कांग्रेस करेगी प्रदर्शन, विवाद के बाद वापस ली गई ‘आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी’ किताब

 
मुंबई 

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता जय भगवान गोयल की किताब 'आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी' पर विवाद जारी है. इस किताब में शिवाजी की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की गई है. कांग्रेस ने इसे महान मराठा सम्राट शिवाजी की अवमानना करार देते हुए इसके विरोध में मंगलवार को राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है.

वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस विवादित किताब से बीजेपी का कोई भी लेना देना नहीं है. इस मामले में किताब लिखने वाले लेखक जय भगवान गोयल ने माफी मांग ली है और अपनी किताब वापस ले ली है. शिवाजी महाराज एक महान शासक और प्रतापी राजा थे, जिन्होंने लोगों के कल्याण के लिए अथक परिश्रम किया. वह सदियों बाद भी आज भी एक प्रेरणा हैं. हम उनको अतुलनीय मानते हैं.
 
इस किताब की आलोचना करते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज महाराष्ट्र के पूजनीय व्यक्तित्व हैं और उनकी तुलना किसी के साथ नहीं की जा सकती है. वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष और राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने कहा कि इस तरह की तुलना करने के लिए पहले भी अजय कुमार बिष्ट और विजय गोयल जैसे कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा प्रयास किए गए थे.

बालासाहेब थोराट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वार्थपूर्ण राजनीति कर रहे हैं और उन्होंने सीएए-एनआरसी के साथ देश को विभाजित करने का काम किया है. थोराट ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में विमुद्रीकरण के बाद जनता को परेशान किया गया, देश को निरंकुश तरीके से शासित किया जा रहा है. मोदी की तुलना महान छत्रपति शिवाजी महाराज के साथ कभी भी नहीं हो सकती है.

थोराट ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने सभी धर्मों के लोगों को 'स्वराज्य' का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एकजुट किया. मोदी महान मराठा सम्राट के 'पैर के नाखून' के बराबर भी नहीं है. थोराट ने किताब के खिलाफ आज यानी 14 जनवरी को सभी शहरों, जिलों और तालुका में बीजेपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की. वहीं, संजय राउत ने 'आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी' किताब पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है.



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