नागरिकता कानून पर उप राष्ट्रपति ने तोड़ा मौन, बोले हिंसा न करें

देश में मोदी सरकार के नागरिकता कानून पर लगातार बहस और विरोध जारी है। अब हिंसात्मक विरोध तो बंद हो चुके हैं लेकिन अब भी कहीं कहीं से हिंसा की खबरें आ रही हैं। ये मुद्दा पूरी तरह से राजनीतिक भी हो गया है और बड़े दलों जैसे कांग्रेस ने इस कानून का विरोध करना शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी ओर पहली बार उप राष्ट्रपति ने नागरिकता कानून पर चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने बड़ा बयान दिया है।

लगातार जारी है विरोध

लोकसभा और राज्यसभा से पास हो चुके कानून का देश में लगातार विरोध हो रहा है। इस कानून को धार्मिक आधार पर भेदभाव करने वाला करार दिया जा रहा है। बंगाल में ममता बनर्जी से लेकर दिल्ली और अन्य राज्यों में कांग्रेस ने इस कानून का विरोध शुरू कर दिया है। हैदराबाद सांसद ओवैसी भी इस बिल को नकार चुके हैं। वहीं कई राज्य तो पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि सीएए को वे अपने राज्यों में लागू ही नहीं होने देंगे।

जानें पहली बार क्या बोले उप राष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने पहली बार इस कानून पर अपनी चुप्पी तोड़ी। रविवार को संयुक्त आंध्र प्रदेश के दिवंगत सीएम एम चन्ना रेड्डी के जयंती कार्यक्रमों के उद्घाटन के दौरान नायडू बोले कि केन्द्र सरकार को लोगों की आशंकाओं को दूर करना चाहिए। उप राष्ट्रपति ने कहा कि एनपीआर हो या सीएए, इन मुद्दों पर सकारात्मक बहस जरूरी है। हालांकि उन्होंने कहा कि विरोध के दौरान हिंसा नहीं होनी चाहिए।

दोस्तो आपको क्या लगता है उप राष्ट्रपति का बयान कैसा है, कमेंट में बताएं और न्यूज शेयर करें। हर अपडेट के लिए आप मुझे फॉलो जरूर करें। धन्यवाद।।

(न्यूज सोर्स- amarujala.com)



Post a Comment