सवाल पूछने पर मोदी के मंत्री सामाजिक कार्यकर्ताओं पर बिफरे और फाड़ डाले पोस्टर

अश्विनी कुमार चौबे नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में हैं. वे बक्सर से सांसद हैं. मंत्री है तो ठसक में रहते हैं. किसी को भी सरेआम हड़का देते हैं. विवादों से उनका नाता रहता है. देश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री हैं. चमकी बुखार से बिहार में बच्चों की मौत हुई थी तो पहले बयान दिया कि लीची खाने से चमकी बुखार हुआ है. फिर इस मुद्दे पर प्रेस कांफ्रेंस हुई तो वे सोते नजर आए. चौबे जी के नाम के साथ और भी कई विवाद सामने आए. दो दिन पहले अश्विनी चौबे अपने संसदीय क्षेत्र बक्सर में थे. वहां उन्होंने क्षेत्र के लोगों के साथ न गलत व्यवहार किया बल्कि वे बेशर्मी पर उतर आए. बक्सर में जब लोगों ने उनके पुराने वादों की याद दिलाई और इलाज का इंतजाम करने की मांग की तो मंत्री ने बेशर्मी की इंतहा कर दी. मंत्री अश्विनी चौबे ने लोगों के साथ खुद धक्का मुक्की की पोस्टर फाड़ दिया. मंत्री का यह रूप देख कर लोग हतप्रभ रह गए. इसकी वजह से बक्सर सांसद और केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे एक बार फिर विवादों में आ गए हैं. बक्सर में सवाल पूछने पर चौबे भड़क गए और सवाल करने वाले से उलझ गए, पोस्टर को फाड़ दिया और मांग करने वाले को अंगुली दिखाई और उन्हें भाग जाने को कहा. अश्विनी कुमार चौबे ने लोगों को धमकाते हुए कहा भागो यहां से. उनके रवैये से इलाके के लोगों में काफी गुस्सा है.

बक्सर सदर अस्पताल में सुविधाओं को बहाल करने का वादा कर चुके मंत्री को उनका वादा याद दिलाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता और दिव्यांग पहुंचे थे. हाथों में बैनर लेकर समाजिक कार्यकर्ता मंत्री जी के उस वादे को याद दिलाने आए थे जो उन्होंने दो महीने पहले उनसे किए थे. वादे के मुताबिक मंत्री को बक्सर सदर अस्पताल में डिजिटल एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा को बहाल करने की बात की गई थी. इसके लिए मशीन भी सदर अस्पताल में लाकर महीनों से रखी गई है लेकिन उसे अभी तक इस्तेमाल में नहीं लागया जा सका है. इसे याद दिलाने के लिए लोग आए तो मंत्री अश्विनी कुमार चौबे सामाजिक कार्यकर्ताओं पर भड़क गए. उन्होंने अपना आपा खो दिया.

चौबे सामाजिक कार्यकर्ताओं को देखते ही गुस्से से लाल हो गए और उनके हाथों से बैनर छीनकर फाड़ दिया और फिर उन्हें भाग जाने का फरमान सुनाया. अपमान होते देख सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता रामजी सिंह के साथ आए दिव्यांगजनों ने इसका विरोध किया और इसे सांसद का दुर्व्यवहार बताते हुए खुद को अपमानित करने का मंत्री पर आरोप लगाया. बक्सर के सर्किट हाउस में हुए इस हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद अफरा-तफरी का माहौल पनपा. पुलिस और प्रशासन भी चौबे जी की इस हरकत से सन्न रह गए. उनकी समझ में ही नहीं आया कि क्या करें. काफी मशक्कत के बाद मामले को शांत किया गया. लेकिन सामाजित कार्यकर्ताओं ने चौबे जी की इस हरकत पर उन्हें चेताया और कहा कि इसका नतीजा ठीक नहीं होगा और चौबे जी का चौतरफा विरोध होगा. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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