करतारपुर कॉरिडोर समझौते पर आज होंगे हस्ताक्षर

करतारपुर साहिब जाने बाले श्रद्धालुओं के लिये आज का दिन बेहद खास होने जा रहा है। भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर गलियारा खोलने और श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू करने को लेकर आज समझौते पर हस्ताक्षर होगें, जिसके बाद भारतीय श्रद्धालुओं का पाकिस्तान जाने का रास्ता साफ हो सकेगा। हालांकि भारत ने श्रद्धालुओं पर शुल्क लगाने के पाकिस्तान के फैसले का विरोध किया है।

गलियारा शुरू करने के समझौते के तुरंत बाद एक वेब पोर्टल भी शुरू होने की उम्मीद है, जिसके जरिए श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित बाबा दरबार साहिब जाने के लिए श्रद्धालुओं के पास पासपोर्ट होना चाहिए. हालांकि इस पर वीज़ा लगाने की जरूरत नहीं रहेगी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 9 नवंबर को डेरा बाबा नानक सीमा पर गलियारे का उद्घाटन करेंगे।  साथ ही वे पहले जत्थे को झंडी दिखाकर रवाना भी करेंगे । 

एक तरफ़ देश- विदेश में बाबा गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाशोत्सव पर कई आयोजन हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर करतारपुर गलियारे को लेकर भी बड़ी ख़बर आई है । गुरुवार को भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर गलियारा खोलने और श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू करने को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे  कार्यक्रम की तैयारियों के लिए गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारी पहले ही पहुंच चुके हैं ।

समझौते से पहले हालांकि भारत ने पाकिस्तान की ओर से प्रति श्रद्धालु 20 डॉलर का शुल्क लगाने के फैसले को लेकर उनसे पुनर्विचार करने के लिए कहा है ।  हालांकि इस कॉरिडोर की अहमियत के मद्देनजर फिलहाल मौजूदा सहमतियों के साथ आगे बढ़ने का फैसला भी किया गया है । 

दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल नवंबर में  देश भर में और पूरे विश्व में सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देवजी की 550वीं जयंती अगले वर्ष शानदार तरीके से मनाने की मंजूरी दी थी. मंत्रिमंडल ने गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक करतारपुर गलियारे के निर्माण और उसके विकास को मंजूरी दी ताकि भारत से तीर्थ यात्री आसानी से पाकिस्तान में रावी नदी के तट पर स्थित गुरूद्वारा दरबार साहिब, करतारपुर जा सकें, जहां गुरुनानक देवजी ने अपने जीवन के 18 वर्ष बिताए थे।

पाकिस्तान के साथ बनी सहमति के मुताबिक रोज़ 5000 तक श्रद्धालु दरबार साहिब के दर्शन कर सकेंग ।  यात्रियों की सुविधा के लिए भारत की तरफ़ भव्य पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण हुआ है ।  ये डेढ़ लाख वर्ग फीट में बना है जबकि पूरा निर्माण कार्य ढ़ाई लाख वर्ग फीट में हुआ है । आधुनिक सुरक्षा, आव्रजन और अन्य सुविधाओं से युक्त 3डी डिजाइन वाली पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग एक ग्रीन बिल्डिंग भी है । भारत - पाकिस्तान सीमा पर जहाँ  ये बिल्डिंग बनी है, वो गुरदासपुर अमृतसर 

 डेरा बाबा नानक से सटी भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन पर लैंड पोर्ट अथॉरिटी के प्रोजैक्ट कॉरीडोर शुरू होने के दिए मुख्य स्थान पर 300 फुट ऊंचा तिरंगा झंडा भी फहराने का फैसला हुआ है.। 

गलियारे और पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण करने वाली एजेंसी लैंड  पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक 31 अक्टूबर तक सारे निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे. सबसे बड़ी बात यह है कि गलियारे के बनने से अब तीर्थ यात्री पूरे वर्ष इस पवित्र गुरुद्वारे में जा सकेंगे।

 



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