मुसलमानों को पाकिस्तान जाने को कहने वाले मेरठ के डीएम और एसपी का वीडियो वायरल

यूपी में सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन में जम कर हिंसा हुई थी. मेरठ से लेकर बिजनौर और दूसरे इलाकों में लोग सड़कों पर उतरे. हिंसा में पंद्रह लोगों की मौत हो गई. हिंसा के दौरान पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई करने का आरोप भी लगा. सोशल मीडिया पर ऐसे कई सीसीटीवी फुटेज वायरल हुए जिनमें यूपी पुलिस घरों में घुस कर तोड़फोड़ करते, सीसीटीवी कैमरा तोड़ते, दुकान लूटते और मस्जिद को नुकसान पहुंचाते हुए देखा जा सकता है. पुलिस ने हालांकि इसकी कोशिश की थी कि उनके खिलाफ किसी तरह का सबूत नहीं मिले लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.

सामाजिक संगठनों ने इन सबूतों को खोज निकाला. इसी कड़ी में मेरठ के एसपी का वीडियो वायरल हुआ. इस वीडियो के सामने आने के बाद सियासी बवाल भी बढ़ गया. मेरठ एसपी अखिलेश नारायण के वायरल वीडियो पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इसकी आलोचना की है. दिग्विजय सिंह ने मेरठ एसपी के बयान पर कहा है कि मेरठ एसपी की ओर से मुस्लिमों को पाकिस्तान जाने की बात सुनकर मैं हैरान हूं.

उन्होंने कहा कि मुसलमानों को पाकिस्तान क्यों जाना चाहिए, इस तरह का बयान देने वाले एसपी को न केवल बर्खास्त किया जाना चाहिए, बल्कि मुकदमा भी चलाया जाना चाहिए. यह पूरी तरह से शर्मनाक भी है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुसलमानों ने भारतीय संविधान में उनके भरोसे के कारण भारत को चुना, मुसलमानों ने महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ पटेल, अबुल कलाम आजाद के नेतृत्व को चुना और इस्लामी पाकिस्तान को खारिज कर दिया.

मेरठ का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण लोगों को धमकाते हुए कहते हुए नजर आ रहे हैं कि चले जाओ पाकिस्तान, खाओगे यहां का और गाओगे के कहीं और का. यह वीडियो मेरठ के लिसाड़ी गेट इलाके का बताया गया, जहां सीएए के खिलाफ हुए प्रदर्शन में उपद्रवियों ने बवाल किया था. लिसाड़ी गेट पर मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण और एडीएम कुछ लड़कों का पीछा करते हुए पहुंचे थे. तभी एसपी सिटी ने वहां खड़े लोगों से कहा कि जाना है तो चले जाओ पाकिस्तान भैया, खाओगे यहां का गाओगे कहीं और का. आगे उन्होंने गली में खड़े लोगों को धमकाते हुए कहा कि यह गली मुझे याद हो गई है और याद रखना जब मुझे याद हो जाता है तो नानी तक मैं पहुंचता हूं, याद रखना आप लोग. इसके बाद वहां खड़े लोग उपद्रवियों के बारे में पुलिस से कहते सुनाई दे रहे हैं कि यह गलत बात है.

लेकिन एसपी बार-बार लौटकर आकर लोगों से कह रहे हैं, इस गली में कुछ हो गया तो तुम लोग कीमत चुकाओगे, आना फिर. साथ ही वे अभद्र और गालियां बोलते भी सुनाई दे रहे हैं. इस वीडियो में एसपी सिटी और एडीएम यह भी बोल रहे हैं कि काला, पीला कपड़ा बांध कर ज्यादा बवाल कर रहे हो. एडीएम भी कह रहे हैं कि ज्यादा काले कपड़े का शौक है, सेकेंड लगेगा और सब कुछ यहां काला पड़ जाएगा, पूरी जिंदगी काली हो जाएगी. वहीं, वीडियो सामने आने के बाद अब पुलिस सफाई देने में जुटी है. पुलिस के शीर्ष अधिकारी इसे एसपी सिटी का नेचुरल गुस्सा बताकर उनके बयान का बचाव करते दिखे.

मेरठ एसपी सिटी वीडियो मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मेरठ एसपी सिटी का वीडियो ट्वीट कर भाजपा पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि भाजपा ने संस्थाओं में इस कदर सांप्रदायिक जहर घोला है कि आज अफसरों को संविधान की कसम की कोई कद्र ही नहीं है. पिछले हफ्ते शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद सीएए और एनआरसी के विरोध को लेकर हुए बवाल के दौरान मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण और एडीएम सिटी का वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में कुछ उपद्रवी काली पट्टी बांधकर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे है. जिसको लेकर एसपी सिटी बहुत ज्यादा नाराज हुए. प्रियंका गांधी ने एसपी सिटी का वीडियो ट्वीट कर लिखा कि भारत का संविधान किसी भी नागरिक के साथ इस भाषा के प्रयोग की इजाजत नहीं देता और जब आप अहम पद पर बैठे अधिकारी हैं तब तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. भाजपा ने संस्थाओं में इस कदर सांप्रदायिक जहर घोला है कि आज अफसरों को संविधान की कसम की कोई कद्र ही नहीं है.

वायरल वीडियो सात दिन पुराना बताया जा रहा है. वीडियो में एसपी सिटी के हाथ में डंडा और हेलमेट है. बॉडी प्रोटेक्टर जैकेट पहनकर गली में जाते दिखाई पड़ रहे हैं. वे मोबाइल से वीडियो बनाते हुए गली में वापस मुड़ते हैं. एसपी सिटी एक समुदाय के लोगों से कहते हैं कि जो हो रहा है वह ठीक नहीं है. इस पर वहां खड़ा एक व्यक्ति कहता है कि जो लोग माहौल बिगाड़ रहे हैं, वह गलत हैं. इस पर अफसर कहते हैं कि उनको कह दो वह दूसरे मुल्क चले जाएं. यहां कोई गलत बात मंजूर नहीं होगी. इसी दौरान एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह गली के अंदर भाग रहे कुछ युवकों को कह रहे हैं कि जहां जाओगे, चले जाओ. हम ठीक कर देंगे. काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हो, खाओगे यहां और गाओगे वहां का. याद रखना, मुझे सब याद रहता है.

हालांकि इस मामले पर सफाई में एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि उस समय माहौल बहुत तनावपूर्ण था, जिसकी वजह ऐसे शब्द निकल गए होंगे. उस दिन माहौल काफी तनावपूर्ण था. चारों तरफ से पत्थर फेंके जा रहे थे. देश विरोधी नारे लगाए जा रहे थे. पीएफआई की तरफ से पर्चे बांटे गए थे. यह तब हुआ जबकि सभी धार्मिक गुरुओं से शांति की अपील की गई थी. माहौल सामान्य होता तो इसकी जगह और भी बेहतर शब्द इस्तेमाल किए जा सकते थे. घटना पर एसपी अखिलेश नारायण सिंह ने कहा- कुछ लड़के हमें देखकर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे. इसके बाद उन्होंने दौड़ना शुरू कर दिया. मैंने उन्हें कहा कि तुम लोग पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे हो और भारत से इतनी नफरत है तो पाकिस्तान चले जाओ. फिलहाल हम उनकी तलाश कर रहे हैं. हालांकि इसके सबूत नहीं मिले हैं कि वहां पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जा रहे थे. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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