आईडी नई मिले डीलर मन अउ पंजीयन निरस्त डीलर मन के जीएसटी म नवा पंजीयन कराना जरूरी

रायपुर, 29 जुलाई 2017। वेट अधिनियम के तहत पंजीकृत अइसन व्यवसायी जिंकर अभी तक आईडी अऊ पासवर्ड नइ आए हे अऊ जिंकर पंजीयन निरस्त हो गए हे अऊ जिंकर रीविजन करे म घलोक पंजीयन बहाल नइ होय हे, ओ मन ल वस्‍तु अउ सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम के अंतर्गत नवा पंजीयन करवाना जरूरी हे। 
राज्य शासन के वाणिज्यिक-कर विभाग के अधिकारी मन ह आज इहां बताइन कि आगत कर प्राप्त करे बर ओ मन ल नवा आवेदन पत्र म जुन्ना टिन के हवाला देना होही, अइसन करे म वेट अधिनियम के तहत आगत कर के मुजराई, जीएसटी अधिनियम के तहत घलोक मिलही। पंजीयन प्राप्त करे बर सबो जरूरी कागद अपलोड करे के बाद ई-साईन बर नवा व्यवस्था करे गए हे। एखर तहत व्यवसायी आसानी ले ई-साईन के प्रक्रिया ल चालू कर सकत हें। ईव्हीसी  (Electronic Verification Code) म रिक्वेस्ट भेजे म पंजीयन आवेदन म देहे ई-मेल आईडी अऊ मोबाईल नंबर म ओटीपी मिलही। ए माध्यम ले ई-साईन करके एआरएन पाए जा सकत हे। अइसन डीलर मन बर विभाग कोति ले विभाग के अंतर्गत सबो वृत्त कार्यालय मन म संचालित जीएसटी सेवा केंद्र म सुविधा देहे गए हे। अधिकारी मन ह बताइन कि वेट अधिनियम के तहत पंजीकृत व्यवसाई मन के मन म भरम हे कि ओ मन ल वाणिज्यिक कर विभाग कोति ले ये सब व्‍यवस्‍था करे गए आईडी अऊ पासवर्ड ह जीएसटी नंबर ये, ये बात पूरा गलत हे। व्यवसाई मन ल मिले आईडी अऊ पासवर्ड के आधार म लॉगिन करके नवा आईडी अऊ पासवर्ड बनाए के बाद सब्बो जरूरी कागजात ऑनलाईन अपलोड करे के बाद एआरएन जनरेट करे बर डीएससी, आधार कार्ड अऊ ईव्हीसी ले डिजीटल सिग्नेश्चर कर अपलोड़ करे म एआरएन जनरेट होथे। तभे माने जाही कि वो व्यवसायी जीएसटी नंबर लेहे बर पात्र हे। अभी तक जऊन व्यवसाई मन ह एआरएन बर जरूरी कागद अपलोड नइ करे हें, ओ मन जल्दी ले जल्दी आवेदन कर दंय। 
अधिकारी मन ह ये घलोक बताइन कि 15 अगस्त 2017 के पहिली एआरएन नइ होए म व्यवसायी के पंजीयन एक जुलाई 2017 ले निरस्त माने जाही। विभागीय अधिकारी मन कोति ले व्यवसायिक संघ, कर सलाहकार अउ व्यवसाई मन ले संपर्क करे म ये पता चलिस कि बहुत अकन व्यवसायी ओ मन ल मिले प्रोविजनल आईडीच ल जीएसटी नंबर मान लेहे हें, जऊन गलत हे। सबो व्यवसायिक संघ, ऊंखर प्रतिनिधि अउ व्यवसाई मन ले कहे गए हे कि अपन क्षेत्र के वाणिज्यिक कर अधिकारी कार्यालय म स्थापित जीएसटी सेवा केंद्र म जाके या अपन कर सलाहकार के सहयोग ले पूरा कागद अपलोड करके एआरएन बनवा लव।

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