फैसले के स्वागत तो किया लेकिन कहा, सरकार पढ़ाई व कमाई के लिए अब करे काम

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के दिए गए फैसले की गूंज बिहार में भी सुनाई दे रही है. देश भर में इस फैसले का स्वागत सियासी दलों ने किया. हालांकि एमआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया है और कहा कि खैरात की जरूरत नहीं है. राम मंदिर पर सुप्रीम के फैसले का नेताओं ने स्वागत किया. बिहार में सियासी दलों ने भी फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा पर हमला बोला है. केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने ट्वीट किया कि’’ सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले का हम सभी खुले दिल से स्वागत और सम्मान करते हैं. इस विवाद का इससे बेहतर समाधान नहीं हो सकता. अब हम सब आपसी प्रेम, भाईचारे, सौहार्द और सह-अस्तित्व की अपनी परंपरा के साथ आगे बढ़ें. सुप्रीम कोर्ट ने बहुत ही स्पष्ट और सर्वमान्य फैसला सुनाया है. सर्वसम्मति से लिए गए इस फैसले में सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान किया गया है और लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर पूर्ण विराम लग गया है. पूरा देश इस ऐतिहासिक फैसले का सम्मान करता है.

भाजपा नेता और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने ट्वीट किया कि अयोध्या पर सुप्रीम के निर्णय हम सभी को भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों का बोध कराने वाला है. देश की न्यायपालिका के निर्णय का सम्मान करते हुए हम सभी को मिलकर शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण को बनाए रखना है. रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने ट्वीट किया कि सालों से लंबित अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत है. अब देश में सर्वांगीण विकास के मुद्दों को परे रखकर धार्मिक भवनाओं की आड़ में राजनीति पर विराम लगे. पढ़ाई, दवाई, कमाई व सिंचाई का प्रबंध हो. देशवासियों से शांति व अमन-चैन की अपील करता हूं.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने विवादित मुद्दे पर बेहद स्पष्ट फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विवाद की कोई जगह नहीं बचती है. नीतीश कुमार ने कहा है कि कोर्ट ने अब सरकार के ऊपर जो जिम्मेदारी दी है उसे पूरा करने की आवश्यकता है. राजद नेता तेजस्वी यादव ने फैसले का स्वागत किया और कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सहदय सम्मान. देश का हर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च हमारा ही है. कुछ भी और कोई भी पराया नहीं है. सब अपने है. अब राजनीतिक दलों का ध्यान अच्छे स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अस्पताल बनाने व युवाओं को रोज़गार दिलाने पर होना चाहिए.

बिहार कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अच्छा कोई और फैसला हो ही नहीं सकता है. अयोध्या में विवादित जमीन पर मंदिर बनाने और मुसलिम वर्ग को मस्जिद बनाने के लिए अलग पांच एकड़ जमीन देने का फैसला सराहनीय है. इससे दोनों पक्षों का सम्मान हुआ है. सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले से देश की गंगा-जमुनी संस्कृति की रक्षा हुई है. इससे देश की एकता मजबूत होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने मुसलिम पक्ष को अयोध्या में पांच एकड़ जमीन देने का निर्देश सरकार को दिया है. इसपर ओवैसी ने कहा कि हम अपने अधिकार के लिए लड़ रहे थे, पांच एकड़ जमीन की खैरात की जरूरत नहीं है. मुसलमान गरीब हैं, तो क्या हुआ पैसा जुटाकर मस्जिद भी बना सकते हैं. पांच एकड़ जमीन को नहीं लेना चाहिए. यह देश हिंदू राष्ट्र के रास्ते पर जा रहा है. पहले देश में एनआरसी और उसके बाद यह फैसला आया है. ओवैसी ने कहा कि बाबरी मस्जिद नहीं गिरती तो फैसला क्या आता. मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरह हम भी फैसले से सहमत नहीं हैं. कोर्ट से भी चूक हो सकती है. जिन्होंने बाबरी मस्जिद को गिराया, उन्हें ट्रस्ट बनाकर राम मंदिर बनाने का काम दिया गया है. हमें हिंदुस्तान की संविधान पर भरोसा है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).

 



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