यूपी में दलित महिलाओं को मंदिर में प्रवेश से रोका गया

योगी आदित्यनाथ के राज में यूपी में फिर दलितों को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया. इस मामले के सामने आने के बाद सियासी बवाल मचा. विपक्ष में सरकार की नीयत पर सवाल उठाया. दरअसल योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालने के बाद उत्तर प्रदेश में दलितों पर अत्याचार बढ़ा है. ताजा मामले को भी इसी सो जोड़ कर देखा जा रहा है. घटना बुलंदशहर की है जहां दलितों को मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया गया. इसके बाद तो बवाल मचना था, मचा. दरअसल उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वाल्मीकि समुदाय की महिलाओं के एक समूह को कथित तौर पर मंदिर में घुसने नहीं दिया जा रहा है.

पुलिस इसकी जांच कर रही है. सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह वीडियो 25 अक्टूबर को रिकॉर्ड किया हुआ लग रहा है. छह मिनट लंबे इस वीडियो को उन महिलाओं में से किसी एक ने रिकॉर्ड किया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि काले रंग की शर्ट पहने एक युवक मंदिर के बंद गेट के सामने खड़ा है और महिलाएं उसे पूछ रही हैं कि उन्हें मंदिर में पूजा करने की अनुमति देने से वह क्यों डर रहा है. वह युवक ऊंची जाति का माना जा रहा है, जो महिलाओं से कहता है कि मुझे आपसे क्यों डरना चाहिए. इसके बाद वह मोबाइल फोन पर किसी से बात करने के लिए दूर चला जाता है.

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वीडियो में सुना जा सकता है कि महिलाएं कह रही हैं कि उन्हें पूजा करने का अधिकार है और जब तक उन्हें पूजा नहीं करने दी जाएगी, वे मंदिर से नहीं जाएंगी. इसके बाद वह युवक उंगुली उठाकर कहता है कि आराम से बात कर. इस पर एक महिला ने कहा कि अगर हमें मारना चाहते हैं, तो मारो. लेकिन हम यहां बैठेंगे. हम यहीं रहेंगे. एक दूसरी महिला ने कहा कि तुम हमें मार क्यों नहीं देते. हम यहीं मरेंगे. लाठियां लाओ. हम यहां बैठे रहेंगे. हम नहीं जाएंगे. पूरे गांव को ले आओ.

काली शर्ट पहने युवक ने महिलाओं से कहा कि यह मंदिर 'ठाकुरों' का है, जो ऊंची जाति के हैं. उसने कहा कि मैं आपको क्यों मारूंगा. यह संपत्ति ठाकुरों की है. ठाकुर और ब्राह्मण लंबे समय से यहां प्रार्थना कर रहे हैं. तब एक महिला चिल्लाकर कहती है कि यह एक मंदिर है, मंदिर. इसके बाद कैमरा मंदिर की तरफ जाता है, जहां सफेद टी-शर्ट पहने एक शख्स मंदिर का मुख्य द्वार को ताला लगा रहा है और फिर गेट की तरफ चला जाता है. दोनों युवक फिर गेट के सामने खड़े होकर अपने मोबाइल फोन देखते रहते हैं, जबकि महिलाएं मंदिर में घुसने की मंजूरी मांग रही हैं. 

महिलाओं की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाले वीजेंद्र सिंह वाल्मिकी का कहना है कि ये पहले यहां प्रार्थना करते थे लेकिन पिछले हफ्ते से कुछ लोग उन्हें मंदिर में घुसने नहीं दे रहे है, उनका कहना है कि आप लोग दलित हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का भेदभाव कब तक जारी रहेगा. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की गई. पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट के तहत 25 अक्टूबर को एक व्यक्ति के साथ मारपीट का मामला दर्ज किया है. यह वीडियो भी उसी इलाके का है और उसी दिन रिकॉर्ड किया गया है. बुलंदशहर जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि ये घटनाएं आपस में जुड़ी हुई लग रही हैं, और वीडियो वायरल हो गया है. हम जांच कर रहे हैं और तथ्यों का पता लगाया जा रहा है. हम इस मामले में आगे की कार्रवाई करेंगे. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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