वाटरएड इंडिया द्वारा स्थापित किया जाएगा फिकल स्लज मैनेजमेंट यूनिट

धमधा व पाटन के 10 ग्राम पंचायतों के सेप्टिक टैंक से निकलने वाले अपशिष्ट जल का किया जाएगा समुचित प्रबंधन 

दुर्ग, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत सैप्टिक टैंक से निकलने वाले अपशिष्ट जल के प्रबंधन हेतु विशेष कार्ययोजना निर्धारित किया जा रहा है। इसमें वाटरएड, इंडिया द्वारा फिकल स्लज, मैनेजमेंट यूनिट स्थापित किया जाएगा। जिसके अंतर्गत नगर पालिका निगम कुम्हारी एवं जनपद पंचायत धमधा व पाटन के 10 ग्राम पंचायतों के सेप्टिक टैंक से निकलने वाले अपशिष्ट जल का समुचित प्रबंधन किया जाकर पुनः उपयोग में लाने का कार्य किया जाएगा। संयंत्र स्थापित करने के संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता में जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अनुभागीय अधिकारी, पीएचई विभाग, मनरेगा एवं समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारियों के मौजूदगी में संयंत्र स्थिापित किए जाने के संबंध में चर्चा की गई।

राज्य समन्वयक वाटरएड इंडिया अनुराग गुप्ता ने उक्त संयंत्र को तैयार करने के संबंध में जानकारी दी। जनपद पंचायत पाटन व धमधा में शामिल 10 ग्रामों को शामिल किया गया है जिसमें पाटन के ग्राम पंचायत पतोरा में 40 लाख की लागत से संयंत्र स्थापित करने का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। साथ ही कुम्हारी में 60 लाख की लागत से संयंत्र स्थापित किया जाएगा। संयंत्र स्थापित करने के पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत आयुक्त नगर पालिका निगम कुम्हारी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया जाएगा। संयंत्र स्थापित होने के 1 वर्ष तक वाटरएड इंडिया द्वारा रखरखाव किया जाएगा। इसके बाद संबंधित एजेंसी को हेंडओवर किया जाएगा।

राष्ट्रीय हरित अधिकारण में 03 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। जिसमें दुर्ग के ग्राम पंचायत ढौर व धमधा के पथरिया शामिल है। यह ग्राम पंचायत एसीसी जामुल के सीएसआर क्षेत्र में आते हैं, दोनों ग्राम पंचायतों में एसीसी ट्रस्ट के द्वारा सीएसआर मद से कार्य किया जाएगा। जिसमें मुख्य रूप से लोगों के व्यवहार में परिर्वतन लाने हेतु जनजागरूकता, सुरक्षा सामाग्री प्रदाय किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में वृक्षारोपण, आजीवका संवर्धन, वाल पेंटिंग, स्लोगन आदि का कार्य कराया जाएगा।

गोठान में शौचालय, नाडेप, वर्मी कम्पोज्ड निर्माण की समक्षा करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग द्वारा गौठानों के नर्माण को 17 दिसंबर, 2019 तक पूर्ण करते हुए प्रत्येक गौठान में शौचालय, नाॅडेप, वर्मी कम्पोज्ड एवं पानी की सुविधा पूर्ण किया जाने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को पैरादान करने हेतु प्रतिदिन अभियान चलाकर प्रोत्साहित करने के लिए समस्त अमले को निर्देशित किया गया है। इसकी निगरानी के लिये कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग द्वारा गुगल सीट का निर्माण किया गया है, जिससे समस्त निर्माण कार्यों की प्रतिदिन मानिटरिंग की जायेगी। शासन द्वारा चलाई जा रही महत्वकांक्षी योजनाओं को समुदाय से जोड़कर सहभागिता बढ़ाने के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायतों में बैठक का आयोजन किया जायेगा। प्लास्टिक मुक्ति अभियान अंतर्गत स्व-सहायता समूहों द्वारा कार्य किया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा निर्देश दिये गये कि स्वच्छाग्राही स्व-सहायता समूह एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े समुह को गौठान में कार्य करने हेतु अवसर दिया जायेगा। जिससें समूहो को रोजगार मिलेगा। गौठानों में नाडेप एवं वर्मी कम्पोज्ड के संचालन एवं संधारण का कार्य उक्त समूहों द्वारा किया जावेगा।

ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन अंतर्गत विस्तृत कार्ययोजना में मनरेगा के तहत् किये जाने वाले निर्माण कार्य (नाडेप, वर्मी कम्पोज्ड, सोकपीट/रिचार्ज पीट) जो कि पूर्व से निर्मित है एवं स्वीकृत कर आवश्यकता अनुसार निर्माण किये जाने है, को 26 नवम्बर, 2019 तक सिक्योर साफ्टवेयर में टी.एस. कर स्वीकृति किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। समस्त निर्माण कार्य दिसम्बर माह में पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं मनरेगा अभिसरण अंतर्गत समस्त 117 ग्राम पंचायतों में एस.एच.जी. वर्क शेड निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिये गये। अभी वर्तमान में कुल 20 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य प्रगति पर है।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में 01 सामुदायिक शौचालय निर्माण किया जाना है। इस हेतु तकनीकी स्वीकृति कर जिला कार्यालय को प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये। वर्तमान में 75 सामुदायिक शौचालयों की स्वीकृति प्रदाय की जा चुकी है। गोर्बधन योजना अंतर्गत 05 ग्राम पंचायतों में गोबर गैस संयंत्र लगाया जाना प्रस्तावित है। ग्राम पंचातय भठगांव, ज.पं. दुर्ग का डी.पी.आर. स्वीकृत किया जा चुका है। शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जावेगा। जनपद पंचायत धमधा एवं पाटन में सर्वे कार्य प्रगति पर है। बेस लाईन सर्वे 2012 से छूटे हुए/बढ़े हुए (स्व्ठ) परिवारांे की जियो टैगिंग का कार्य 30 नवम्बर, 2019 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये है। ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन राशि जारी करने हेतु प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। जियो टैगिंग के पश्चात् प्रोत्साहन राशि जारी की जावेगी।

दिव्यांग फ्रेण्डली शौचालय निर्माण के लिये पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में ज.पं. दुर्ग के 05 एवं ज.पं. धमधा के 05 ग्राम पंचायतों को लक्षित किया गया है। जिनका सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है।

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