तीस हजारी कोर्ट में झड़प का नया वीडियो सामने आया, वकील बैकफुट पर

वकीलों और पुलिस के बीच मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है हालांकि वकीलों ने सोमवार से अदालतों में लौटने का एलान किया लेकिन विवाद बरकरार है. सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि ताली एक हाथ से नहीं बजती. इस बीच वकलों और पुलिस के बीच झड़प का नया वीडियो सामने आया. इस वीडियो ने वकीलों को बैकफुट पर ला खड़ा किया है. वीडियो में वकीलों को महिला पुलिस अधिकारी पर हमला करते हुए देखा जा सकता है इसके अलावा दो पुलिस अधिकारियों पर भी वकीलों के हमले का वीडियो सामने आया है. राष्ट्रीय महिला आयोग ने इसका संज्ञान लिया है और दिल्ली के पुलिस आयुक्त और बार काउंसिल ऑफ इंडिया से जवाब तलब किया है.

तीस हजारी कोर्ट परिसर में वकीलों और पुलिस के बीच हुई झड़प के नए वीडियो में डीसीपी नार्थ मोनिका भारद्वाज हाथ जोड़े खड़ी नजर आ रही हैं और वे वकीलों से शांत होने की अपील करती दिख रही हैं. लेकिन वकीलों का झुंड उनपर टूट पड़ता है और मारपीट शुरू कर देता है. सैकड़ों की तादाद में वकील डीसीपी नार्थ मोनिका भारद्वाज और उनके सुरक्षाकर्मियों को धक्का मारते हुए पीछे की तरफ ले जाते दिखाई देते हैं. दो नवंबर को हुई हिंसा का गुरुवार को भी एक वीडियो सामने आया था, इसमें पुलिस अधिकारी मोनिका भारद्वाज को कुछ पुलिसकर्मी वकीलों से बचाते दिख रहे हैं.

डीसीपी ने आरोप भी लगाया है कि हिंसा के दौरान उसके साथ मारपीट की गई. इतना ही नहीं महिला अधिकारी ने यह भी कहा कि इस बीच उनकी सर्विस रिवाल्वर भी छीन ली गई और यह तब से लापता है. इस मामले में पुलिस प्रवक्ता अनिल मित्तल ने कहा है कि महिला अधिकारी का बयान घटना में तैयार की जा रही एफआईआर में जोड़ा जाएगा. उधर, डीसीपी नार्थ मोनिका भारद्वाज से मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि मैं इसकी निंदा करती हूं. इस मामले का स्वत: संज्ञान ले रही हूं और बार काउंसिल के साथ दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को लिखूंगी.

शनिवार को तीस हजारी कोर्ट परिसर में वकीलों औऱ पुलिसकर्मियों के बीच पार्किंग को लेकर विवाद शुरु हुआ. देखते ही देखते यह हिंसक हो गया. वकीलों और पुलिस की हिंसा में करीब 21 पुलिसवाले घायल हुए. कुछ वकीलों को भी चोट लगी. इस पूरे मामले को लेकर सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और उनकी सुरक्षा में नाकाम रहने पर वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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