्राम में, मृत्यु 8 अगस्त 1981, कृतियॉं -  'नदिया मरे पियास', 'देख रे आंखी सुन रे कान' इनकी प्रकाशित छत्तीसगढी कविता संग्रह है।
विद्याभूषण मिश्र : जन्म 23 दिसम्बर, 1930 जांजगीर में, कृतियां-  काव्‍य ‘सती सावित्री’, ‘मन का वृंदावन जलता है’,  ‘सुधियों के स्‍वर’, ‘श्री राम भक्‍त हनुमान’,  ‘संवेदनाओं के छलकते घट’, छत्‍तीसगढ़ी गीत ‘फूल भरे अंचरा’, ‘छत्तीसगढी गीत-माला’, सहित लगभग 36 काव्‍य संग्रह प्रकाशित।
रविशंर शुक्‍ल : जन्‍म 1 फरवरी 1931 को दुर्ग में, मृत्‍यु 0000। आप नें चंदैनी गोंदा लोक सांस्‍कृतिक संस्‍था के लिए लोकप्रिय छत्‍तीसगढ़ी गीतों की रचना की।   
विश्‍वम्‍भर यादव मरहा : जन्‍म 6 अप्रैल 1931 ग्राम बघेरा, दुर्ग में, छत्‍तीसगढ़ी कविता के प्रखर कवि, कवि सम्‍मेलन के मंचीय प्रस्‍तुति में महारत।  छत्‍तीसगढ़ी काव्‍य कृति ‘हमर अमर तिरंगा’, ‘मरहा के आंसू’।
पं.दानेश्‍वर शर्मा : आपका जन्‍म 10 मई 1931 को ग्राम मेड़ेसरा, दुर्ग में हुआ। आपनें मूलत: हिन्‍दी एवं छत्‍तीसगढ़ी में लेखन किया है, आप दैनिक भास्‍कर में तीन वर्ष तक ‘लोक दर्शन’ नाम से स्‍तंभ भी लिखा है। आपकी प्रकाशित पुस्‍तकों में ‘छत्‍तीसगढ़ के लोक गीत’, हिन्‍दी गीत संग्रह ‘हर मौसम में गीत लिखूंगा’, ‘गीत-अगीत’, हिन्‍दी खण्‍ड काव्‍य ‘लव-कुश’,  छत्‍तीसगढ़ी कविता संग्रह ‘तपत कुरू भई तपत कुरू’ आदि।
मेहत्‍तर राम साहू : जन्‍म 1 जुलाई 1933, कृतियॉं - कविता संग्रह 'कंउवा लेगे कान', 'होही अंजोर', कहानी संग्रह 'बूड़े म मोती मिलथे', 'हमरेच भीतर सब कुछ हे', एकांकी 'सब परे हे चक्‍कर म' एवं कुछ पौरणिक खण्‍ड काव्‍य आदि।
लखनलाल गुप्‍त :  जन्‍म 1 जुलाई 1933 बिलासपुर में, कृतियां - छत्‍तीसगढ़ी उपन्‍यास 'चंदा अमरित बरसाईस', 'संझौती के बेरा', निबंध संग्रह 'सोन पान', 'गोठ बात', छत्‍तीसगढ़ी बाल साहित्‍य 'हाथी घोड़ा पालकी', आत्‍म कथा 'सुरता के सोन किरन' आदि।
डॉ. प्रभंजय शात्री : जन्‍म 21 जुलाई 1933 ग्राम बीरेझर धमतरी में, कृतियॉं - कविता संग्रह 'बिन भांड़ी के अंगना', 'छत्‍तीसगढ़ी रामायण महाकाव्‍य', खण्‍ड काव्‍य 'अंजनी नंदन', श्रीमद्भागवत गीता का छत्‍तीसगढ़ी अनुवाद सहित लगभग 12 काव्‍य संग्रह।
डॉ. विमल कुमार पाठक : जन्‍म 6 जनवरी 1938 को बिलासपुर में, मृत्‍यु 5 मई 2016 को भिलाई में। कृतियॉं - गंवई गीत, छत्‍तीसगढ़ी गीत आदि।
सालिक राम अग्रवाल 'शलभ' : जन्‍म 6 अप्रैल 1938 कंकालीपारा, रायपुर में, कृतियॉं - शोध ग्रंथ 'कबीर पंथ के उद्भव और विकास', 'श्री राधा पथ चंद्रिका', 'इंदिरा कीर्ति', 'कौमुदी', 'गुरूनानक चालीसा', 'नारद भक्ति सूत्र'।
डॉ. नरेंद्रदेव वर्मा : जन्म 4 नवम्बर, 1939, वर्धा में; मृत्यु 8 सितंबर, 1979, कृतियॉं - शोध ग्रंथ 'छत्तीसगढी भाषा व साहित्य का उद्विकास"। ये कवि, नाटककार , उपन्यासकार, कथाकार , समीक्षक एवं भाषाविद थे। इनका छत्‍तीसगढ़ी गीत संग्रह 'अपूर्वा', सुबह की तलाश (हिन्दी उपन्यास) आदि प्रकाशित ग्रंथ हैं. इनका 'मोला गुरू बनई लेते' छत्तीसगढ प्रहसन अत्यंत लोकप्रिय हुआ था।
डॉ. बलदेव : जन्‍म 27 मई 1942 ग्राम नरियरा जिला चांपा-जांजगीर में, छत्‍तीसगढ़ी साहित्‍य के वरिष्‍ठ अध्‍येता, कृतियॉं – हिन्‍दी उपन्‍यास ‘ढाई आखर’, कहानी संग्रह ‘भगत की सीख’,  समीक्षा ग्रंथ ‘छायावाद और मुकुट धर पाण्‍डेय’, छत्‍तीसगढ़ी कविता संग्रह 'धरती सबके महतारी' सहित अनेक आलोचनात्‍मक और शोध ग्रंथों का लेखन व संपादन।
डॉ. सत्‍यभामा आडिल : जन्‍म 1 जनवरी 1944 ग्रांम पंदर, जिला दुर्ग में, कृतियॉं – काव्‍य संग्रह ‘नि:शब्‍द सृजन’, ‘क्‍वांर की दुपहरी’, ‘काला सूरज’, उपन्‍यास ‘प्रेरणा बिन्‍दु से निर्वेद तट तक’, छत्‍तीसगढ़ी कहानी संकलन 'गोठ', ‘घरखुसरा’, राउतकथा’  व अन्‍य कृतियॉं, इन्‍होंनें छत्‍तीसगढ़ के प्रथम कवि धनी धरमदास पर शोध किया है जो एक महत्‍वपूर्ण प्रकाशन है।
डॉ. निरूपमा शर्मा- जन्म 31 मई 1944 में कवर्धा में; कृतियॉं - 'पतरेंगी', ‘रितु बरनन’, ‘हमर चिन्‍हारी’ छत्‍तीसगढ़ी कविता संग्रह, ‘बूंदो का सागर’ हिन्‍दी कविता संग्रह, ‘विचार के हीरा’ हिन्‍दी-छत्‍तीसगढ़ी चिंतन, ‘इन्‍द्रधनुषी छत्‍तीसगढ़’ निबंध संग्रह। 
संत पवन दीवान : जन्‍म 1 जनवरी 1945 को राजिम के निकट ग्राम किरवई में, कवि सम्‍मेलन मंचों में छत्‍तीसगढ़ी गीतों की प्रस्‍तुति।
श्रीमती संतोष झांझी : जन्‍म 1 अप्रैल 1945, मूलत: हिन्‍दी की लेखिका है इन्‍होंनें छत्‍तीसगढ़ी में कवितायें भी लिखी हैं।
रामेश्वर वैष्णव : जन्म-1 फरवरी, 1946 खरसिया (रायगढ) में, रेडियो, दूरदर्शन आदि में कविताओं का प्रसारण, आपने छत्‍तीसगढ़ी फिल्‍मों के लिए भी गीत लिखे हैं। कृतियॉं-  ‘छत्तीसगढी गीत’, ‘अस्पताल बीमार है’, ‘पत्‍थर की बस्तियॉं’,  ‘गिरगिट के रिश्‍तेदार’ (व्यंग्य), नोनी बेंदरी (छत्तीसगढी हास्य व्यंग्य), छत्तीसगढ महतारी महिमा आदि।
चेतन भारती : आपका जन्‍म 30 मार्च 1946 जोरा तराई धमतरी में हुआ। आपने छत्‍तीसगढ़ी के वरिष्‍ठ लेखक स्‍व.हरिठाकुर की व्‍यक्तित्‍व एवं कृतित्‍व पर अध्‍ययन कर उनपर एकाग्र गद्य ग्रंथ भी लिखा है। आपकी कृतियों में  कविता संग्रह 'अंचरा के पीरा', 'ठोम्‍हा भर घाम' आदि।
बुधराम यादव : जन्‍म 3 मई 1946 ग्राम खैरवार खुर्द, लोरमी जिला बिलासपुर में, सुमधुर कंठ के स्‍वामी, कृतियॉं - काव्‍य संग्रह 'अंचरा के मया', ‘मनुख मोल के रखवारी’,  खण्‍ड काव्‍य 'गांव कहां नंदावत हे' छत्‍तीसगढ़ी सतसई दोहा संग्रह ‘चकमक चिनगारी भरे’ छत्‍तीसगढ़ी दोहा संग्रह ‘अमली आमा नइ फरय’, छत्‍तीसगढ़ी मुहावरा संग्रह ‘हाना मारे ताना’,  हिन्‍दी दोहा संग्रह ‘जीवन के दिन चार’,  हिन्‍दी गीत संग्रह ‘पाने को अमरत्‍व’,  आदि।
डॉ.जीवन यदु 'राही' : आपका जन्‍म 1 फरवरी 1947 को खैरागढ़ में हुआ। आप लोक संस्‍कृति के मर्मज्ञ हैं एवं हिन्‍दी एवं छत्‍तीसगढ़ी में समान रूप से रचनायें रचते हैं। इनकी प्रमुख कृतियों में  हिन्‍दी काव्‍य संकलन ‘झील की मुक्ति के लिए’, गीत संग्रह ‘अनकहा है जो तुम्‍हारा’, निबंध ‘लोक स्‍वप्‍न में लिलिहंसा’,  छत्‍तीसगढ़ी काव्‍य नाटिका 'अइसनेच रात पहाही', गीत संग्रह ‘धान के कटोरा’ सहित छत्‍तीसगढ़ी काव्‍य एवं लोक संस्‍कृति पर पर कुछ आलोचनात्‍मक कृतियॉं व पत्र-पत्रिकाओं में छत्‍तीसगढ़ी गीत प्रकाशित। 
रामप्‍यारा पारकर : जन्‍म 1 अप्रैल 1947 ग्राम बेलौदी, जिला दुर्ग में, कृति - ‘छत्‍तीसगढ़ी सुगम व्‍यकरण’।
डॉ. विनय कुमार पाठक : जन्म-11 जून, 1947, बिलासपुर में। कृतियाँ - छत्तीसगढी लोककथा, छत्तीसगढ़ी साहित्य और साहित्यकार, एक रूख एकेच शाखा, एकादशी अउ अनचिन्हार (काव्य), बृजलाल शुक्ल :व्यक्तित्व-कृतित्व, कपिलनाथ कश्यप: व्यक्तित्व कृतित्व, छत्तीसगढ के स्थाननामों का भाषा वैज्ञानिक अध्ययन आदि।
डॉ. परदेशीराम वर्मा : जन्‍म 18 जुलाई 1947 रायपुर में,  आप हिन्‍दी एवं छत्‍तीसगढ़ी में समान रूप से लेखन कर रहे हैं। आप हिन्‍दी कहानी के चर्चित कथाकार हैं। आपकी पांच कथा संग्रह, एक हिन्‍दी उपन्‍यास ‘प्रस्‍थान’, एक छत्‍तीसगढ़ी उपन्‍यास ‘आवा’, एक छत्‍तीसगढ़ी कथा संग्रह, नौ खण्‍डों में संस्‍मरण, छत्‍तीसगढ़ी नाटक ‘मैं बइला नो हंव’ सहित लगातार पत्र-पत्रिकाओं में हिन्‍दी एवं छत्‍तीसगढ़ी में रचनायें प्रकाशित हो रही हैं।
रघुवीर अग्रवाल "पथिक' : जन्म 4 अगस्त, 1947 को दुर्ग के मोहभट्ठा गाँव में, कृतियॉं – हिन्‍दी-छत्‍तीसगढ़ी काव्‍य संकलन 'जले रक्त से दीप', छत्‍तीसगढ़ी काव्‍य संग्रह ‘उजियारा बगरावत चल’। आप छत्‍तीसगढ़ी काव्‍य में चार पद के ‘चरगोडि़या’ लेखन के लिए प्रसिद्ध हैं।
संतोष कुमार चौबे : जन्‍म 1 जुलाई 1948, मारो जिला मुंगेली में, कृतियॉं – छत्‍तीसगढ़ी उपन्‍यास ‘भाग जबर करनी म दिखथे’,  कहानी संग्रह ‘डहरचला’।  इन्‍होंनें कुछ हिन्‍दी उपन्‍यास भी लिखे हैं।
डॉ. चित्त रंजन कर : जन्म-19 जुलाई, 1948, पैंकिन (सराईपाली), कृतियॉं - भाषा विज्ञान पर 8, साहित्य समीक्षा/सम्पादन पर 10 पुस्तकें, शोध पत्र -38, समीक्षाएं आदि प्रकाशित हैं। जिसमें से ‘छत्‍तीसगढ़ के अभिलेखों का नाम वैज्ञानिक अनुशीलन’, ‘छत्‍तीसगढ़ के गांधी पं.सुन्‍दर लाल’, ‘छत्‍तीसगढ़ की व्‍याकरणिक कोटिंयां’,  ‘छत्‍तीसगढ़ी गज़ल और मुकुंद कौशल’, ‘छत्‍तीसगढ़ी दान लीला एक समीक्षा’,  ‘छत्‍तीसगढ़ी भाषा- स्‍वरूप और संभावना’ एवं ‘बोलचाल की छत्‍तीसगढ़ी’ आदि प्रमुख हैं।
मंगत रविन्‍द्र : जन्‍म 4 अप्रैल 1949 जांजगीर तहसील में, इनकी कृतियों में 'नवरात्रि गीत', कथा संग्रह 'गुल डीढहा', प्रभात सागर, कंचन पान, दोहा मुजूषा, सदगुरू चालिसा, सुगंध धारा, चमेली डारा, छत्‍तीसगढ़ी व्‍याकरण आदि प्रमुख हैं।
लक्ष्मण मस्तुरिया : जन्म-7 जून, 1949 को मस्तुरी (बिलासपुर में); 'मोर संग चलव रे', मैं छत्तीसगढिया अंव रे, आदि लोकप्रिय गीतों की रचना। कृतियॉं - काव्‍य संग्रह 'हमू बेटा भूंइया के,  गंवई गंगा, खण्‍ड काव्‍य 'माटी' 'सोनाखान के आगी', निबंध संग्रह 'माटी कहे कुम्‍हार से' गीत संग्रह घुनही बंसुरिया आदि।
रामेश्‍वर शर्मा : जन्‍म बढ़ई पारा रायपुर में 12 मार्च 1950 को, छत्‍तीसगढ़ी फिल्‍मों में गीत लेखन, एक कविता संग्रह प्रकाशित।
डॉ. दादू लाल जोशी ‘फरहद’ : जन्‍म 1 जनवरी 1951 ग्राम फरहद जिला राजनांदगांव।  कृतियॉं – हिन्‍दी कविता संग्रह ‘कांटे बंबूल के’,  ‘आनी बानी’ चौदह भारतीय भाषाओं की कविताओं का अनुवाद। कई स्‍थानीय पत्रिकाओं का संपादन।
संतराम साहू : जन्‍म 1 जनवरी 1951 में भाठापारा में हुआ था। इनकी लगभग 17 किताबें प्रकाशित हैं जिसमें 'लोरिक चंदा', 'ढोला मारू', 'काम कंदला', 'राजिम माता', कहानी संग्रह 'घुरूवा के आगी', 'एक मुठा माटी', कविता संग्रह 'सिल्‍हाए सीला' आदि प्रमुख हैं।
सैयद अय्यूब अली मीर (मीर अली मीर) : जन्‍म 15 मार्च 1953 कबीरधाम में, आप छत्‍तीसगढ़ी गीतों के प्रसिद्ध सुमधुर कवि हैं। आप अपनी कविता ‘नंदा जाही का रे’ के नाम से जाने पहचाने जाते हैं। आपकी एक छत्‍तीसगढ़ी कविता संग्रह ‘नंदा जाही का रे’  प्रकाशित है इसके अतिरिक्‍त आप हिन्‍दी एवं उर्दू में भी लिखते हैं।
रविन्‍द्र कंचन : जन्‍म रायगढ़ जिला के घरघोड़ा में 23 मार्च 1953 में, मृत्‍यु 10 मार्च 2001, इनकी कविताओं का संग्रह नंदकिशोर तिवारी नें 'कंचन जइसे बन रे कंचन' प्रकाशित करवाया है।
डॉ. राम नारायण पटेल : जन्‍म 1 जून 1955 रायगढ़ में, कृतियॉं - छत्‍तीसगढ़ी काव्‍य संकलन का संपादन, दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय में प्राध्‍यापक।
डॉ.पीसी लाल यादव : जन्‍म 9 जुलाई 1955 टिकरी परा गंडई में, दुध मोंगरा लोक मंच के निदेशक, कृतियॉं – गीत संकलन ‘प्रेम गीत’, ‘गांधी गीत’, छत्‍तीसगढ़ी गीत संग्रह ‘मोर गांव के कोरा’,  छत्‍तीसगढ़ी संस्‍कार गीत ‘सुरता के सुंतरी’, छत्‍तीसगढ़ी बाल गीत संग्रह 'सरग निसेनी' सहित छत्‍तीसगढ़ी लोक गाथाओं एवं संस्‍कृति पर हिन्‍दी में अनेक ग्रंथ प्रकाशित, छत्‍तीसगढ़ी लोक गाथाओं के अनुपम संग्रहकर्ता।
सुशील यदु : 10 जनवरी 1956 में जन्‍म, यदु जी नें छत्‍तीसगढ़ी के कई साहित्‍यकारों की रचनाओं का संग्रह प्रकाशित कराया है जिनमें हेमनाथ यदु, बनफुलवा, बगरे मोती, हपट परे त हर गंगा,
बद्री विशाल परमांनंद - पिंवरी लिखे तोर भाग आदि, उधो राम झकमार - ररूहा सपनाए दार भात आदि है। इनकी कृतियों में लोकरंग भाग 1, 2, 3, व्‍यंग्‍य संग्रह 'घोलघोला बिना मंगलू नई नांचय' प्रसिद्ध है।
डॉ. देवधर महंत : जन्म-23 अप्रैल, 1956, ग्राम झरना, बाराद्वार चांपा के पास। कृतियॉं -  कविता संग्रह 'बेलपान', ‘टेंडा अस मथिया नवाबो’, 'अरपा नदिया', जीवनी ‘स्‍वराज प्रसाद द्विवेदी होने का अर्थ’, सम्पादित 'पुन्‍नी के पांखी' आदि।
कुबेर : जन्‍म 16 जून 1956 ग्राम भोढि़या, राजनांदगांव में। आप शिक्षक हैं एवं आपने प्रसिद्ध अंग्रेजी कहानियों का छत्‍तीसगढ़ी में अनुवाद किया है। आपकी कृतियों में व्‍यंग्‍य संग्रह ‘माइक्रो कविता और दसवां रस’, छत्‍तीसगढ़ी कहानी संग्रह ‘उजाले की नीयत’,  छत्‍तीसगढ़ी कहानी संग्रह ‘कहा नहीं’, ‘छत्‍तीसगढ़ी कथा-कंथली’ आदि चर्चित हैं।
अरूण कुमार निगम : जन्म 04 अगस्त 1956, दुर्ग में, आप छत्‍तीसगढ़ के जनकवि स्व. कोदूराम दलित जी के सुपुत्र हैं।  आपने छत्‍तीसगढ़ी काव्‍य में छंद प्रयोग कर लोक भाषा के साहित्‍य का गौरव बढ़ाया है।  आपकी छत्‍तीसगढ़ी कृति ‘छंद के छ’  में कई प्रमुख छंद संग्रहित हैं जिसमें आपने उन छंदों के सैद्धांतिक पक्षों को स्‍पष्‍ट किया है। आपकी हिन्‍दी काव्‍य संग्रह ‘शब्द गठरिया बाँध’, ‘चैत की चंदनिया’ आदि हैं।
हफीज कुरैशी : जन्‍म 3 मई 1958 में अकलतरा जिला जांजगीर-चांपा में हुआ, इनकी प्रसिद्ध कृति काव्‍य संग्रह 'अंतस के आगी' है।
बंधु राजेश्‍वर राव खरे : इनका जन्‍म 7 अप्रैल 1959 खम्‍हारगुड़ा, तुमगांव जिला महासमुंद में हुआ। आप समाखर पत्रों में ‘गुरतुर-चुरपुर’ नाम से स्‍तंभ लिखते थे। कविता संग्रह ‘खंतिहा बर खरी अउ बइठांगुर बर बरी’ एवं छत्‍तीसगढ़ी पारंपरिक लोक कहानियों का संकलन आपकी प्रकाशित छत्‍तीसगढ़ी कृतियॉं हैं।
रमेश विश्‍वहार : जन्‍म 6 जून 1960 ग्राम दैजा बिलासपुर में, सुमधुर छत्‍तीसगढ़ी गीत के सर्जक, छंद साधक।
कामेश्‍वर पाण्‍डेय : आपका जन्‍म 19 जनवरी 1961 में बिलासपुर में हुआ। आप हिन्‍दी के साथ ही छत्‍तीसगढ़ी में उत्‍कृष्‍ट रचनाओं के लेखक हैं। आपने छत्‍तीसगढ़ी में सर्वश्रेष्‍ठ उपन्‍यास ‘तुंहर जाए ले गिंया’ लिखा है इसके अतिरिक्‍त ‘जुराव’ भी आपका छत्‍तीसगढ़ी उपन्‍यास है। हिन्‍दी में आपकी ‘बिपत’ नाम से एक उपन्‍यास एवं कहानी संग्रह प्रकाशित है।
सुशील भोले : जन्‍म 2 जुलाई 1961 नगर गांव, रायपुर में, छत्‍तीसगढ़ी पत्रिका 'माटी' के संपादन, कृतियॉं - कविता संग्रह 'छितका कुरिया', 'दरस के साध', 'जिनगी के रंग' आदि।
चंद्र कुमार चंद्राकर : जन्‍म 23 जनवरी 1962, ग्राम चौरेल जिला दुर्ग में। आप छत्‍तीसगढ़ी भाषा एवं व्‍यकरण के विद्वान हैं। आपकी कृतियॉं ‘वृहद छत्‍तीसगढ़ी शब्‍दकोश’, ‘छत्‍तीसगढ़ी कहावतें एवं लोकोक्तियां’, ‘छत्‍तीसगढ़ की वर्तनी’, ‘छत्‍तीसगढ़ी मुहावरा कोश’, ‘मानक छत्‍तीसगढ़ी व्‍याकरण’ आदि हैं।
डॉ. श्रीमती अनसूया अग्रवाल : आपका जन्‍म 5 जून 1962 में हुआ, आप महासमुन्‍द महाविद्यालय में प्राध्‍यापक हैं। आपने ‘कहावतों की कहानियॉं’, ‘छत्‍तीसगढ़ के जीज त्‍यौहार’, ‘छत्‍तीसगढ़ के लोक साहित्‍य’ एवं ‘छत्‍तीसगढ़ी लोकोक्तियॉं एवं जनजीवन’ नामक किताबें लिखी हैं।
नरेन्‍द्र वर्मा : जन्‍म 1 जुलाई 1962 भाठापारा में, कृतियॉं - छत्‍तीसगढ़ी हाईकू 'आज के गोठ', 'आनी बानी के गोठ', इन्‍होंनें छत्‍तीसगढ़ से संबंधित समस्‍त प्रकाशित ग्रंथों की जानकारी 'थरहा' में इकत्र किया है।
राम नाथ साहू : जन्‍म 26 मई 1963 ग्राम देवघटा जिला जांजगीर-चांपा में, कृतियॉं - कविता सग्रह 'राजा मांगत हे सपना के हिसाब', नाटक 'जागे जागे सुतिहा हो', उपन्‍यास 'कका के घर', 'भुइंया' आदि।
डॉ. सुधीर शर्मा : जन्म-26 दिसम्बर, 1964 रायपुर, कृति- छत्तीसगढ का सांस्कृतिक पुरावैभव (लेखन एवं सम्पादन), छत्तीसगढी व्याकरणिक कोटियाँ, छत्तीसगढ दर्शन आदि। राष्ट्रीय स्तर की शोध पत्रिका 'शोध-प्रकल्प' का सम्पादन।
नारायण बरेठ : जन्‍म 4 मई1966 अकलतरा जिला जांजगीर-चांपा में, छत्‍तीसगढ़ी हास्‍य व्‍यंग्‍य का प्रतिनिधि संग्रह 'कागज म कुवा'।
डॉ. सोमनाथ यादव : जन्‍म 9 अप्रैल 1968, जूना बिलासपुर में, कृतियॉं ‘छत्‍तीसगढ़ी हिन्‍दी शब्‍दकोश’, ‘छत्‍तीसगढ़ के लोक संगीत’, ‘छत्‍तीसगढ़ की लोक कथायें’ सहित दर्जनो ग्रंथ। इन्‍होंनें बाल कहानियॉं भी लिखी हैं।
उधोराम 'झखमार' : जन्म -12 नवम्बर, 1935; मृत्यु 19 मार्च, 1993 में पांडुका ग्राम में; कृतियॉं -  कौमी एकता, भूत पुरान आदि।
पुरूषोत्‍तम अनाशक्‍त : जन्‍म 20 फरवरी 1935, मृत्‍यु 8 फरवरी 1996, कृतियॉं - 'भोंदू पुरान', 'श्रीमती के पिचकारी', चंदैनी के मांग म फागुन आदि।
दुर्गा प्रसाद पारकर : जन्‍म नगपुरा के पास ग्राम बेलौदी में 1 मई 1961 को, कृतियॉं - काव्‍य संग्रह 'सिधवा झन समझ',  ‘चिन्‍हारी’, ‘जस जेंवारा’, ‘मया पीरा के संगवारी- सुआ’, लोक नाट्य ‘शिवनाथ’। इन्‍होंनें त्रैमासिक छत्‍तीसगढ़ी पत्रिका ‘छत्‍तीस लोक’ एवं ‘लोक मंजरी’ का संपादन भी किया और समाचार पत्रों में नियमित कालम भी लिखते रहे हैं। 
हरि ठाकुर : जन्म रायपुर में 16 अगस्त, 1926, मृत्यु 3 दिसम्बर 2001, रायपुर के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी स्व. ठाकुर प्यारेलाल के पत्र; रचनाएं- ‘सुरता के चंदन', ‘छत्तीसगढी गीत अउ कविता’, ‘छत्तीसगढ के रत्न’, ‘जय छत्तीसगढ’, ‘सुरता के चंदन’, ‘छत्तीसगढ के इतिहास पुरुष : शहीद वीर नारायण सिंह’ (खण्ड काव्य), आदि। छत्तीसगढ शासन द्वारा वर्ष 2001 में पं. सुन्दरलाल शर्मा सम्मान इन्‍हें दिया गया था।
मन्‍नी लाल कटकवार : जन्‍म 23 अगस्‍त 1923, मृत्‍यु 14 फरवरी 2004, कृति - खण्‍डकाव्‍य 'लीलागर', 'नगेसर कइना'।
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