होने न होने का प्रश्न

हे ईश्वर!
तुम तो थे / तुम हो भी / और रहोगे भी
हम भी थे / हम हैं भी / और रहेंगे भी
किस हिसाब से किसको-किसको
क्या-क्या कुछ-कुछ बटता है
तुम सर्वज्ञ / हम अल्पज्ञ
हे ईश्वर! कुछ तो समझाओ

ज़िन्दगी समतल है / ज़िन्दगी पहाड़ है
ज़िन्दगी सरल है / ज़िन्दगी गरल है
हे सरताज सुरों के / हम बहरे-गूँगों के लिये
भले भरा हो पेट गले तक
कुछ तो गाओ
हे ईश्वर! कुछ तो बहलाओ

क्यों बात-बात पर / बिना बात पर
होती है तक़रार नींद से / रात-रात भर
जब निश्चित है जनम / और मौत भी
क्यों जाते हैं लोग / बिना मौत भी
कुछ न कुछ तो दो सफाई
हे ईश्वर! सूचना अधिकारी का नाम-पता बतलाओ

बात जरा सी / साँस जरा सी
बिना हमारे / तुम आखिर हो क्या जी
अमृत पीकर तुम जी न पाये
जहर मिला / हम मर न पाये
तुम्हारी धरती पर / हम बदस्तूर सवार जी
हे ईश्वर! अब भी तुम हो क्या जी

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