ऑस्ट्रेलिया के जंगल में लगी भीषण आग, 3 लोगों की मौत और 4 लापता

ऑस्ट्रेलिया के जंगल में लगी भीषण आग में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है और चार अन्य लोग लापता हैं. शनिवार को आग लगने के कारण आपातकाल के दूसरे दिन अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है.
प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने बताया कि इस समय क़रीब 100 जगह पर आग लगी हुई है और इससे निपटने में मदद के लिए सेना, 1,300 दमकल ​कर्मियों को बुला सकती है. क्वींसलैंड और न्यू साउथ वेल्स के प्रभावित इलाक़ों में सैकड़ों नागरिक भी मदद के काम में लगे हुए हैं.
मोरिसन ने बताया, “जान गंवाने वाले या अपने परिवार के किसी सदस्य को खोने वाले लोगों के प्रति मैं दुख व्यक्त करता हूं.”
क्वींसलैंड में हज़ारों लोगों ने ख़ाली शिविरों में रात बिताई. हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि ये अब घर जा सकते हैं. इस बीच न्यू साउथ वेल्स के दमकल अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आग लगने के कारण 150 से अधिक घरों को नुक़सान पहुंचा है.
तेज़ हवा और 35 डिग्री सेल्सियस तापमान ने आग भड़काने का काम किया. जहां आग लगी है, उनमें से कई जगह सूखा प्रभावित क्षेत्रों में स्थित है.
कौन प्रभावित हुए हैं?
शुक्रवार को प्रभावित इलाक़ों की सफ़ाई के दौरान, दमकल कर्मचारी ने सिड​नी के उत्तर में लगभग 550 किलोमीटर (340 मील) दूर ग्लेन इन के नज़दीक कार से एक व्यक्ति का शव बरामद किया जो जल गए थे.
उसी शहर में उसी दिन एक महिला मिली जो गंभीर रूप से झुलस गई थीं. उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया.
सिडनी से क़रीब 300 किलोमीटर दूर एक शहर तारी के नज़दीक एक घर से एक जला हुआ शव बरामद किया गया जिसके बाद न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने शनिवार को तीसरे व्यक्ति के मारे जाने की पुष्टि की.
पुलिस ने बताया कि वह घर 63 साल की एक महिला का था लेकिन जब तक पोस्टमॉर्टम नहीं हो जाता, तब तक वे पहचान की पुष्टि नहीं कर पाएंगे.
नया क्या है?
न्यू साउथ वेल्स ग्रामीण के दमकल सेवा के कमिश्नर शेन फिट्ज़सिमोंस ने शनिवार को कहा कि अगले सप्ताह या दिसंबर जनवरी और फ़रवरी में पूरे गर्मियों के महीनों में आग की स्थिति में थोड़ा सुधार होगा.
उन्होंने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, “आगामी महीनों में मौसम में संतुलन का पूर्वानुमान सामान्य तापमान के लगातार ऊपर बने रहने और औसत बारिश के कम रहने पर निर्भर करेगा.”
शुक्रवार को पूरे न्यू साउथ वेल्स में एक ही समय में 17 जगह आपातकालीन स्तर की आग लगी हुई थी.
हालांकि, दमकल ​अधिकारियों ने बताया कि तापमान में गिरावट, आर्द्रता में वृद्धि और हेलिकॉप्टर की सहायता से आग से निपटने के प्रयासों में मदद मिल रही है.
ऑस्ट्रेलिया के तट के पूरे क़रीब 1,000 किलोमीटर (621 मील) में आग लगी हुई है.
कुछ लोगों को आग से भागने के बजाय आश्रय गृह में शरण लेने को कहा गया है क्योंकि अब उन्हें घर छोड़ने में काफी देर हो गई है.
सबसे प्रभावित न्यू साउथ वेल्स में दमकलकर्मियों ने पिछले महीने से सैकड़ों जगह पर आग बुझाने का काम किया है. हालांकि अपने घर बचाने के प्रयास में दो लोगों की मौत हो गई.
पिछले सप्ताह कोआला अभयारण्य के 2,000 हेक्टेयर जंगल में आग लग गई थी. आग लगने की इस घटना में सैकड़ों पशुओं के मारे जाने की आशंका है.
चैरिटी कोआला कंजर्वेशन ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक, आधे से अधिक कोआला दूसरे अभयारण्य में रह रहे थे, हो सकता है जंगल में आग लगने के कारण वे भी मारे गए हों.
सूखे की स्थिति क्या है?
न्यू साउथ वेल्स में इस सप्ताह की शुरूआत में बारिश हुई जिससे किसानों को काफ़ी राहत मिली. हालांकि, यह बारिश लंबे समय से चल रहे सूखे को ख़त्म करने के लिए नाकाफ़ी था.
अधिकारियों ने चेतावनी दी ​है कि जब तक और ​अधिक बारिश नहीं होगी तब तक आग लगती रहेगी.
फिट्ज़सिमोंस ने कहा, “हम केवल यह बढ़ा-चढ़ा कर नहीं कह सकते हैं ​कि सूखे​ के कारण आग लगी है.”
शुष्क क्षेत्रों में पानी तक पहुंचने में मुश्किल के कारण पानी लेकर जाने वाले हेलिकॉप्टर को अक्सर लंबी दूरी तय करना पड़ता है. कुछ मामलों में अधिकारियों ने मांग को पूरा करने के लिए बोर खोदा है.
फिट्ज़सिमोंस ने कहा, “हम पानी की कमी को लेकर बहुत सावधान हैं और यह बहुत अधिक क़ीमती है लेकिन वास्तविकता यह है कि हम बिना पानी के आग नहीं बुझा सकते.”
पिछले सप्ताह पोर्ट मैकक्वेरी में आग लगने के कारण सिडनी में कुछ दिनों तक धुंआ छाया रहा.
हवा के ख़राब गुणवत्ता के कारण अस्थामा और सांस में तकलीफों की अन्य समस्या वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी की गई है.
क्या यह जलवायु परिवर्तन से जुड़ा है?
वैज्ञानिकों के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण ऑस्ट्रेलिया में आग का मौसम लंबा खींच रहा है और अधिक जोखिम वाला हो रहा है.
अधिकारियों ने कहा कि देश में रिकार्ड गर्मी होने के एक साल बाद गर्मी से पहले वे आग की गंभीरता को लेकर चिंतित थे.
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ऑस्ट्रेलिया के रिकार्ड में साल 2018 और 2017 क्रमशः तीसरा और चौथा सबसे गर्म साल था.
द ब्यूरो के स्टेट ऑफ द क्लाइमेट 2018 की रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन से अत्यधिक गर्मी की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है और सूखे जैसे अन्य प्राकृतिक आपदाओं की गंभीरता भी बढ़ी है.
संयुक्त राष्ट्र ने पिछले साल एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ऑस्ट्रेलिया ने अपने CO2 उत्सर्जन में कटौती का प्रयास कम किया है.
-BBC

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