वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2020-21 का आम बजट किया पेश

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को बहुमत मिला, ये चुनाव नतीजे हमारी नीतियों पर मिला जनादेश हैं। उन्होंने कहा कि ये बजट देश की आकांक्षाओं का बजट है। 

वित्त मंत्री ने ज़ोर देते हुए कहा कि जीएसटी की वजह से आम आदमी की मासिक खर्चें में 4 फीसदी की बचत बढ़ी है। उन्होंने कहा कि 2014 से 2019 के बीच मोदी सरकार की नीतियों की वजह से 284 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया। जबकि 2009 से 2014 के दौरान देश को 190 अरब डॉलर का विदेशी निवेश मिला था। 

निर्मला सीतारमण ने साथ ही कहा कि पिछले दो साल में 60 लाख से अधिक नए करदाता जुड़े हैं और 40 करोड़ रिटर्न फाइल किए गए हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि जीएसटी के रिटर्न का सरल स्वरूप अप्रैल 2020 से पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 का बजट मुख्यत: तीन बातों ‘आकांक्षी भारत, सभी के लिए आर्थिक विकास करने वाला भारत और सभी की देखभाल करने वाला समाज भारत’ पर केंद्रित है। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि 2014-19 के दौरान औसत वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत से अधिक रही। इस दौरान औसत मुद्रास्फीति 4.5 प्रतिशत रही। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा इस बजट का उदेश्य भारत में डिजिटल क्रांति, डिजिटल गवर्नेंस के जरिए सेवाओं की आसान डिलीवरी करना है। 

वित्त मंत्री ने बजट में कृषि क्षेत्र पर सबसे ज्यादा ज़ोर दिया है। उन्होंने कहा कि 2022 तक हम किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है जो कि कुसुम, फसल बीमा योजना से पूरा होगा है। किसानों की बेहतरी के लिए बजट में 16 बिंदुओं की कार्य योजना की घोषणा की गई है। साथ ही राज्यों से केंद्र सरकार की ओर से मॉडल कृषि कानूनों को लागू करने के लिए आग्रह किया जाएगा। राज्यों से एग्री लैंड लीजिंग, मार्केटिंग और कॉन्ट्रेक्ट फार्मिग के मॉडल लागू करने के लिए कहा जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि जल की कमी को देखते हुए देशभर में 100 जिलों को चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने पर ज़ोर दे रही है। सोलर पंप लगाने के लिए 20 लाख किसानों को वित्तीय मदद की जाएगी। संसद में बजट सत्र के दौरान जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हॉर्टिकल्चर, 311 मिलियन टन के साथ ये अन्न उत्पादन के आगे निकल चुका है। उन्होंने कहा कि हम राज्यों को मदद करेंगे और वन प्रॉडक्ट वन डिस्ट्रिक्ट योजना बनाएंगे। 

उन्होंने बताया कि 10 ऐक्शन प्वॉइंट के तहत इंटिग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम, संचयित इलाकों में प्राकृतिक खेती, जैविक खेती के लिए पोर्टल, ऑनलाइन मार्केट समेत सभी क्षेत्रों को मजबूत बनाने के लिए काम करेंगे।

 वित्त मंत्री ने फुट एंड माउथ बिमारी, पीपीआर की बीमारी 2025 तक खत्म होने की बात सदन में कही। 

बजट में वित्त मंत्री ने बताया कि हर घर तक पाइप से पानी पहुंचाने के लिए 3.6 लाख करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। 

बजट सत्र को संबोधित करते निर्मला सीतारमण ने कहा कि मेडिकल उपकरणों पर जो टैक्स लगता है उससे मिलने वाले पैसे का उपयोग अस्पताल बनाने में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीबी हारेगा, देश जीतेगा- ये अभियान लांच किया गया है और 2025 तक इसे भारत से खत्म किया जाएगा। टीबी के खिलाफ लड़ाने लड़ने के लिए 69 हजार करोड़ स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रस्तावित है। 

वित्त मंत्री ने फिनांसिंग ऑन निगोशिएबल वेयर हाउसिंग स्कीम को मजबूत बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि धन लक्ष्मी योजना के तहत किसानों की लॉजिस्टिक लागत घटाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को ग्रामीण स्तर पर स्टोरेज सुविधा उपलब्ध कराने की अनुमति दी जाएगी। 

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बजट का लक्ष्य लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना, कारोबार मजबूत करना और अल्पसंख्यक महिलाओं और अनुसूचित जाति/जनजाति को लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है।
 



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