हेल्प लाइन नम्बर से 10 हजार से अधिक श्रमिकों की समस्याओं का हुआ त्वरित समाधान Help line number provides quick solution to the problems of more than 10 thousand workers


  • राज्य में 9,380 श्रमिकों को श्रम विभाग, नगर निगम, ग्राम पंचायत, कारखानों एवं नियोजकों द्वारा कराया गया भोजन 
  • 4,869 श्रमिकों को पहुंचाया गया राशन
  • जरूरतमंद श्रमिकों को कारखाना प्रबंधकों एवं नियोजकों के जरिए करीब 80 लाख रूपए की दिलाई गई सहायता

रायपुर, 01 अप्रैल 2020/ लाॅकडाउन के दौरान जरूरतमंद श्रमिकों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर अनेक उपाय किए जा रहे हैं। लाॅकडाउन के कारण उत्पन्न परिस्थितियों में संकटग्रस्त एवं जरूरतमंद श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसके लिए श्रम विभाग द्वारा राज्य स्तर हेल्पलाइन नम्बर 0771-2443809, 91098-49992, 75878-22800 सहित जिला स्तर पर भी हेल्पलाइन नम्बर स्थापित किए गए हैं। हेल्पलाइन नम्बर के माध्यम से प्राप्त श्रमिकों के समस्याओं पंजीबद्व कर तत्काल यथासंभव समाधान किया जा रहा है।
श्रम विभाग हेल्पलाइन नम्बर के माध्यम से अब तक 10 हजार 501 श्रमिकों की समस्याओं को तत्काल समाधान किया। वहीं 4 हजार 869 श्रमिकों को त्वरित राहत के तौर पर एक हजार 276 किलोग्राम चावल, 117 किलोग्राम दाल, 40 किलोग्राम भाटा, 34 किलोग्राम आटा, 25 किलोग्राम आलू, 8 किलोग्राम प्याज, 6 किलोग्राम शक्कर एवं 5 किलोग्राम तेल सहित अन्य राशन सामग्री पहुंचाएं गए हैं। प्रदेश के 9 हजार 380 श्रमिकों को श्रम विभाग, नगर निगम, ग्राम पंचायत, कारखानों एवं नियोजकों द्वारा भोजन कराया गया।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा कारखानों, संस्थानों एवं श्रमिक सेक्टरों में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं का जायजा लेने के लिए 45 अधिकारियों की टीम बनाई गई है। टीम द्वारा अब तक 193 कारखानों-श्रमिक सेक्टरों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान श्रमिकों को उनके नियोजकों के माध्यम से लगभग 58 लाख रूपए (नगद एवं राशन) उपलब्ध कराया गया। साथ ही हेल्पलाइन नम्बर पर प्राप्त सूचनाओं के आधार पर श्रमिकों को लगभग 21.5 लाख रूपए (नगद एवं राशन) इस तरह कुल 79.5 लाख रूपए की सहायता प्रदान की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि जरूरतमंद श्रमिकों को 15 दिन के वेतन के बराबर एडवांस के तौर पर रायगढ़ के श्रमिकों को 21 लाख 39 हजार 550 रूपए, दुर्ग के श्रमिकों को 60 हजार रूपए और जांजगीर-चांपा के श्रमिकों को 35 हजार रूपए उनके नियोजकों से दिलवाया गया। इसी तरह कोरबा में श्रमिकों को 64 हजार रूपए, एडवांस सैलरी नियोजक द्वारा दिलाई गई। बिलासपुर रेल्वे स्टेशन में संकटग्रस्त एवं जरूरतमंद कुलियों को 1300 किलोग्राम चावल और 260 किलोग्राम दाल वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त विभाग को एक हजार 668 सूचनाएं प्राप्त हुई। इसमें से एक हजार 478 सूचना का तत्काल निराकरण किया गया। साथ ही हेल्पलाइन से प्राप्त होने वाली सूचनाओं के समस्याओं को जिला कलेक्टरों को भेजकर 24 घंटे के भीतर निराकरण करने के भी निर्देश श्रम सचिव द्वारा दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य एवं बीमा सेवाएं के माध्यम से प्रदेश 42 क्लिनिक संचालित है, जिसमें 8 हजार 864 श्रमिकों का सुचारू रूप से इलाज कर दवा वितरण किया गया।

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