भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने नीतीश को पत्र लिखा, सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा

बिहार में भाजपा और जदयू के बीच रिश्तों में कड़वाहट बरकरार है. भाजपा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कामकाज पर लगातार सवालें उठाती रही है. यह अलग बात है कि वह खुद सत्ता में हिस्सेदार है. लेकिन पार्टी अपने मंत्रियों की बजाय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रही है. अब बिहार भाजपा के अध्‍यक्ष संजय जायसवाल ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाया है. बिहार के चंपारण जिले में सड़क निर्माण में लाखों की हेराफेरी का उन्होंने आरोप लगाया है. दिलचस्प यह है कि पथ निर्माण विभाग भाजपा के नंदकिशोर यादव के पास है लेकिन संजय जायसवाल ने सवाल मुख्यमंत्री से किया है. संजय जायसवाल ने बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र भी लिख कर इस मुद्दे को उठाया है. संजय जायसवाल ने यह पत्र तब लिखा जब नीतीश कुमार चंपारण जानेवाले थे. पत्र सार्वजनिक हुआ और फिर इसे लेकर बिहार की सियासत गरमा गई.

संजय जायसवाल ने अपने पत्र में कहा कि चंपारण के ग्रामीण इलाकों में बन रही सड़क के निर्माण में लाखों की हेराफेरी हुई है. उन्‍होंने हेराफेरी का आरोप इंजीनियर व अधिकारियों पर लगाया है. उनहोंने कहा है कि इंजीनियरों व अधिकारियों की मिलीभगत के कारण लाखों की गड़बड़ी हुई है. संजय जायसवाल ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार से इस मामले में उच्‍चस्‍तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि उच्‍चस्‍तरीय जांच से मामले में और भी गड़बड़ी दूर हो सकती है. नीतीश कुमार चंपारण की यात्रा पर जाना था और उनकी यात्रा से ठीक पहले भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष ने पत्र लिख कर गठबंधन के संबंधों पर सवाल तो खड़ा किया ही, सियासत में भी उबाल ला दिया.

खास बात यह है कि ग्रामीण सड़क निर्माण कराने वाले विभाग के मंत्री और सचिव दोनों मुख्यमंत्री के बेहद चहेते बताए जाते हैं. इसलिए संजय जायसवाल का पत्र कई सवाल खड़े कर रहा है. संजय जायसवाल ने अपने पत्र में कहा है कि पश्चिम चंपारण में ग्रामीण सड़क बनाने में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार लगातार जारी है. अधिकारी, ठेकेदार और नेताओं का गिरोह सरकारी पैसे को लूट रहा है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कई समाचार पत्र की खबरों को भी पत्र के साथ भेजा है, जिनमें ग्रामीण सड़कों के निर्माण में गड़बड़ी से संबंध में खबरें छपी हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चंपारण के दौरे पर थे. मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने ये पत्र लिखा है. उन्होंने पत्र में कई उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की है.

सवाल यह भी है कि बिहार की सत्ता में साझीदार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखने की जरूरत क्यों आ पड़ी. वे मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री से मिलकर भी अपनी शिकायत रख सकते थे. पत्र से साफ हो गया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का सरकार चलाने वालों से बातचीत नहीं हो रही है. माना जा रहा है कि उनका इरादा सरकार को कठघरे में खडा करने का भी है. दरअसल ग्रामीण कार्य विभाग के जिम्मे बिहार में ग्रामीण सडकों को बनाने का काम है. विभाग के मंत्री शैलेश कुमार और सचिव विनय कुमार दोनों मुख्यमंत्री के बेहद खास माने जाते हैं. लिहाजा ग्रामीण कार्य विभाग की लगातार शिकायतों के बावजूद सरकार खामोश ही बैठी रही. सवाल यह भी है कि क्या संजय जायसवाल के पत्र के बाद मुख्यमंत्री कार्रवाई करेंगे.

संजय जायसवाल के पत्र के बाद बिहार की राजनीति एक बार फिर से गरम हो गई है. संजय जायसवाल ने एक राजनेता की भूमिका पर सवाल उठाया है और कहा है कि उनकी मिलीभगत से हीं भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है. आखिर संजय जायसवाल ने किस राजनेता पर सवाल उठाया इस पर चर्चा तेज है. कोई सत्ता पक्ष के नेता के नाम की चर्चा कर रहा तो कोई विपक्ष के नेता का. लेकिन भाजपा अध्यक्ष ने पूरी जानकारी इकट्ठा कर हीं तीर चलाया है. कहा जा रहा है कि उनका निशाना सीधे तौर जय श्री राम का नारा लगाकर फजीहत झेल चुके नीतीश सरकार के एक मंत्री पर है.

बताया जाता है कि जिस इलाके की सड़क निर्माण में 90 लाख रुपए से अधिक के घोटाले का आरोप लगाकार नीतीश को पत्र लिखा गया है उस इलाके में बिना माननीय की इच्छा के कुछ भी नहीं होता. कोई भी ठेकेदार बिना उनकी मर्जी के उस इलाके में कोई काम नहीं करा सकता. जिस सड़क निर्माण में घोटाले का आरोप लगाया है उसके ठेकेदार और जय श्रीराम का नारा लगाकर चर्चा में आए मंत्रीजी का बड़ा हीं घनिष्ट संबंध है. बताया जाता है कि पिछली दफा मंत्री ने उक्त ठेकेदार को टिकट दिलाने को लेकर खूब लॉबिंग की थी, लेकिन विरोधियों ने साहेब के पास ठेकेदार की पूरी कुंडली हीं पहुंचा दी. लिहाजा मंत्री अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके थे. 

हालांकि नीतीश कुमार ने चंपारण दौरे से ही भाजपा को नसीहत देने में कोताही नहीं की. मैनाटांड़ में नीतीश ने तीन सौ करोड़ की कई योजनाओं का शिलान्यास-उद्घाटन करने के बाद उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया. अपने संबोधन में नीतीश ने अगली बार एक बार फिर से मौका देने का आग्रह किया. नीतीश ने बिगड़ते जलवायु और पर्यावरण को लेकर काफी चिंता जाहिर की तो लगे हाथ उन्होंने इशारों-इशारों में हीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल को जवाब भी दे दिया. मैनाटांड में अपने संबोधन में नीतीश ने भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल के भ्रष्टाचार को लेकर लिखे गए पत्र का इशारों में जवाब भी दे दिया. उन्होंने कहा कि पहले काम नहीं होता था तो लोगों की मानसिकता भी वही होती थी. अब जब काम तेज़ी से हो रहे हैं तो लोगों की उम्मीदें भी बढ़ जाती है. हालांकि इससे अधिक नीतीश ने कुछ नहीं कहा लेकिन अपने एक लाइन के हीं इस भाषण में उन्होंने सब कुछ कह दिया. बहरहाल इस पत्र ने सियासत तो तेज कर ही दी है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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