भाजपा ने की थी बॉयकाट की अपील, लोगों ने उसी दुकान से खूब की खरीदारी

भारतीय जनता पार्टी की अपील पर लोगों ने ध्यान नहीं दिया. इसे यूं भी कह सकते हैं कि भाजपा की अपील का असर उल्टा हुआ और जिस दुकान के बहिष्कार करने को भाजपा ने लोगों से किया था उस दुकान की बिक्री आसमान पर पहुंच गई है. तमिलनाडु के कोयम्बटूर में एक कपड़े के शोरूम की अचानक बिक्री बढ़ गई. यह बिक्री भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उसके स्टोर का बहिष्कार करने के आह्वान के बाद बढ़ी. दरअसल स्टोर के मालिक पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप था. जिसके बाद भाजपा नेता ने दिवाली को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया पर एक ट्वीट कर इस स्टोर के बॉयकाट करने को कहा था. भाजपा नेता ने सभी हिंदुओं से कहा था कि वे इस स्टोर से इस दिवाली समान न खरीदें. जिसके बाद इस स्टोर के कारोबार में अचानक उछाल आ गई.

हालांकि शोरूम के मालिक के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है. दरअसल स्टोर के मालिक वी करप्पन पेरियार ईवी रामासामी की तर्कवादी विचारधारा के कट्टर अनुयायी हैं. करप्पन ने बुनाई पर दो पुस्तक भी लिखीं हैं – कैथरी कलंजियाम (हैंडलूम इनसाइक्लोपीडिया) और कैथरी नेसावु (हैंडलूम वीविंग), दोनों को लगभग तीन साल पहले जारी किया गया था. पिछले महीने, पेरियारवादी संगठन, द्रविड़ इयाक्का तामिझर पेरवाई के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, करप्पन ने कथित रूप से हिंदू देवताओं के खिलाफ कुछ आपत्तीजनक टिप्पणी की थी. इस आयोजन की एक वीडियो रिकॉर्डिंग वायरल हुई, जिसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एच राजा ने हिंदुओं से सिरुमुगई में करप्पन सिल्क्स को बंद करने का आग्रह किया.

करप्पन का कहना है कि विवाद ने वास्तव में उनकी बिक्री को बढ़ाया है. करप्पन ने कहा कि रोजाना मैं पहले कुछ हजार रुपए का कारोबार कर रहा था. लेकिन अब यह बढ़कर लाख हो गया है. मैंने पहले ही अपने भाषण के लिए माफी मांगी थी. हम किसी धर्म या जाति और पार्टी के खिलाफ नहीं हैं. मैंने अपनी पुस्तक में भाजपा की भी प्रशंसा की है, जो बुनाई और बुनकर समुदाय के बारे में थी. वैसे भी, मैं राजा को उनके ट्वीट के लिए धन्यवाद देता हूं. यूं उनके खिलाफ मामला भी दर्ज़ किया गया है. इस बात कि जानकारी पुलिस ने दी.

भाजपा और हिंदू मुनानी की शिकायतों के आधार पर करप्पन के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है. उस पर भारतीय दंड संहिता की धाराएं 505 (1) (बी) और 295 (ए) लगाई गई हैं. दोनों धाराएं लोगों के बीच भय पैदा करने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबद्ध हैं. करप्पन ने कुछ दिन पहले द्रविदार लयक्का तमिलदार पेरावई की एक जनसभा में भगवान कृष्ण और भगवान अति वरदार के बारे में अनुचित टिप्पणी की थी. इस बीच, करप्पन ने अपनी टिप्पणियों को लेकर माफी मांगी है और माफी मांगते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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