सालगिरह पर बवाल और विमान में केक काटते तेजस्वी यादव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी रैलियों में खुद को पिछड़ा बता कर लाखों का सूट पहनते हैं, लेकिन न तो भाजपा को बुरा लगता है और न ही जदयू को इस पर एतराज होता है. लेकिन कांग्रेस या विपक्ष का कोई नेता विमान में सालगिरह मनाता है या चुनाव के समय मंदिरों या दरगाहों पर जाता है तो भाजपा और जदयू की परेशानी बढ़ती है उनके रहन-सहन उनकी निष्ठा पर सवाल खड़े किए जाते हैं, उनकी निजी जिंदगी पर हमले होते हैं. तेजस्वी यादव पर भी इसी तरह के हमले किए जा रहे हैं. दरअसल तेजस्वी की एक चार्टर्ड प्लेन में सालगिरह मनाते, कबाब-वबाब खाते फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो बिहार में जदयू और भाजपा ने आसमान सर पर उठा लिया. मानो तेजस्वी यादव ने कोई बड़ा गुनाह कर लिया. उन पर चौतरफा हमले हुए, जबकि भाजपा व जदयू नेता भी इसी तरह की जिंदगी जीने के आदी हैं.

लेकिन भाजपा और जदयू के हमलों का बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने जदयू पर पलटवार किया. तेजस्वी यादव ने कहा है कि भैंस वाला, दूध वाला विमान में सवार चाय कैसे पी रहा, यह एक और इल्जाम हम पर आ रहा है. कुछ लोगों को परेशान देख हम परेशान हो जाते हैं. अफसोस! फिर भी उन लोगों के मुर्शिद उनसे खुश नहीं हो पाते हैं. हम सड़क पर अमरूद, भुट्टा, भूंजा और चाट भी खाते हैं और विमान में कबाब भी. लेकिन पेट दर्द किसी और को होता है. अब ये जन्मजात दर्द कौन ठीक करें. दरअसल तेजस्वी यादव की विमान में केक काटते हुए फोटो वायरल होने के बाद जदयू व भाजपा नेता ने उनपर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि तेजस्वी यादव जी आपके राजनीतिक जीवन पर यह सबसे बड़ा राजनीतिक धब्बा है. पिताजी जेल में बंद हैं और आप चार्टर प्लेन में बैठ कर बेशर्मी से जन्मदिन मना रहे हैं शर्म आनी चाहिए आपको. 

हालांकि तेजस्वी यादव और जदयू के बीच इस तरह की जबानी जंग की यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले बिहार में बाढ़ और भारी बारिश के बाद हुए जल जमाव को लेकर सियासत हुई थी. तब भाजपा भी नीतीश कुमार पर हमलावर थी. विपक्ष तो हमलावक था ही. तब राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था कि पटना की सड़कों पर सुशासन व विकास की तैरती तसवीरें डराने वाली हैं. फिर राजद ने नीतीश कुमार की सरकार पर हमला बोला था.

तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा था कि एनडीए ने बिहार को सर्कस बना दिया है. तेजस्वी ने भाजपा और जेडीयू नेताओं के बीच मचे घमासान को लेकर ट्वीट किया था और कहा था कि एनडीए ने बिहार को सर्कस बना दिया है. विफलता छुपाने के लिए ये लोग कुत्ते-बिल्ली की तरह झगड़ रहे है. क्या सृजन घोटाले और बालिका गृह बलात्कार कांड का डर है जो इतनी लानत-मलानत होने के बावजूद भी नीतीश जी नैतिकता और अंतरात्मा नहीं जगा उल्टा कुर्सी के लालच में विचार बेच मनुहार में लगे हैं.

इससे पहले बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के 'दशहरा' कार्यक्रम में उपमुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी व भाजपा के अन्‍य नेताओं के शामिल नहीं होने पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने ट्विटर पेज पर लिखा कि एनडीए के कप्‍तान अकेले असहाय मैदान में खड़े हैं. उनके सहयोगी उनसे दूर भाग रहे हैं और अपराधी की तरह छुप रहे हैं. उपमुख्‍यमंत्री सुशील कुमार पर तंज कसते हुए पूछा है कि आपके लिए मुख्‍यमंत्री का दशहरा कार्यक्रम का बहिष्‍कार करना आसान नहीं था, क्‍या ऐसा नहीं है.

तेजस्‍वी यादव ने यह बात बिहार के उपमुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी के एक पुराने ट्वीट के जवाब में लिखा था, जिसमें कहा गया था कि नीतीश कुमार बिहार एनडीए के कप्‍तान हैं और वही 2020 में होने वाले चुनाव में कप्‍तान रहेंगे. अगर कप्‍तान चौका या छक्‍का मारते हैं और विरोधी को एक पारी से पराजित करते हैं तो उसे बदलने का सवाल ही कहां उठता है. अब फिर से बयानों की बरसात हो रही है. जदयू और भाजपा नेताओं ने तेजस्वी को निशाना बनया तो तेजस्वी भी मैदान में कूदे और विरोधियों को जवाब देने में देर नहीं लगाई. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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