कैग के रिपोट पेश : सरकार के आमदनी बाढि़स, उत्पादन घटिस, कई अनियमिता होईस उजागर



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रायपुर, 31 मार्च 2017।। कैग के रिपोट बिरसपतवार के दिन छत्तीसगढ़ विधानसभा म पेश करे गईस। वित्तीय साल 2015-16 बर तैयार करे गए छत्तीसगढ़ सरकार के लेखा रिपोट मंझनिया के बाद मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह हर सदन के पटल म रखिन। एखर बाद आडिटर जनरल हर मीडिया के आघू एखर समीक्षा करिन। छत्तीसगढ़ के महालेखाकार विजय मोहंती हर कहिन कि राज्य सरकार के आय बाढ़े हावय, फेर उत्पादन ह घट गए हावय। कैग रिपोट के निमारे जानकारी ये प्रकार हे-
1. सरकार नदिया मन म बनाये जात कई एनिकट्स ल 10 साल म घलोक पूरा नइ कर सके हे। एखर से 1100 करोड़ के व्यय निष्फल हो गए हे। 2005 ले 2015 तक 769 एनिकट्स सरकार हर बनाये हे। 2680 करोड़ खर्च करे हे। 280 एनीकट के बनना घलोक शुरू नइ हो सके हावय। 90 प्रतिशत एनीकट समय म पूरा नइ किरे जा सके हे। 39 एनीकट के भौतिक सत्यापन करे म पता चले हावय कि ऊंखर निर्माण म नियम मन के पूरा अनदेखी करे गए हावय।
2. राज्य के शिक्षा गुणवत्ता अभियान के घलोक रिपोट म पोल खुले हावय। एपीजे गुणवत्ता अभियान चलाय के बाद घलो सिरिफ 25 परसेंट स्कूल मन ल ही ए ग्रेड मिले हावय। 210 स्कूलों के भौतिक सत्यापन के बाद 18 स्कूल मन म पानी के व्यवस्था तक नइ हे।
3. प्रदेश म छात्र मन के संख्या के मुताबिक स्कूल मन म शिक्षक मन के कमी हावय। मार्च, 2016 तक प्रदेश म 11963 शिक्षक अप्रशिक्षित मिले हें। एही प्रकार प्रदेश म प्राइवेट स्कूल मन म गरीब बच्चा मन बर सीट आरक्षित हावय तेमा प्राइवेट स्कूल मन म 50 प्रतिशत सीट खाली हावय।
4. प्रदेश के 879 गांव मन म अभी तक प्राइमरी स्कूल नइ हे। 1271 गाव मन म मिडिल स्कूल नइ हे। सरकार तीर कोनो जानकारीच नइ हे कि कतका लइका हावय, जिन ला सर्वशिक्षा अभियान ले जोड़ना हावय।
5. स्कूल मन म किताब खरीदी म आठ करोड़ के गड़बड़ी पाय गए हावय।
6. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग म 344 करोड़ के अनियमित भुगतान घलोक होय हावय।
7. चिकित्सा शिक्षा बर आवंटित 1160 करोड़ के विरुद्ध 416 करोड़ के उपयोगेच नइ होय हे।
8. स्पेशलिस्ट डॉक्टर मन के 963 पोस्ट स्वीकृत हावय जेमा केवल 46 स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स हावय।


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9. प्रदेश म चिकित्सा व्यवस्था के स्थिति गंभीर हावय, 17 हजार आबादी म सिरिफ एक डॉक्टर हावय। काबर कि, डॉक्टर मन गांव-देहात एरिया म काम नइ करना चाहंय। एखर खातिर से सरकार के योजना फेल साबित होवत हे।
10. रायपुर के होटल मैनेजमेंट कॉलेज म 18 करोड़ खर्च करे गए हे फेर सरकार आज तक पढ़ईच चालू नइ कर सके हावय।
11. शासन ह अपन 80 हजार करोड़ के बजट म 20 हजार करोड़ खर्चेच नइ कर सके हे।
12. पंचायत मन म 858 करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर बर आए रहिस, फेर ओख ले शिक्षक मन के तनखा बांट देहे गइस अउ विकास कार्य बाधित होइस।
13. पंचायत के सरपंच मन ह 9.69 करोड़ के गड़बड़ी करिन। ये मद स्कूल मन के निर्माण बर स्वीकृत करे गए रहिस।
14. सरपंच मन के गड़बड़ी के सबसे जादा मामला सरगुजा म मिले हावय। जिहां अंदाजन नौ करोड़ के गड़बड़ी होए हावय।
15. राज्य सरकार हर अपन स्थापना बछर ले लेके 2015-16 तक स्वीकृत बजट राशि से 3146 जादा खर्चा कर डारे हावय।
16. प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत अभी तक 679 गांव मन म सड़केच नइ बने हे।
17. बिलासपुर जिला म रोड नापे बर कंसलटेंट नियुक्त किरे गए रहिस हे। जऊन म चार करोड़ के राशि खर्च होवइया रहिस हे, फेर एमा 11 करोड़ खर्च करे गइस अउ कंसलटेंट एहां मिलबेच नइ करिस।
18. पीएसई विभाग के इंजीनियर द्वारा कांकेर म दू करोड़ के गबन के मामला सामने आए हावय।
19. जिंदल स्टील ले सरकार हर 14 करोड़ के रॉयल्टी नइ वसूलिस, जेखर से ओला फायदा पहुंचिस।
20. बिजली के लाइन लॉस ल कम करे बर 750 करोड़ खर्च करे गइस। फेर कोनो विसेस रिजल्ट नइ अइस। कई ठन काम आधा बाचें हे।
21. बेवरेजेस कारपोरेशन म जबरदस्त बंदरबांट करके प्राइवेट कंपनी मन ल 111 करोड़ के मुनाफा पहुंचाए गीस।
22. सरकार के घरेलू उत्पादन घटे हे फेर आवक ह बाढ़े हावय। सरकार के सब्सिडी 5300 करोड़ बाढ़े हावय। खाद्य म बेहतर प्रदर्शन करे गए हे।
24. कई विभाग मन के काम अभी तक पेंडिंग हावय। कारण के कउनो पता नइ चल सके हे।
पाछू पइत घलोक कैग के रिपोट म कई ठन विभाग मन म कईयोन अइसनहे गड़बड़ी उजागर होए रहिस हे। तेखर पाछू कांग्रेस अउ भाजपा के बीच जमके आरोप-प्रत्यारोप के दौर घलोक चले रहिस। मे ना जा रहा हावय कि कैग के रिपोट आने के बाद बीजेपी कांग्रेस के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप के दौर चले रहिस।


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