प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख़्त

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां आज भी वायु गुणवत्ता सूचकांक अत्यंत गंभीर स्तर पर है। इसके साथ ही उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों में भी प्रदूषण उच्च स्तर पर बना हुआ है। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की समस्या पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए केंद्र को निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि सरकार दिल्ली में एयर प्यूरीफाइंग टॉवर लगाने का खाका तैयार करे।

सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार से भी पूछा है कि उसकी ऑड-ईवन योजना से वायु प्रदूषण में कुछ कमी आई है या नहीं। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण वाले 13 मुख्य स्थानों को प्रदूषकों से मुक्त किया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिये उठाये गये कदमों की जानकारी प्राप्त करने के लिये अगले शुक्रवार को पंजाब, हरियाणा, उप्र और दिल्ली मुख्य सचिवों को तलब किया है।
 

आइये नज़र डालते हैं वायु गुणवत्ता सूचकांकों पर।

  दिल्ली एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक

दिल्ली- 425
नोएडा -  435
गाजियाबाद  - 442
फरीदाबाद- 448

हरियाणा का वायु गुणवत्ता सूचकांक

गुरुग्राम - 436
रोहतक -  410
हिसार-  334
चंडीगढ़ -  208

पंजाब का वायु गुणवत्ता सूचकांक   

पटियाला -  197
अमृतसर -   260
लुधियाना -  171
बठिंडा -  163

बिहार और उत्तर प्रदेश का वायु गुणवत्ता सूचकांक

लखनऊ- 310
कानपुर- 394
मेरठ - 254
पटना- 312

महानगरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक

दिल्ली- 425
मुंबई- 148
कोलकाता  - 170
चेन्नई- 40
 



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