शपथ लेते ही सीएम उद्धव ठाकरे के सामने आईं ये तीन बड़ी चुनौतियां, दूसरी चुनौती सबसे कठिन

महाराष्ट्र का शिवाजी पार्क गुरुवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की ताजपोशी की गवाह बना। उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के नए सीएम बन गए। उन्होंने गुरुवार को शपथ ली। उनके साथ ही छह मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की। उद्धव शपथ लेने के बाद सीएम तो बन गए हैं लेकिन शपथ लेते ही उनके सामने तीन बड़ी चुनौतियां आ गई हैं। इनमें से दूसरी चुनौती सबसे कठिन है।

चुनौती नंबर 1

सीएम उद्धव ठाकरे के सामने जो पहली चुनौती आई है वो तीनों दलों के बीच संतुलन बैठाना है। शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई है। दोनों ही दलों की विचारधारा और राजनीति शिवसेना से एकदम अलग रही है और विपरीत है। ऐसे में उद्धव ठाकरे के सामने विचारधाराओं के टकराव को रोकने और सरकार चलाने की बड़ी चुनौती है।

चुनौती नंबर 2

शिवसेना प्रमुख के सामने दूसरी चुनौती तो सबसे बड़ी है। शिवसेना प्रमुख ठाकरे को सरकार चलाने के लिए साथ ही अपनी पार्टी की हिन्दुत्ववादी छवि को संभालना होगा वरना पार्टी को भविष्य में बहुमत नुकसान होने जा रहा है। हालांकि सेक्यूलरवादी दलों के साथ सरकार चलाकर उद्धव के लिए इस छवि को बनाए रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा।

चुनौती नंबर 3

उद्धव ठाकरे के सामने तीसरी चुनौती भी कठिन है। शिवसेना ने भारतीय जनता पार्टी से अलग होकर सरकार बनाई है। हालांकि राज्य के विकास के लिए उद्धव को केन्द्र की भाजपा सरकार से ही मदद की जरूरत होगी। ऐसे में केन्द्र और राज्य के बीच की राजनीति से पार पाकर महाराष्ट्र के लिए मदद की राशि केन्द्र से जुटाना भी एक बड़ी चुनौती होगा।

दोस्तो आपको क्या लगता है उद्धव के सामने और कौन सी चुनौतियां हैं, कमेंट में जरूर बताएं और न्यूज शेयर करें। हर अपडेट के लिए आप मुझे फॉलो जरूर करें। धन्यवाद।।

(न्यूज सोर्स- aajtak.indiatoday.in)



Post a Comment

0 Comments