बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि जमीन विवाद पर आएगा फैसला, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

सुप्रीम कोर्ट शनिवार सुबह साढ़े दस बजे अयोध्‍या मामले में अपना फैसला सुनाएगी. इसे देखते हुए देश भर में सुरक्षा व्यवस्था खड़ी कर दी गई है. यूपी सरकार ने अयोध्या जमीन विवाद को लेकर आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर अयोध्या समेत पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. अयोध्या में राम जन्मभूमि जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है. टेढ़ी बाजार से दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है. सघन चेकिंग के बाद ही श्रद्धालुओं और आम लोगों को जाने दिया जा रहा है. बता दें कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सिंह ने भी लोगों से अपील की है कि इस फैसले को जीत-हार के साथ जोड़ कर न देखा जाए. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में रह रहे फैसला सुनाने वाले पांचों जजों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है.

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर देश के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. मोदी ने ट्वीट कर कहा कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ रहा है. पिछले कुछ महीनों से सुप्रीम कोर्ट में निरंतर इस विषय पर सुनवाई हो रही थी. पूरा देश उत्सुकता से देख रहा था. इस दौरान समाज के सभी वर्गों की तरफ से सद्भावना का वातावरण बनाए रखने के लिए किए गए प्रयास बहुत सराहनीय हैं. अयोध्या पर फैसले से ठीक पहले मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के प्रधान सचिव और डीजीपी ओपी सिंह को बुलाया और उनके साथ लंबी बातचीत की. बैठक में अयोध्या पर फैसले के मद्देनजर राज्य का कानून व्यवस्था समेत दूसरे मुद्दों पर चर्चा हुई. सुप्रीम कोर्ट दशकों पुराने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का फैसला यूं तो अगले हफ्ते फैसला सुनाने वाला था लेकिन शुक्रवार को देर शाम सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाने का एलान किया. दरअसल मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं, उससे पहले ही फैसला आने की उम्मीद थी. 

अयोध्या जमीन विवाद पर फैसले के मद्देनजर उत्त्तर प्रदेश सरकार भी अलर्ट पर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के आला अफसरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की और हर जिले में 24 घंटे एक विशेष कंट्रोल रूम खोलने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि लखनऊ और अयोध्या दोनों जगहों एक-एक हेलीकॉप्टर किसी भी इमरजेंसी हालात से निपटने के लिए तैयार रखा जाए. मुख्यमंत्री ने सभी धार्मिक स्थानों की सुरक्षा के निर्देश भी दिए. साथ ही सभी महत्त्वपूर्ण धर्म गुरुओं को विश्वास में लेकर उनसे अपील की कि वे अपने समाज के लोगों को सद्भाव बनाए रखने को कहें. 

इसके अलावा ज़िला स्तर पर मीडिया से बातचीत कर उनसे कहा जाए कि इससे जुड़ी खबर को सनसनी बनाने से परहेज़ करें. योगी ने कहा कि हर उस व्यक्ति से बात की जाए जिसकी समाज में पकड़ है. इनमें धर्म गुरु, वकील, छात्र नेता, व्यापारी और दूसरे लोग हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि फैसला आने पर न कोई जश्न मनाए और न ही कोई विरोध करे. इसके अलावा सोशल मीडिया की गहरी निगरानी की जाए, ताकि कोई अफवाह और नफरत न फैला सके. बहरहाल सुरक्षा देश भर में कड़ी कर दी गई है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सबकी नजरें हैं. आने वाले कुछ घंटे देश के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण हैं. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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