कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी से पूछा, आप गांधी के साथ या गोडसे के

महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को भाजपा संसद व मालेगांव धमाके की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने फिर से राष्ट्रभक्त बता कर परेशानी मोल ले ली. उन्होंने परेशानी भाजपा के लिए भी खड़ी कर दी. हालांकि पार्टी ने उनसे दूरी बना ली है. कुछ दिन पहले ही संसद की रक्षा सलाहकार समिति का सदस्य उन्हें बनाया गया था लेकिन उन्हें अब समिति से हटा दिया गया है. लेकिन प्रज्ञा ठाकुर के बयान से सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है और भाजपा बैकफुट पर नजर आरही है. साध्वी प्रज्ञा सिंह ने इस बार संसद में गोडसे को देशभक्त कहा है इसलिए भाजपा की परेशानी और बढ़ गई है. कांग्रेस सत्तारुढ़ भाजपा पर हमलावर है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट कर भाजपा पर तंज कसा. उन्होंने लिखा कि चुनाव में प्रज्ञा ठाकुर ने गोडसे का गुणगान किया तो रक्षा समित का सदस्य बना दिया. अब संसद में गोडसे का गुणगान किया है, लगता है केंद्र में मंत्री बनने का वक्त आ गया है. कहीं रक्षा मंत्री तो नहीं. अब मोदी जी मन से इनाम देंगे क्या.

सिंघवी ने यह भी लिखा कि प्रज्ञा ठाकुर ने पहले भी गोडसे को देशभक्त कहा है और आज फिर कहा. मोदी जी पहले दिल से माफ़ नहीं करने वाले थे और अब शायद किडनी, लिवर से भी माफ़ नहीं कर पाएंगे. राष्ट्रपिता गांधी के हत्यारे, आजाद भारत के पहले आतंकवादी-देशद्रोही गोडसे को देशभक्त कहने वाली भाजपा की लोकसभा सदस्य प्रज्ञा ठाकुर को मोदी दिल से, मन से, दिमाग से माफ़ करें या न करें, देश को कोई मतलब नहीं, लेकिन संसद से बर्खास्त करें यह देश की मांग है. वैसे सोशल मीडिया पर प्रज्ञा ठाकुर दो दिन से टॉप ट्रेंड में चल रहीं हैं.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लिखा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने पर भोपाल की भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर को दिल से कभी माफ़ नहीं करने की बात कहने वाले मोदी जी को अब लोकतंत्र के पवित्र मंदिर संसद में इसी बयान को दोहराने पर सांसद प्रज्ञा ठाकुर को क़तई माफ़ नहीं करना चाहिए. देश तो उन्हें इस बयान के लिए कभी भी माफ़ नहीं करेगा. भाजपा से देश अब यह जानना चाहता है कि वोह गांधी जी के साथ है या गोडसे के साथ. उन्हें अब यह साफ करना चाहिए. अगर वह गांधी जी के साथ है तो गांधी जी के हत्यारे को महिमा मंडित करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई अविलंब भाजपा को करनी चाहिए.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी प्रज्ञा ठाकुर पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी को स्पष्ट करना चाहिए कि वे गांधी के साथ हैं या गोडसे के साथ. मुंह में गांधी और दिल में गोडसे नहीं चलेगा. गांधी के देश में गोडसे महिमामंडित नहीं हो सकता. उन्होंने यह भी कहा कि शुतुरमुर्ग बनने से काम नहीं चलेगा. नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी सामने आकर प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर देश के सामने अपना रुख स्पष्ट करें. वे देश के सामने कहें कि गांधी के हत्यारे गोडसे के प्रति उनके मन में क्या है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने लिखा कि भाजपा झूठे बहाने बनाना कब बंद करेगी. क्या मोदी जी ने ही प्रज्ञा ठाकुर को संसद की रक्षा कमेटी का सदस्य नहीं बनाया.क्या भाजपा का टिकट दे कर मोदी जी ने प्रज्ञा ठाकुर को सांसद नहीं बनाया. यह बताइए कि प्रज्ञा ठाकुर को भाजपा से बाहर कब करेंगे. देश भाजपा को कभी मन से माफ़ नहीं करेगा. इससे पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी भाजपा पर निशाना साधा था.

उन्होंने लिखा कि देश की संसद में खड़े होकर भाजपा की एक सांसद ने गोडसे को देशभक्त बोल ही दिया. अब प्रधानमंत्री जी (जिन्होंने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती धूम धाम से मनाई) से अनुरोध है कि दिल से बता दें कि गोडसे के बारे में उनके क्या विचार हैं. महात्मा गांधी अमर हैं. राहुल गांधी ने भी प्रज्ञा ठाकुर पर निशाना साधते हुए इसे संसद के इतिहास में एक दुखद दिन बताया. भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ठाकुर के बयान को निंदनीय बताया है. नड्डा ने ठाकुर को संसदीय समिति से हटाने की पार्टी की अनुशंसा की जानकारी दी, तो राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि नाथूराम गोडसे को देशभक्त मानने की सोच की वह और उनकी पार्टी निंदा करते हैं. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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