खरीद सौदों में कटौती को मजबूर नौसेना, नहीं मिल रहा पूरा पैसा

 नई दिल्ली
वित्तीय तंगहाली और बजट में भारी कटौती से भारतीय नौसेना के जंगी हथियार खरीदने से जुड़े सौदे प्रभावित हो रहे हैं। यह कुछ मामलों में खरीदे जाने वाले हथियारों की संख्या घटा रही है तो कुछ प्रॉजेक्ट बंद भी कर रही है। नौसेना लगातार बजट के बाद खरीद सौदों से तालमेल बनाने की प्रक्रिया शुरू करती है क्योंकि इसे अपनी जरूरत के हिसाब से रकम नहीं मिलती है। मिसाल के लिए, नौसेना को मौजूदा बजट में 64,307 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि के मुकाबले 41,259 करोड़ रुपये मिले थे। अधिकारियों का कहना है कि यह रकम उन्हीं खरीद सौदों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है, जिन पर पहले ही साइन किया जा चुका है।

सूत्रों ने बताया कि नेवी अब माइन काउंटर मेजर वेसल्स (MCMVs) की संख्या में कटौती कर रही है। यह अब 8 युद्धपोत खरीदना चाहती है, जबकि सौदा 12 का हुआ था। यह अनुबंध गोवा शिपयार्ड लिमिटेड को दिया था, जो मूल रूप से 32,000 करोड़ रुपये का था। अब इसमें कमी की जाएगी। इसी तरह अब 6 ही कामोव KA 31 अर्ली वार्निंग हेलीकॉप्टर्स खरीदने की योजना है, जबकि असल जरूरत 10 सिस्टम्स की थी। इस प्रोजेक्ट की लागत मूल रूप से 3600 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

बजट की तंगी, कई बड़ी योजनाओं से पीछे हटी नेवी

पिछले साल नवंबर में नेवी ने अमेरिका से फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) पैक्ट के तहत खरीदे जाने वाले अतिरिक्त P8 I की संख्या भी 10 से घटाकर 8 कर दी थी। ओरिजिनल कॉन्ट्रैक्ट 21,000 करोड़ रुपये का था, जिसे बाद में कम किया गया था। सूत्रों ने बताया कि नौसेना कैडेट ट्रेनिंग शिप प्रोग्राम जैसे मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट्स को भी बंद कर रही है। भारत में चार लैंडिंग प्लेटफार्म डॉक्स बनाने की 20,000 करोड़ रुपये की योजना पर भी पांव पीछे खींचने की तैयारी है। यह प्रोग्राम 2013 में शुरू किया गया था। इसके जरिए एक प्राइवेट डॉकयार्ड में सबसे बड़ा युद्धपोत बनाया जाना था। हालांकि, इस प्रोजेक्ट को 2018 में झटका लगा, जब रक्षा मंत्रालय ने शॉर्टलिस्टेड कंपनियों लार्सन एंड टुब्रो और रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (आरएनईएल) के बीच कमर्शियल बिड्स खोलने की प्रक्रिया को रोक दिया।

खरीद में कटौती का फैसला अचानक नहीं
नौसेना खरीद में कटौती अचानक नहीं कर रही है। इसने पहले ही रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति को बता दिया है कि वित्तीय तंगहाली से नौसेना का आधुनिकीकरण प्रभावित होगा। नौसेना ने पहले ही एयरक्राफ्ट कैरियर, माइन काउंटर मेजर वेसल्स (MCMVs), लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक्स (LPDs) और फ्लीट सपोर्ट शिप्स (FSSs) में मामूली गिरावट का अनुमान लगाया है। नौसेना 2027 तक वॉरशिप फोर्स की संख्या 200 करने का लक्ष्य लेकर चल रही थी, लेकिन बजट में कटौती ने इसे घटाकर 175 कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अब नौसेना मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
 



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