योगी की पुलिस ने प्रियंका गांधी के साथ की बदसलूकी, गर्दन पकड़ कर धक्का देने का आरोप

यूपी पुलिस लगातार विवादों में धिरी है. बड़े अधिकारी से लेकर सिपाहियों तक पर आरोप लग रहे हैं कि वे लोगों को सुरक्षा देने की बजाय एक खास समुदाय के लोगों को प्रताड़ित कर रही है. यहां तक कि पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी पर मुसलमानों को पाकिस्तान जाने के लिए कहने तक का वीडियो वायरल हुआ है. अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया है. प्रियंका गांधी शनिवार को लखनऊ में थीं और वे एनआरसी और सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के शिकार लोगों से मिलने पहुंचीं थीं. लेकिन उन्हें मिलने से रोका गया.

प्रियंका गांधी ने शनिवार को पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नए नागरिकता कानून के खिलाफ हाल में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व पुलिस अधिकारी के घर जाते वक्त उन्हें रोकने की कोशिश कर रही पुलिस ने उनका गला दबाकर उन्हें गिराया. प्रियंका ने कहा कि वे नागरिकता कानून के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार किए गए सेवानिवृत्त आईपीएस अफसर एसआर दारापुरी के परिजनों से मुलाकात करने के लिए पार्टी राज्य मुख्यालय से निकली थीं. रास्ते में लोहिया चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया.

उन्होंने आरोप लगाया कि मैं गाड़ी से उतरकर पैदल चलने लगी. मुझे घेरा गया और एक महिला पुलिसकर्मी ने मेरा गला दबाया. मुझे धक्का दिया गया और मैं गिर गई. आगे चलकर फिर मुझे पकड़ा तो मैं एक कार्यकर्ता के टू-व्हीलर से निकली. उसे भी गिरा दिया गया. प्रियंका ने कहा कि दारापुरी 77 साल के पूर्व पुलिस अधिकारी हैं. उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन के लिए फेसबुक पर पोस्ट डाली थी. इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. उनकी बीवी बहुत बीमार हैं. यह सब किसलिए, क्योंकि आपकी नीति उन्हें पसंद नहीं है. कांग्रेस महासचिव ने अपने फेसबुक पेज पर भी यही बात लिखते हुए कहा कि मगर मेरा निश्चय अटल है. मैं उत्तर प्रदेश में पुलिस दमन का शिकार हर एक नागरिक के साथ खड़ी हूं. मेरा सत्याग्रह है. भाजपा सरकार कायरों वाली हरकत कर रही है. मैं उत्तर प्रदेश की प्रभारी हूं और मैं प्रदेश में कहां जाऊंगी ए भाजपा सरकार नहीं तय करेगी.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक सिंह ने बताया कि पुलिस के एक क्षेत्राधिकारी ने लोहिया चौराहे पर प्रियंका के वाहन के आगे अपनी गाड़ी लगा दी तो वे पैदल ही चल पड़ीं. करीब एक किलोमीटर दूर पुल पार करने के बाद प्रियंका फिर गाड़ी पर बैठीं. आगे मुंशी पुलिया इलाके में पुलिस ने उन्हें फिर रोका तो वे दोबारा पैदल चलने लगीं और इंदिरा नगर के सेक्टर 18 में अचानक एक गली में मुड़ गईं. इस हाई वोल्टेज ड्रामे के दौरान हलकान हुई पुलिस और पार्टी नेताओं के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. कुछ देर तक तो पता ही नहीं चला कि प्रियंका कहां गईं. बाद में मालूम हुआ कि वे स्कूटी पर बैठ कर दारापुरी के घर पहुंच गईं हैं. इस दौरान उन्होंने करीब तीन किलोमीटर पैदल सफर किया. 

दारापुरी के परिजन से मुलाकात के बाद निकली प्रियंका ने बताया कि मैं गाड़ी में शांतिपूर्वक जा रही थी, तब कानून-व्यवस्था कैसे बिगड़ने वाली थी, मैंने किसी को बताया तक नहीं था ताकि मेरे साथ तीन से ज्यादा लोग नहीं आएं. मुझे रोका गया तभी मैं पैदल चली. इनके पास मुझे रोकने का हक नहीं है. अगर गिरफ्तार करना चाहते हैं तो करें. इस सवाल पर कि क्या मुख्यमंत्री को लगता है कि उनकी वजह से उनकी राजनीति को खतरा है, प्रियंका ने कहा कि सबकी राजनीति को खतरा है. कांग्रेस ने लखनऊ में प्रियंका गांधी के साथ पुलिस के धक्कामुक्की करने और राज्य में गुंडाराज होने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए. पार्टी प्रवक्ता सुष्मिता देव ने यह भी कहा कि पुलिस के व्यवहार की जांच भी होनी चाहिए. प्रियंका के कार्यालय ने इस मामले में सीआरपीएफ के महानिदेशक को पत्र लिखकर इस मामले का संज्ञान लेने और कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.

गांधी परिवार को जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है, उनके आसपास सीआरपीएफ जवानों का सुरक्षा घेरा होता है. सुष्मिता ने कहा कि हमने देखा कि लखनऊ में क्या हुआ. प्रियंका गांधी जी किसी भी जिम्मेदार विपक्षी नेता की तरह उन लोगों से मिलने जा रही थीं, जिन्होंने पुलिस के उत्पीड़न का सामना किया है. जब वह पूर्व पुलिस अधिकारी दारापुरी से मिलने जा रही थीं तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया. उन्होंने दावा किया कि उनकी कार इस तरह से रोका गया कि प्रियंका जी का वाहन दुर्घनाग्रस्त हो जाता. उन्होंने रोकने का कारण पूछा. मेरा मानना है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रियंका जी के जीवन को जोखिम में डालने का काम किया. राज्य की पुलिस ने प्रियंका के साथ धक्कामुक्की की. महिला पुलिस कर्मचारी ने उनके गले पर हाथ लगाया. बाद में जब प्रियंका गांधी दोपहिया वाहन से आगे बढ़ीं तो पुलिस ने उन्हें फिर रोक लिया.

कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल किया कि मैं अजय बिष्ट जी से पूछना चाहती हूं कि क्या वे यूपी में गुंडाराज चला रहे हैं. क्या दो लोगों का दोपहिया वाहन पर जाना भी धारा 144 का उल्लंघन है, क्या उत्तर प्रदेश में बनाना रिपब्लिक चल रहा है. योगी के पुलिस के इस रवैये पर सरकार विपक्ष के निशाने पर पहले से ही थी, पुलिस पर हमला और बढ़ गया है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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