लोक रंग अर्जुन्दा के कलाकारों का रंगारंग कार्यक्रम : विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ के संस्कृति को जानने का मिला अवसर

Chhattisgarhi Kal Sanskruti
राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के परिसर बी.टी.आई. मैदान शंकर नगर में 46वीं जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान, गणित एवं पर्यावरण प्रदर्शनी के चतुर्थ दिवस की संध्या में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम आज संस्कृति विभाग के सौजन्य से अर्जुन्दा के लोकरंग के नाम रहा। रंगारंग कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ की संस्कृति को जानने का अवसर प्राप्त हुआ। 
    लोक रंग के कलाकारों द्वारा छत्तीसगढ़ की माटी की सुगंध लिए धान का कटोरा पर नृत्य से कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए अरपा पैरी के धार, इत्ता-इत्ता पानी, हिन्दुस्तान जिन्दाबाद, मां तुझे सलाम, मेरे देश की धरती, हिन्दी और छत्तीसगढ़ी जिसमें तोर गांव के धुर्रा माटी चंदन कस लागत हे, ये देश है वीर जवानों का, वंदे मातरम सुजलाम सुफलाम, हिन्दी और छत्तीसगढ़ी के विभिन्न गांवों पर आकर्षक प्रस्तुति दी। 
    नृत्य के बीच में ही नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। जिसमें आदर्श एवं निर्मल गांव बनाने का संदेश दिया गया। पूरे नृत्य और नृत्य नाटिका के माध्यम से पर्यावरण की रक्षा करने, भक्ति की भावना जागृत करने का संदेश दिया गया। इस प्रकार से अनेक शिक्षाप्रद प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत किए। दर्शक पूरे समय मंत्र-मुग्ध रहे। 
    राष्ट्रीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी के 5वें दिन 19 अक्टूबर को प्रातः 9 बजे से व्याख्यान का कार्यक्रम होगा और दोपहर 2.30 बजे समापन समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। 

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