लोक सुराज अभियान का दूसरा दिन : कलेक्टर ने किया शिविरों का औचक निरीक्षण

दुर्ग, 26 फरवरी 2017

लोक सुराज अभियान के दूसरे दिन कलेक्टर श्रीमती आर.शंगीता ने आज सघन दौरा कर छह स्थानों पर आवेदन संकलन शिविरों का आकस्मिक अवलोकन किया। उन्होंने धमधा जनपद क्षेत्र की चार पंचायतों-परसकोल, गोरपा, पेण्ड्री कुटहा और पेण्ड्री गोवरा सहित जामुल नगरपालिका और धमधा नगर पंचायत कार्यालयों में संचालित शिविरों का निरीक्षण किया। अपर कलेक्टर श्री पी.एस.एल्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। कलेक्टर ने शिविर स्थल पर आवेदन लेकर आए लोगों से चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि शिविरों में मिले एक-एक आवेदनों को बड़ी ध्यान से पढ़ा और सुना जाएगा। आला अधिकारी स्वयं इसका गुणवत्तापूर्वक समाधान निकालेंगे। निरीक्षण के दौरान ग्राम गोरपा स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र में पोषण आहार की घटिया सामग्री सामने आई। कलेक्टर ने इस पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए इस काम में लगी महिला समूह का अनुबंध खत्म करने के निर्देश दिए।
जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर धमधा विकासखण्ड के गांव परसकोल से कलेक्टर ने दौरे की शुरूआत की। यहां स्थित पंचायत कार्यालय में बैठकर उन्होंने उपस्थित फरियादियों और ग्रामीणों से बातचीत की। निःशक्त लेखादास भारती द्वारा निःशक्त पेंशन की मांग की गई, लेकिन उसके पास निःशक्तता प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है। उन्हें जानकारी मिली की गांव में इस तरह दो और निःशक्त हैं,जिनके पास प्रमाण पत्र नहीं है। इन तीनों को सरकारी सुविधा से जिला अस्पताल लाकर उन्हें निःशक्तता प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए ताकि उनके लिए पेंशन स्वीकृति की कार्रवाई की जा सके। ग्रामीणों के अनुरोध पर कलेक्टर ने इस गांव में पेयजल सुविधा के लिए स्पॉट सोर्स योजना और प्रकाश के लिए स्ट्रीट लाईट की स्वीकृति प्रदान की। नोडल अफसर ने बताया कि शिविर में पहले दिन 108 आवेदन मिले थे। आज भी करीब दर्जन भर लोग अपनी समस्या लेकर पहुंचे हैं। कलेक्टर ने पंचायत के सचिव श्री वेदव्यास खाण्डे को ओडीएफ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए बधाई दी। ज्ञातव्य है कि सचिव ने अपने पंचायत के ओडीफ होने तक शेव्हिंग और बाल नहीं कटवाने का संकल्प लिया था और यह कार्य पूर्ण होने के उपरांत ही शेव्हिंग कराई। सचिव ने बताया कि गांव की एक हजार 200 की आबादी में सभी के पास आधार कार्ड हैं। लेकिन कुछ लोगों के पास इलाज के लिए जरूरी स्मार्ट कार्ड नहीं हैं। कलेक्टर ने जानकारी दी कि फिलहाल स्मार्ट कार्ड बनाने का काम रूका हुआ है। अप्रैल 2017 से यह काम फिर से शुरू होगा।
कलेक्टर इसके बाद ग्राम गोरपा में आयोजित शिविर में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानी। ग्रामीणों ने तालाब में जलस्तर कम होने की शिकायत की और इसके कुछ उपाय भी सुझाए। कलेक्टर ने सिंचाई और पीएचई विभाग के अधिकारियों की टीम भेजकर इसके परीक्षण कराने का भरोसा दिया। इलाके के पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री संतोष राणा सहित ग्रामीणों और किसानों ने बताया कि लगभग 45 साल पहले बने सिंचाई जलाशय के डुबान का मुआवजा नहीं मिला है। लगभग डेढ़ सौ एकड़ जमीन का मुआवजा शेष है। कलेक्टर ने कहा कि आवेदन दिए हैं, जरूर उस पर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि गांव के लोग कोई सामूहिक मांग अथवा शिकायत कर रहे हैं तो सभी के दस्तखत की जरूरत नहीं है, किसी एक व्यक्ति के हस्ताक्षर पर भी उतनी ही गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने गोरपा की आंगनबाड़ी केन्द्र का भी अवलोकन किया। सुराज के दौरान कार्यकर्ता के मुख्यालय में गैरहाजिरी पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने रेडीटूईट सामग्री का भी अवलोकन किया। अमानक स्तर की सामग्री आपूर्ति पाए जाने पर समूह का अनुबंध खत्म करने के निर्देश दिए। सहेली स्वसहायता समूह घोटवानी को इसकी आपूर्ति का जिम्मा सौंपा गया है। स्कूल में भी गुणवत्ता का स्तर अपेक्षाकृत कम पाया गया। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि जिन समस्याओं का निदान तत्काल संभव है, उसे तत्काल निराकृत कर दिया जाए। कलेक्टर ने शिविरों में प्राप्त आवेदनों को मांग और शिकायत के आधार पर अलग-अलग छांटते हुए इनका तत्काल स्कैंनिग और ऑनलाईन पंजीयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन शिविरों में गोपनीय रूप से समाधान पेटी में मिले शिकायतों की भी जानकारी ली।








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