फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन की गति अच्छी, इनसे बदल रही जमीनी स्थिति का डाक्यूमेंटेशन भी करें

- प्रभारी सचिव श्रीमती अलरमेल मंगई डी ने ली समीक्षा बैठक, कहा जमीनी स्तर पर आ रहे फीडबैक से कराएं अवगत, शासन स्तर से दूर होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा
दुर्ग। जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती अलरमेल मंगई डी ने आज कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में राज्य शासन की फ्लैगशिप योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर आरंभ की गई योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जिले ने अच्छी रणनीति तैयार की है तथा प्रशासन प्रतिबद्धता से इनका क्रियान्वयन कर रहा है। योजनाओं को आरंभ हुए दो महीने हो गए हैं और इससे निश्चित ही जमीनी बदलाव आ रहे हैं। इन्हें दर्ज करें, इससे यह समीक्षा करने में सहयोग मिलेगा कि जिन उद्देश्यों को लेकर हमने योजनाओं को आरंभ किया है उन्हें किस सीमा तक प्राप्त कर सके हैं। यदि इनके क्रियान्वयन में शासन स्तर से किसी तरह का सहयोग चाहिए अथवा मार्गदर्शन चाहिए तो हम इनका त्वरित समाधान करेंगे। बैठक में कलेक्टर श्री अंकित आनंद, नगर निगम भिलाई कमिश्नर श्री ऋतुराज रघुवंशी, जिला पंचायत सीईओ श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर श्री प्रमोद कुमार शांडिल्य एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सुपोषण अभियान में एक्स्ट्रा सप्लीमेंट में क्या दे रहे हैं- प्रभारी सचिव ने पूछा कि सुपोषण अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में किस तरह का नवाचार किया है। कलेक्टर श्री अंकित आनंद ने बताया कि इसके लिए तीन साल तक के गंभीर कुपोषित एवं मध्यम कुपोषित बच्चों को गर्म भोजन दिया जा रहा है। शिशुवती एवं गर्भवती माताओं जिन्हें एनीमिया है उन्हें भी गर्म भोजन दिया जा रहा है। साथ ही चिकी और फल भी प्रदाय किये जा रहे हैं। कलेक्टर ने बताया कि इसके अलावा सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका अच्छा परिणाम सामने आया है और अलग-अलग आंगनबाड़ियों में कहीं दलिया, कहीं पौष्टिक लड्डू और कहीं अंकुरित मूंग आदि दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार एनीमिया का चिन्हांकन किया जा रहा है। जिन गर्भवती माताओं एवं शिशुवती माताओं को एनीमिया चिन्हांकित होता है उनकी जानकारी हर दूसरे सप्ताह महिला एवं बाल विकास विभाग को दी जा रही है ताकि इन्हें लक्षित कर पोषाहार दिया जा सके। प्रभारी सचिव ने कहा कि एनीमिक महिलाओं के चिन्हांकन कर शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर को रोकने की दिशा में प्रभावी काम किया जा सकता है। कलेक्टर ने बताया कि सुपोषण अभियान के लिए डीएमएफ से 8 हजार महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों के लिए एक्स्ट्रा सप्लीमेंट की व्यवस्था की गई है।
गौठानों की व्यवस्था पर भी ली जानकारी- प्रभारी सचिव ने गौठानों की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि 78 गौठान तैयार हो गए हैं और 111 में अभी काम चल रहा है। बाड़ियों में महिला स्वसहायता समूहों को काम सौंपे गए थे, वहां अब सब्जी का उत्पादन आरंभ हो गया है। उन्होंने बताया कि पशुओं के नस्ल संवर्धन पर भी काम चल रहा है। गौठानों में गोबर के माध्यम से खाद एवं अन्य उपयोगी चीजें बनाई जा रही हैं। अलग-अलग अवसरों पर अलग तरह का नवाचार किया जाता है। इस बार होली में गोबर की लकड़ियां तैयार की जाएंगी।
मुख्यमंत्री हाटबाजार एवं स्लम स्वास्थ्य मिशन की भी समीक्षा- प्रभारी सचिव ने मुख्यमंत्री हाट बाजार एवं स्लम स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा भी की। सीएमएचओ ने बताया कि हाट बाजारों में अथवा स्लम में ही मेडिकल टीम के पहुंच जाने के कारण बड़ी संख्या में लोग अपनी जांच करा लेते हैं। इनसे उनकी बीमारियों का चिन्हांकन हो जाता है। उनकी दवाएं समय पर आरंभ हो जाने से भविष्य में रोग बढ़ने की आशंका कम हो जाती है।
धान खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए हो सभी सुविधाएं, सुनिश्चित करें- प्रभारी सचिव ने बैठक के आरंभ में धान खरीदी की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केंद्र में सभी तरह की सुविधाएं होनी चाहिएं। किसान को अधिक समय तक संग्रहण केंद्र में रूकना नहीं पड़े। ऐसी पुख्ता व्यवस्था तैयार करें। उन्होंने धान के अवैध परिवहन पर लगातार नजर रखने एवं कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने बताया कि धान खरीदी के लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। अवैध परिवहन पर नजर रखी जा रही है और अब तक 21 प्रकरण बनाये जा चुके हैं। समितियों में समय-समय पर स्टाक वेरीफिकेशन किया जाएगा। साथ ही राइस मिलों में स्टाक वेरीफिकेशन का काम आरंभ हो चुका है जो अगले दस दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।
पांच इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूलों एवं मिडिल स्कूलों के लिए प्रस्ताव- शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नगरीय निकायों में इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए मांग आ रही है। हमारे पास जो भर्तियाँ हुई हैं उनमें अंग्रेजी माध्यम के पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं। यहां पांच इंग्लिश मीडियम के प्राइमरी तथा मिडिल स्कूल आरंभ करने की आवश्यकता है। इस पर प्रभारी सचिव ने कहा कि इस प्रस्ताव पर गंभीरतापूर्वक विचार कर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

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