येदियुरप्पा का ऑडियो क्लिप और कर्नाटक के नाटक में अमित शाह की भूमिका

कर्नाटक में नाटक खूब चला. विधायक खरीदे गए, विधायक तोड़े गए. सरकार गिराई गई, सरकार बनाई गई और इस गिराने व बनाने के बीच जो कुछ भी हुआ उसने लोकतंत्र का चेहरा दागदार ही बनाया है. अब कर्नाटक में सरकार गिराने और बनाने को लेकर जो कुछ भी हुआ उसे लेकर मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिसके बाद सियासी भूंचाल आ गया है.इस ऑडियो क्लिप ने कर्नाटक की सियासत में इन दिनों बवाल मचा दिया है. यह क्लिप मुख्यमंत्री येदियुरप्पा की है जो भाजपा कोर समिति की हुबली में हुई बैठक में रिकॉर्ड की गई. इसमें येदियुरप्पा कहते सुने जा सकते है कि जेडीएस-कांग्रेस के बागी विधायकों को मुंबई में पार्टी आलाकमान यानी अमित शाह की मर्ज़ी से रखा गया था और अपनी पार्टी के नेताओं को वे सलाह देते नज़र आ रहे हैं कि सभी को बाग़ियों के साथ खड़ा होना चाहिए जिनकी वजह से भाजपा सत्ता में आई. 

मोबाइल से रिकॉर्ड की गई सात मिनट की इस क्लिप में येदियुरप्पा कह रहे हैं कि कोई भी मेरी सरकार को मजबूती देने का काम नहीं कर रहा है. यह सरकार हम लोगों को विधानसभा से निष्काषित विधायकों ने तोहफे में दी है. बागी विधायकों को मुंबई में रखने का फैसला मेरा नहीं था बल्कि पार्टी आलाकमान की इजाज़त से उन्हें ढाई महीने तक वहां रखा गया. येदियुरप्पा ने इस टेप में अपनी आवाज़ होने से इनकार नहीं किया है. उन्होंने कहा कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं से कुछ खास मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जो लोग जिम्मेदार कार्यकर्ता हैं, उन्हें इस तरह से (विद्रोही विधायकों के बारे में) नहीं बोलना चाहिए. पार्टी के हित में उन्हें सभी का समर्थन करना चाहिए. येदियुरप्पा ने कहा कि अगले कुछ दिनों में आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अन्य चीजें तय की जाएंगी.

अपनी सरकार गिरने से तिलमिलाए एचडी कुमारस्वमी ने इस क्लिप के सामने आने के बाद फौरन प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पहले से भी एक क्लिप कोर्ट के सामने हैं. अब मैं इसे भी सबूत के तौर पर पेश करूंगा. कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडु राव ने इस संबंध में ट्वीट किया कि बीएस येदियुरप्पा ने फिर अपने ऑपरेशन कमल और अनैतिक रूप से कांग्रेस विधायकों को तोड़ने की बात को स्वीकार किया है. उन्होंने खुल कर कहा कि अमित शाह ने मुंबई में ढाई महीने के लिए दलबदलुओं को रखा था. क्या इससे भी बड़े प्रमाण की जरूरत है कि इस पूरे ऑपरेशन के पीछे भाजपा मास्टरमाइंड थी.

गुंडु ने कहा कि हम अमित शाह और येदियुरप्पा का इस्तीफा चाहते हैं. हम राज्यपाल से मिलेंगे. अब तो यह भी साफ हो गया है कि कुमारस्वामी सरकार ऑपरेशन कमल के तहत गिराई गई. भाजपा कहती आई है कि कुमारस्वामी सरकार को गिराने की साजिश से उसका कुछ लेना देना नहीं है लेकिन इस क्लिप ने भाजपा के दावे की कलई खोल कर रख दी है. विपक्ष को येदियुरप्पा सरकार को घेरने का मौका मिल गया है. इस बीच दिल्ली में भी कांग्रेस ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर अमित शाह और भाजपा पर हमला बोला और यह भी कहा कि येदियुरप्पा ने जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट को लेकर टिप्पणी की वह गंभीर है और उस पर सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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