योगी की मंत्री स्वाति सिंह ने अधिकारी को फोन पर हड़काया

स्वाती सिंह का प्रवेश सियासत में अचानक हुआ. उन्होंने सोचा भी नहीं था कि वे सियासत में आएंगी, लेकिन एक घटना की तरह उनका सियासत में प्रवेश हुआ. उनके पति भाजपा नेता थे. लेकिन बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की वजह से उन्हें भाजपा से निकाला. मायावती की पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उग्र प्रदर्शन किया और दयाशंकर सिंह को लेकर उसी तरह की टिप्पणी की जैसी उन्होंने की थी. इसके बाद मोर्चा संभाला स्वाति सिंह ने. स्वाति सिंह को भाजपा का साथ मिला और वे रातोंरात सुर्खियों में आ गईं. भाजपा ने उनकी लोकप्रियता को भुंजाने के लिए पहले उन्हें संगठन में जगह दी फिर विधानसभा में पार्टी का उम्मीदवार बनाया. वे विधायक बनीं और फिर मंत्री भी. लेकिन अचानक मिली शोहरत को वे संभाल नहीं पाईं और कई तरह के विवाद से घिरीं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके कामकाज से बहुत खुश नहीं थे. इसलिए उन्होंने स्वाति सिंह के पर कतरे और कई विभाग वापस ले लिए. वही स्वाति सिंह अब नए विवाद में घिर गईं हैं.

सच कहा जाए तो योगी आदित्यनाथ की सरकार की मंत्री स्वाति सिंह की मुश्किलें थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं. एक वायरल ऑडियो क्लिप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का जिक्र करते हुए स्वाति एक पुलिस अफसर को धमकाते और एक बिल्डर के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की बात करती सुनाई देती हैं. जिस बिल्डर के पक्ष में स्वाति कैंट थाने के सर्कल अफसर बीनू सिंह पर केस को वापस लेने का दबाव बना रही हैं, वह अंसल ग्रुप के हैं जो कि पहले से ही धोखाधड़ी के एक मामले में शामिल है. रियल एस्टेट ग्रुप असंल एपीआई के उपाध्यक्ष प्रणव अंसल को 29 सितंबर को दिल्ली हवाई अड्डे पर उस वक्त हिरासत में ले लिया गया जब वे आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित मामलों के सिलसिले में लंदन निकलने वाले थे. अंसल को बाद में लखनऊ ले आया गया और जेल भेज दिया गया. 

शनिवार को पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वाति सिंह को फटकार लगाई और फिर ऑडियो क्लिप की जांच के आदेश दिए. कहा जा रहा है कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने स्वाति के इस व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई है और उनके फैसले का इंतजार कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश में विपक्षी दल योगी आदित्यनाथ की सरकार पर निशाना साधने के लिए इस मौके का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी ने कहा कि यह घटना योगी सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार को दर्शाती है जहां एक मंत्री को एक भ्रष्ट बिल्डर के पक्ष में खुलकर बात करते हुए सुना जा रहा है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि यूपी में भाजपा सरकार की मंत्री बोलती हैं कि ऊपर से आदेश है घोटालेबाजों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी. प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि ये ऊपर कौन है जो चाहता है घोटालेबाजों पर कोई कार्रवाई न हो.

कांग्रेस ने तो स्वाति सिंह को बर्खास्त करने की मांग की है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि यूपी की मंत्री महोदया घोटालेबाज अंसल बिल्डर की पैरवी में लखनऊ सीओ कैंट को धमका रही है. मंत्री जी कह रही हैं कि सीएम साहब तक ये बात है, ऊपर से आदेश है कोई एफआईआर नहीं होनी चाहिए. घोटालेबाजों का भाजपा शासन में हनक देखिए, कैसे मंत्री महोदया कानून के रखवालों को धमका रही है. योगी आदित्यनाथ सही मायने में भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, तो वे इस मंत्री को बर्खास्त करें.

सपा नेता आईपी सिंह ने कहा है कि ऐसे तत्व भाजपा के एक भिन्न पार्टी होने के दावों को ध्वस्त कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस अधिकारियों को मंत्रियों द्वारा कानून के खिलाफ काम करने के लिए कहा जा रहा है, तो राज्य में स्थिति की कल्पना की जा सकती है. इस बीच स्वाति सिंह ने इस प्रकरण पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया है और तो और पत्रकारों ने जब इस पर उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए उनसे संपर्क किया तो वे भड़क उठीं. हालांकि उनके करीबी सूत्रों ने दावा किया कि इस ऑडियो क्लिप को संपादित कर पुलिस अधिकारी ने लीक किया है. मामला चाहे जो भी हो स्वाति सिंह की बोलती फिलहाल बंद है और योगी आदित्यनाथ बैकफुट पर. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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