भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर को इलाज की जरूरत, नहीं तो जान को खतरा : डॉक्टर

 
नई दिल्ली

तिहाड़ जेल में बंद भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ऐसी बीमारी से पीड़ित हैं, जिसमें उनके शरीर से खून निकालना पड़ता है। खून नहीं निकाले जाने पर कार्डिएक अरेस्ट या स्ट्रोक का खतरा रहता है। उनकी इस बीमारी को लेकर उनके फिजिशन डॉक्टर हरजीत सिंह भट्टी ने ट्वीट किया कि उन्हें तत्काल इलाज की जरूरत है। मगर, बार-बार अनुरोध के बाद भी उन्हें इलाज नहीं मिल रहा है। यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है। साथ ही चंद्रशेखर की जान को खतरा भी है।

एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर असोसिएशन के पूर्व प्रेजिडेंट डॉक्टर भट्टी ने कहा कि एम्स के हेमेटोलॉजी विभाग में उनका इलाज एक साल से ज्यादा समय से चल रहा है। इस बीमारी में शरीर से ब्लड निकालना पड़ता है। अगर ब्लड नहीं निकाला जाता है, तो ब्लड गाढ़ा होने लगता है। इसकी वजह से कार्डिएक अरेस्ट और स्ट्रोक को सकता है। डॉक्टर ने इससे संबंधित एक के बाद एक लगातार तीन ट्वीट किए। उन्होंने ट्वीट में चंद्रेशखर की बीमारी और उन्हें इलाज नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर की है।

चंद्रशेखर पोलीसीथीमिया से पीड़ित
डॉक्टर भट्टी ने कहा कि कई दिनों से चंद्रशेखर तिहाड़ में हैं। वह कई बार अपनी बीमारी के बारे में बता चुके हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस और तिहाड़ प्रशासन को भी इस बारे में लगातार जानकारी दी है। मगर, उनकी बीमारी की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। डॉक्टर ने कहा कि यह रवैया पूरी तरह से मानवाधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली पुलिस और गृह मंत्री अमित शाह से अपील करते हैं कि उन्हें तत्काल एम्स में एडमिट कर इलाज उपलब्ध कराया जाए।

सूत्रों का कहना है कि चंद्रशेखर पोलीसीथीमिया से पीड़ित हैं। इस बीमारी में बॉडी में खून ज्यादा बनता है और हेमेटोक्रैट के स्तर को मेंटेन करना जरूरी है। चंद्रशेखर के हेमेटोक्रैट को 45 पर्सेंट से नीचे रखना जरूरी है। सूत्रों का कहना है कि अभी उनका हेमेटोक्रैट 50 के आसपास है, इसलिए उन्हें बॉडी से तुरंत ब्लड निकलवाना जरूरी है। चंद्रशेखर आजाद के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया कि उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही है। उन्हें जल्द से जल्द एम्स भेजा जाए। बता दें कि चंद्रशेखर को जामा मस्जिद पर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किया गया था।



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