अयोध्या मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करने से बचना चाहिए: हसन रिज़वी

नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हसन रिज़वी ने कहा है कि मुस्लिम पक्ष को अयोध्या मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करने से बचना चाहिए.
रिज़वी ने कहा, ”अगर मुस्लिम पक्ष पुनर्विचार याचिका दायर करेगा तो लोगों में ये दूरगामी संदेश जाएगा कि मुसलमान एक महत्वपूर्ण हिंदू मंदिर बनने के रास्ते में रोड़ा अटका रहे हैं.”
रिज़वी के मुताबिक़ ये समझना ज़रूरी है कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आने से पहले पूरे देश के हिंदुओं, मुसलमानों और यहां तक कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा था कि अदालत का फ़ैसला चाहे जो वो, वो उसका सम्मान करेंगे.
रिज़वी ने कहा, ”भारतीय मुसलमानों ने कभी ये नहीं कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला तभी कबूलेंगे जब वो उनके पक्ष में होगा. इसलिए अगर अब वो पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे तो ऐसा लगेगा कि वो जानबूझकर हिंदुओं के सबसे पूज्य देवता राम का मंदिर बनने में अड़चन पैदा करना चाहते हैं.”
हसन रिज़वी ने ये भी कहा कि मुसलमानों को मस्जिद बनाने के लिए पाँच एकड़ ज़मीन को ठुकराने के बजाय उसे स्वीकार करके देश मे सांप्रदायिक सद्भावना का संदेश देना चाहिए.
अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने नौ नवंबर को सर्वसम्मति से फ़ैसला दिया था.
फ़ैसले में अदालत ने विवादित ज़मीन हिंदू पक्ष को दी गई थी सरकार से मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने के लिए कहा था. वहीं, मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में किसी और जगह पांच एकड़ ज़मीन देने का आदेश दिया गया था.
-BBC

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