जम्मू-कश्मीर: एलजी ने सर्दियों की तैयारियों का जायजा लिया

सरकार ने नवगठित केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नक्शे और उन्हें केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में दर्शाने वाला भारत का नया मानचित्र जारी कर दिया है। जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 पारित होने के बाद 31 अक्टूबर 2019 को जम्मू कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र और लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र का पुनर्गठन हो गया है।

नए लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र में कारगिल और लेह दो जिले हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर में 28 जिले हैं। जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के दौरान सिर्फ 14 जिले अस्तित्व में थे, जिनमें कठुआ, जम्मू, ऊधमपुर, रियासी, अनंतनाग, बारामूला, पुंछ, मीरपुर, मुजफ्फराबाद, लेह-लद्दाख, गिलगित, गिलगित वजारत, चिल्हास और ट्राइबल टेरिटॉरी थे।

2019 तक आते-आते जम्मू-कश्मीर की राज्य सरकार ने इन 14 जिलों के क्षेत्रों को पुनर्गठित करके 28 जिले बना दिए थे। नए जिलों में कुपवाड़ा, बांदीपुरा, गंडेरबल, श्रीनगर, बड़गाम, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, राजौरी, रामबन, डोडा, किश्तवार, सांबा और कारगिल आदि शामिल हैं

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने कहा है कि सुशासन और कुशल प्रशासन  सुचारू सार्वजनिक सेवा के लिए अहम है। उपराज्यपाल ने कल बारामूला जिले के समग्र विकास और सर्दियों में सरकार की तैयारियों की समीक्षा की। जम्मू और कश्मीर के नए केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल का पद संभालने के बाद बारामुला की यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा थी।

उपराज्यपाल ने इस अवसर पर 'बैक टू विलेज' कार्यक्रम के तहत चिन्हित ग्राम स्तरीय कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की। उन्होंने एसएसपी ऑफिस सोपोर में एक नई इमारत की घोषणा करने के अलावा शीरवानी हॉल में सभागार के आधुनिकीकरण के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा की। 

 



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