सीएए और एनआरसी पर सदन में हंगामा

बजट सत्र के तीसरे दिन संसद की कार्यवाही हंगामेंदार रही। एक तरफ शुरुआती शोरशराबे के बीच जहां लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत हुई, वहीं दूसरी तरफ कुछ विपक्षी दलों के हंगामें के चलते राज्यसभा में कामकाज बाधित हुआ।

राज्यसभा में कांग्रेस, डीएमके और बीएसपी सहित कुछ दल नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए, एनआरसी और एनपीआर पर नियम 267 के तहत चर्चा कराए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे, जिसके चलते सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा। सभापति ने ये कहते हुए नियम 267 पर चर्चा की कुछ विपक्षी दलों की मांग को खारिज़ कर दिया कि इस मसले को वो धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उठा सकते हैं। 

एक तरफ लगातार विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा वहीं दूसरी ओर सरकार ने भी विपक्ष से आग्रह किया कि वो धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होने दे, जिसके दौरान सभी मुददे उठाए जा सकते हैं।

लोकसभा में भी सुबह जैसे ही कार्यवाही की शुरुआत हुई कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में पहुंच गए। हालांकि स्पीकर ने उनको समझाने की कोशिश की लेकिन उसका असर भी नहीं हुआ। ऐसे में शोरशराबे के बीच ही प्रश्नकाल और शून्यकाल चला। 

राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में भोजनावकाश के बाद  दुबारा कार्यवाही शुरु होनेपर चर्चा शुरु हुई। हालांकि, धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए, जब भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने शुरुआत की तब कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने  कुछ देर के लिए सदन से वाकआउट किया। बाद में चर्चा सुचारु तरीके से चली। 

बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के अलावा बजट एवं अन्य विधेयकों को पारित कराना सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल है। इसके अलावा सरकार लंबित कई विधेयकों सहित 28 नए विधेयकों को भी संसद के मौजूदा सत्र में पेश करना चाहती है।
 



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