सूरज बनाम रोटी

कितना मिलता है सूरज
रोटी से हमारी

सूरज को देखकर
महसूस कर उसकी आँच
शक्ति उसकी
उसकी स्थिर चाल
मनुष्य ने खाना चाहा उसे
शक्ति को सीधे हजम करने की
कोशिशें कीं
पकाये खूब पुलाव ख्याली

तलाशे फल गोल गोल
खाये लाल लाल
फल सूरज जैसे
किये शिकार
कुछ सफेद लाल गोश्त
कुछ गर्म लाल रुधिर
नहीं बनी कुछ बात
भरा नहीं मन

नियमितता सीखी सूरज से
सूरज से सीखा सबको अपनाना
सदियों में जाना
श्रम का अफ़साना
जोड़ा नाता मिट्टी से
जोड़े जल के हाथ
कुछ किया पवन का साथ
सीखा बोना सूरज को

रोज टहलने आता सूरज
चिढ़ाता, तपता तमतमा कर
छिपता बादलों में
जल से करता बातें कुछ
रोकता उसे भरमा कर
फिर छिपता, लम्बा सुस्ताता
चाँद की चिक से झाँकता
कौतूहल जब जागता

मनुष्य नियमित नहीं
सूरज की तरह सुस्ताने में
जुटा रहता बेरा-कुबेरा
जुगनुओं की गवाही में
सूर्योंे की फसलें सँवारता
सूरज की आहट से पहले ही
उठ जाता / तलाशने अपने सूरज
तराशने अपने सूरज

इसीलिये
कितना मिलता है सूरज
रोटी से हमारी

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