जब मुख्यमंत्री ने खेतिहर मजदूर परिवार की महिला को उनके घर जाकर सिखाया रसोई गैस चूल्हे का इस्तेमाल

रायपुर, 26 फरवरी 2017. जंगलों से घिरे ग्राम केड़ीआमा(रमनपुर) के विश्वकर्मा परिवार को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि परिवार की एक महिला श्रीमती नंदनी के आग्रह पर प्रदेश के मुखिया स्वयं उनके घर आकर किचन में गैस चूल्हा जलाना सिखाएंगे और न सिर्फ सिखाएंगे बल्कि नंदनी के आग्रह पर उनके हाथों बनी काली चाय भी पिएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के इस अत्यंत सहज-सरल और सौम्य अंदाज को देखकर न सिर्फ विश्वकर्मा परिवार के लोग बल्कि केड़ीआमा के ग्रामीणजन भी पुलकित हो उठे। खेतिहर मजदूर श्री दीनदयाल विश्वकर्मा और उनकी पत्नी श्रीमती नंदनी विश्वकर्मा के परिवार के लिए तो आज का यह सुखद पल हमेशा के लिए यादगार बन गया।
यह प्रसंग आज प्रदेश व्यापी लोक सुराज अभियान के प्रथम चरण के पहले दिन का है। अभियान का पहला चरण आम जनता से आवेदन पत्र संकलित करने के लिए तीन दिनों तक चलेगा। इसके लिए सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों और शहरी निकायों के वार्डों में शिविर लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अभियान के प्रथम चरण का जायजा लेने आज दोपहर राजधानी रायपुर से हेलीकाप्टर द्वारा रवाना होकर आदिवासी बहुल गरियाबंद जिले में स्थित ग्राम पंचायत कनेसर के आश्रित ग्राम केड़ीआमा (रमनपुर) अचानक पहुंचे। छुरा विकासखंड के इस गांव में उन्होंने वृक्षों की छांव में चौपाल लगाकर लोगों से विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में बातचीत की। इस दौरान डॉ. सिंह ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को दिए जा रहे निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन, गैस चूल्हा आदि के बारे में भी बताया। इस पर विश्वकर्मा परिवार की श्रीमती नंदिनी विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें इस योजना का लाभ मिला है। घर में रसोई गैस कनेक्शन के साथ डबल बर्नर चूल्हा और सिलेण्डर भी आ गया है। प्लेटफार्म बनाकर गैस चूल्हा बैठाया गया है, लेकिन नंदिनी ने कहा कि मुझे इस चूल्हे का इस्तेमाल करना नहीं आता।
इस पर मुख्यमंत्री ने पूछा - चाय बनाना तो आता है? गैस चूल्हा जलाना मैं सिखा दूंगा। नंदिनी ने मुख्यमंत्री को सहर्ष अपने घर आमंत्रित किया। डॉ. सिंह उनके किचन में गए और उन्हें गैस चूल्हा जलाकर दिखाया। नंदनी ने इस चूल्हे में काली चाय बनायी और घर के आंगन में मुख्यमंत्री को तथा उनके साथ आए लोगों को चाय पिलायी। डॉ. सिंह ने बड़ी प्रसन्नता के साथ काली चाय पीकर नंदनी को धन्यवाद दिया। उल्लेखनीय है कि 45 वर्षीय श्रीमती नंदनी विश्वकर्मा प्राथमिक शिक्षा प्राप्त महिला है। उनके पति 52 वर्षीय श्री दीनदयाल विश्वकर्मा ने मिडिल स्कूल तक और पूत्र 24 वर्षीय देवानंद ने 10वीं शिक्षा प्राप्त की है। यह परिवार भूमिहीन और कृषि मजदूरी तथा वनोपज संग्रहण के जरिये इनका जीवन चलता है। पुत्र देवानंद ने कौशल प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इंदिरा आवास योजना के तहत परिवार के पास स्वयं का पक्की ईंटों और खपरेल की छतों वाला पांच कमरों का मकान भी है। नंदनी और उनके परिवार के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन मिलने से पहले वे अपने किचन में लकड़ी के चूल्हे से भोजन बनाते थे। उसमें समय भी ज्यादा लगता था। डॉ. रमन सिंह ने उन्हें इस योजना की और रसोई गैस की विशेषताओं के बारे में बताया और कहा कि इससे आपको समय की बचत होगी और धुएं से होने वाली परेशानी भी अब नहीं होगी।

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