महाराष्ट्र में नंबरों का खेलः हमारे पास 162 हैं, तुम्हारे पास कितने हैं

महाराष्ट्र की सियासत में नंबरों का खेल चल रहा है. विधायकों को अपने पाले में करने की कवायद में सारे दल जुटे हैं. सभी सियासी दल अभी नंबर-नंबर खेल रहे हैं और विधायक होटल-होटल. नंबरों के इसी खेल को सार्वजनिक करते हुए राकांपा, कांग्रेस और शिवसेना ने अपने विधायकों की परेड कराई और मीडिया के सामने कहा- हमारे पास 162 हैं, उनके पास कितने हैं. दरअसल नंबरों के इस खेल को मुंबई के एक पांच सितारा होटल में अंजाम दिया गया. सब कुछ नाटकीय. सियासत का यह रंग भी कभी देखने को मिलेगा, किसने सोचा था भला. एक पार्टी रात के अंधेरे में जोड़-घटाव कर केंद्र में अपनी सत्ता का गलत इस्तेमाल करती है और सुबह आठ बजे अपना मुख्यमंत्री बना कर लोकतंत्र का मखौल उड़ाती है तो दूसरे दल नंबरों के खेल में उससे पीछे नहीं रहते.

शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने सोमवार की शाम अपने 162 विधायकों की परेड कराई. शिवसेना नेता संजय राउत ने ट्वीट कर राज्य के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से अपील की कि तीनों दलों के विधायकों की परेड को वे देखें. राउत ने राज्यपाल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल को टैग करते हुए लिखा कि हम सब एक हैं और साथ हैं, हमारे 162 विधायकों को पहली बार शाम सात बजे ग्रांड हयात में देखिए, महाराष्ट्र के राज्यपाल खुद आएं और देखें. लेकिन राज्यपाल होटल क्यों आते और क्यों देखते. वैसे चैनलों पर सारा खेल दिखाया जा रहा था और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने इस तमाशे को नहीं देखा होगा, यह तो हो ही नहीं सकता. सिर्फ राज्यपाल ही क्यों, भाजपा और इकलौते बचे अजित पवार भी सारा तामझाम चैनलों पर देख रहे होंगे.

कार्यक्रम में सभी विधायकों ने भाजपा के किसी भी प्रलोभन के सामने नहीं झुकने का संकल्प लिया. एनसीपी विधायक धनंजय मुंडे के मुताबिक इस परेड कार्यक्रम में तीनों दलों के 162 विधायक मौजूद थे. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने इकट्ठा विधायकों से कहा कि वे निजी तौर पर सुनिश्चित करेंगे कि महाराष्ट्र विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान भाजपा के खिलाफ वोटिंग करने पर किसी की भी सदस्यता ना जाए. पवार मुंबई में पांच सितारा होटल में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के महा विकास आघाडी गठजोड़ के विधायकों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे.

एनसीपी प्रमुख ने कहा कि भाजपा ने गोवा और अन्य राज्यों में सत्ता बनाने के लिए असंवैधानिक तरीके अपनाए. पवार ने कहा कि महाराष्ट्र, गोवा नहीं है और यह समय उन्हें सबक सिखाने का है. पवार ने कहा कि गलत सूचना फैलायी जा रही है कि अजित पवार एनसीपी के विधायक दल के नेता हैं, जो सभी (एनसीपी) विधायकों को (शक्ति परीक्षण में) भाजपा को वोट करने के लिए व्हिप जारी करेंगे. एनसीपी प्रमुख ने कहा कि उन्होंने कई संविधान विशेषज्ञों और कानून विशेषज्ञों से विचार-विमर्श किया है और पूर्व के मुद्दों पर भी गौर किया है. पवार ने कहा कि मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि अजित पवार जिन्हें उनके (सरकार गठन के लिए भाजपा से हाथ मिलाने के कारण एनसीपी विधायक दल के नेता) पद से हटा दिया गया है, उनके पास विधायकों को व्हिप जारी करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है.

परोक्ष तौर पर भाजपा का हवाला देते हुए पवार ने कहा कि मैं निजी तौर पर जिम्मेदारी लेता हूं कि सदन से आपकी सदस्यता निरस्त नहीं होगी. अवैध तरीके से सत्ता पर कब्जा करने वालों को अब हटना होगा. कार्यक्रम में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा से महाराष्ट्र में शासन के लिए शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठजोड़ के वास्ते रास्ता खाली करने को कहा. परेड में मौजूद विधायकों से कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि हमारे पास केवल 162 नहीं बल्कि 162 से ज्यादा विधायक हैं. हम सब सरकार का हिस्सा होंगे. भाजपा को रोकने के लिए इस गठबंधन की अनुमति देने के लिए मैं सोनिया गांधी का शुक्रिया अदा करता हूं. उन्होंने कहा कि राज्यपाल को सरकार बनाने के लिए हमें आमंत्रित करना चाहिए.

इस बीच भाजपा ने शिवसेना-राकांपा और कांग्रेस के विधायकों की यहां परेड कराकर किए गए संयुक्त शक्ति प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा के पटल पर उनकी पार्टी ही आखिरी जीत दर्ज करेगी. भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आशीष शेलार ने शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी)-कांग्रेस द्वारा इस तरह की परेड कराने के लिए आलोचना करते हुए इसे राज्य के लोगों और लोकतंत्र के साथ क्रूर मजाक करार दिया. उन्होंने कहा कि उनकी (शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस) तस्वीर हो सकती है, ताकत दिखाने के लिए अपने फोटोग्राफर हो सकते हैं, लेकिन यह भाजपा है जो अंतिम समय में देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के नेतृत्व में जीत दर्ज करेगी. एनसीपी विधायक जितेन्द्र अव्हाड ने शेलार पर पलटवार करते हुए कहा कि हम किसी बचकानी हरकत में लिप्त नहीं हैं, लेकिन (शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस) का गठबंधन बड़ों के आशीर्वाद के साथ आम सहमति से हुई एक शादी है.

बहरहाल नंबरों का यह खेल भले होटल में 162 पार कर गया हो लेकिन असली परीक्षा तो सदन में ही होगा. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सबकी नजर रहेगी. सोमवार को दलीलें दी गईं. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. लेकिन कोर्ट ने बीच-बीच में जिस तरह की टिप्पणी की उससे लगता है कि अदालत दो दिनों के अंदर नई सरकार को बहुमत साबित करने को कह सकती है. अब देखना यह है कि कोर्ट क्या फैसला सुनाता है. इस बीच एसीबी ने जिस तरह आनन-फानन सिंचाई घोटाले से जुड़े मामलों को बंद करने की बात कही, कई सवाल और उठ खड़े हुए. हालांकि एसीबी ने इन सवालों को खारिज कर दियाहै लेकिन अजित पवार की आलोचना करने वाले कहते हैं कि अपने खिलाफ आपराधिक मामलों से बचने के लिए ही वे भाजपा के साथ गए हैं. एसीबी के नोटिफिकेशन के मुताबिक जिन नौ मामलों को बंद किया गया है वे विदर्भ क्षेत्र के वाशिम, यवतमाल, अमरावति और बुलढाणा की सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े हैं. लेकिन एसीबी जितनी सफाई दे, उसकी नीयत पर सवाल तो उठेंगे ही. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



Post a Comment

0 Comments