एमटीएनएल और बीएसएनएल का होगा विलय

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सरकार ने लोगों के हित के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। एमटीएनएल और बीएसएनएल के पुनरुत्थान पैकेज के तहत भी दोनों कंपनियों के विलय का फैसला लिया गया है। दोनों कंपनियों की मजबूती के लिए  सरकार 29,937 करोड़ रुपए खर्च करेगी। 15 हजार करोड़ रुपए सॉवरेन बॉन्ड के जरिए जुटाए जाएंगे। अगले चार साल में 38,000 करोड़ रुपये की संपत्ति की बिक्री या उसे पट्टे पर दिया जाएगा। 

मोदी सरकार ने दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों में रह रहे 40 लाख लोगों को दीवाली से पहले बड़ा तोहफा दिया है । सरकार ने कहा है कि वो इन लोगों को उनकी जमीन पर मालिकाना अधिकार देगी । सरकार इसके लिए संसद के शीत सत्र में बिल पेश करेगी । 

आर्थिक संकट से जूझ रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी एमटीएनएल का बीएसएनएल की मजबूती के लिए  सरकार ने बड़ा फैसला लिया है ।  

एमटीएनएल और बीएसएनएल के पुनरुत्थान पैकेज के तहत बुधवार को दोनों कंपनियों के विलय का फैसला लिया गया । दोनों कंपनियों की मजबूती के लिए  सरकार 29,937 करोड़ रुपए खर्च करेगी। 15 हजार करोड़ रुपए सॉवरेन बॉन्ड के जरिए जुटाए जाएंगे। अगले चार साल में 38,000 करोड़ रुपये की संपत्ति की बिक्री या उसे पट्टे पर दिया जाएगा। कर्मचारियों के लिए वीआरएस की योजना भी लायी गयी  है।  सरकार जल्द ही एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय भी करेगी ।

सरकार का कहना है कि न तो दोनों कंपनियों को बेचा जा रहा है न बंद किया जा रहा है बल्कि प्रतिस्पर्धात्मक बनाया जा रहा है । इन फैसलों से दो साल में ये कंपनी मजबूत हो जाएंगी । 

 

 



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