प्रशांत किशोर ने सुशील मोदी पर किया वार, कहा- परिस्थितियों ने बनाया उप मुख्यमंत्री

बिहार में चुनाव इस साल के अंत में होना है लेकिन बिसात बिछने लगी है. एनडीए के घटक दलों में मारामारी ज्यादा दिख रही है. सीटों पर भी तकरार है और विचारों को लेकर भी एक-दूसरे से अलग दिखने की होड़ है. पार्टी के उपाध्यक्ष हैं प्रशांत किशोर. उन्हें चुनावी रणनीतिकार भी माना जाता है. भाजपा की केंद्र में नरेंद्र मोदी की अगुआई में सरकार बनी तो इसका श्रेय प्रशांत किशोर को भी गया. लेकिन अब वही प्रशांत किशोर भाजपा की आंखों की किरकिरी बन गए हैं. वे जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं.

हाल के दिनों में वे भाजपा पर लगातार हमलावर हैं. सीएए से लेकर एनआरसी पर वे भाजपा की घेरेबंदी में लगे हैं. विधानसभा चुनाव में सीटों को लेकर भाजपा को सौ सीटें देने का एलान किया तो भाजपा के तेवर तल्ख हो गए. विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी अभी से ही तेज हो गई. एनडीए में जनता दल यूनाइटेड व भारतीय जनता पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर आपसी बयानबाजी तल्‍ख होती जा रही है. जदयू उपाध्‍यक्ष प्रशांत किशोर ने जदयू को बिहार की बड़ी पार्टी बताते हुए सीट बंटवारे का जो फॉर्मूला बताया, उसने बिहार में बीजेपी की टेंशन बढ़ा दी है. बीजेपी नेताओं ने प्रशांत किशोर के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई.

उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने भी ट्वीट कर बिना नाम लिए प्रशांत किशोर पर निशाना साधा तो प्रशांत किशोर ने भी करारा पलटवार किया. प्रशांत किशोर ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पर तंज कसा है. उन्होंने ट्वीट किया कि बिहार में नीतीश कुमार का नेतृत्व और जदयू की सबसे बड़े दल की भूमिका बिहार की जनता ने तय की है, किसी दूसरी पार्टी के नेता या शीर्ष नेतृत्व ने नहीं, 2015 में हार के बाद भी परिस्थितिवश उप मुख्यमंत्री बनने वाले भाजपा नेता सुशील मोदी से राजनीतिक मर्यादा और विचारधारा पर व्याख्यान सुनना सुखद अनुभव है.

जनता दल यूनाइटेड के नेता और रणनीतिकार प्रशांत किशोर पिछले कुछ दिनों से भाजपा और जदयू को लेकर मिलने वाली बिहार विधानसभा सीटों के बारे में बयानों से वार हो रहा है. प्रशांत किशोर ने अपने एक बयान से बिहार एनडीए में राजनीतिक बयानबाज़ी का दौर शुरू कर दिया है. प्रशांत किशोर ने पटना में कहा कि अगले साल होने वाले बिहार विधान सभा चुनाव के लिए भाजपा को जनता दल यूनाइटेड को 2009 लोक सभा और 2010 विधान सभा चुनाव की तरह बड़े भाई की तरह ज़्यादा सीटें चाहिए. यह अभी साफ़ नहीं हैं कि प्रशांत किशोर के इस बयान को मुख्य मंत्री नीतीश कुमार की सहमति हैं या नहीं. 

हालांकि जदयू नेताओं का कहना है कि जो प्रशांत किशोर बोल रहे हैं वही नीतीश कुमार की भी भावना है. लेकिन प्रशांत किशोर के इस बयान से बिहार भाजपा के नेता तिलमिलाये हुए हैं. इस बयान के ख़िलाफ़ एनडीए के भाजपा और जनता दल यूनाईटेड के वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है. सबसे पहले बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि 2020 का विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाना तय है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



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