’’सुराजी गांव योजना’’ को बनाना होगा जन आंदोलन : श्री भूपेश बघेल


  • मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना दिवस पर ’’सुराजी गांव योजना’’  के प्रशिक्षकों को किया सम्मानित
  • स्वयंसेवकों ने 27 जिलों में दिया गौठानों के सुचारू संचालन का प्रशिक्षण

D P Tiwari

रायपुर, 01 नवम्बर 2019/मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर यहां अपने निवास कार्यालय में राज्य सरकार की महात्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के तहत गौठानों के सुचारू संचालन, कार्यप्रणाली और गौठान में संचालित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना आयोग के मार्गदर्शन में स्वयंसेवकों के माध्यम से प्रारंभ किए गए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सुराजी गांव योजना को सभी की सहभागिता से एक जन आंदोलन बनाना होगा। जिलों में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान इन प्रशिक्षकों ने गौठान समितियों, सुराजी गांव समितियों के गठन, कार्यप्रणाली और दायित्वों के संबंध में भी जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा राज्य योजना आयोग के मार्गदर्शन में तैयार की गई। विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के इन प्रतिनिधियों और किसानों ने स्वयंसेवक के रूप में प्रदेश के सभी 27 जिलों में जाकर वहां कृषि, उद्यानिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुपालन विभाग, जल संसाधन विभाग के जिला और विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों, मैदानी अमले के कर्मचारियों तथा बिहान योजना के स्व-सहायता समूहों को जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्रदान किया है।

इस अवसर पर राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री अजय सिंह, मुख्य सचिव श्री आर.पी. मंडल, राज्य योजना आयोग के सदस्य श्री के. सुब्रमणियम, मुख्यमंत्री के योजना सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार श्री राजेश तिवारी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी और राज्य योजना आयोग के सदस्य सचिव डॉ. जे.एस. विरदी उपस्थित थे।

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