डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम रहिन नवा पीढ़ी बर रोल मॉडल: डॉ. रमन सिंह

27 जुलाई के दिन महान वैज्ञानिक ‘मिसाइल मेन’ डॉ. कलाम के दुसर पुण्यतिथि
मुख्यमंत्री ह पूर्व राष्ट्रपति के दुसरा पुण्यतिथि म ओ मन ल याद करिन: विनम्र श्रद्धांजलि दीन

रायपुर, 26 जुलाई 2017। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ह देश के पहिली राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के दुसर पुण्यतिथि म उंखर पुण्य स्मरण करत उमन ल विनम्र श्रद्धांजलि देहे हें। डॉ. कलाम के काल 27 जुलाई के दिन दुसर पुण्यतिथि हे। 
डॉ. रमन सिंह ह आज इहां जारी अपन संदेश म कहे हें कि मिसाइल मेन के नाम ले लोकप्रिय ‘भारत रत्न’ डॉ. कलाम जीवन के कठिन संघर्ष के बीच कामयाबी के नवा ऊंचाई तक पहुंचके नवा पीढ़ी बर रोल मॉडल बन गे। राष्ट्र के निर्माण अऊ विकास म ऊंखर योगदान ल हमेशा याद करे जाही। अंतरिक्ष विज्ञान अऊ रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र म एक महान वैज्ञानिक के रूप म उमन कई बछर तक देश ल अपन मूल्यवान सेवा दीन। ओ मन एक गंभीर लेखक अऊ चिन्तक रहिन। उमन अपन चिन्तन ले भारत के नवा पीढ़ी के शिक्षा व्यवस्था ल नवा दिशा देहे के प्रयास करिन।
मुख्यमंत्री ह छत्तीसगढ़ के संग डॉ. कलाम के जुन्ना भावनात्मक रिश्ता ल घलोक याद करिन। डॉ. सिंह ह कहिन कि देश के शिक्षा व्यवस्था ल लेके ऊंखर प्रेरक विचार ल ध्यान म रखके छत्तीसगढ़ सरकार पाछू दू बछर ले राज्य म शिक्षा के गुणवत्ता ल सुधारे बर ऊंखर नाम म विशेष अभियान चलावत हे। छत्तीसगढ़ देश के पहली राज्य हे, जऊन हर ‘डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान’ शुरू करे हे। मुख्यमंत्री ह स्वर्गीय डॉ. कलाम के समय-समय म होए छत्तीसगढ़ के यात्रा मन ल याद करत कहिन - राष्ट्रपति बने के पहिली घलोक रक्षा अनुसंधान अऊ विकास संगठन (डी.आर.डी.ओ.) के प्रमुख के रूप म उंखर छत्तीसगढ़ आना-जाना लगे रहिस। ओ मन बस्तर अंचल के सुन्दर नैसर्गिक परिवेश ले अड़बड़ प्रभावित रहिन। मुख्यमंत्री ह कहिन - हम सबके ये सौभाग्य हे कि डॉ. कलाम जइसे तपस्वी विद्वान के हमार छत्तीसगढ़ के धरती म कई पइत आत्मीय स्वागत करे के अवसर मिले हे।
मुख्यमंत्री ह कहिन -राष्ट्रपति बने के बाद पहली पइत वो मन 28 जनवरी 2004 के दिन पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह म मुख्य अतिथि के रूप म रायपुर आए रहिन। उमन उही दिन इहां विधानसभा म घलोक अपन प्रेरणादायक अऊ ऐतिहासिक भाषण दे रहिन। डॉ. कलाम ह 03 जून 2004 के दिन बस्तर जिला के सरगीपाल के दौरा करे रहिन। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर म 07 नवम्बर 2006 के दिन राज्य अलंकरण समारोह म घलोक ओ मन मुख्य अतिथि के रूप म रायपुर आए रहिन अऊ उही दिन उमन इहां पुरखौती मुक्तांगन के लोकार्पण करिन अऊ ग्राम सुन्दरकेरा म वृक्षारोपण कार्यक्रम म घलोक सामिल होइन रहिन। पूर्व राष्ट्रपति के रूप म डॉ. कलाम ह 22 नवम्बर 2010 के दिन रायपुर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज म सिकलसेल एनिमिया उपर आयोजित चौथा अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ करे रहिन। ओ मन एखर बाद 11 सितमबर 2013 के दिन पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय म आयोजित स्वर्ण जयंती व्याख्यान माला म अऊ 12 सितमबर 2013 के दिन राज्य के जिला मुख्यालय बेमेतरा म आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह म घलोक मुख्य अतिथि के रूप म सामिल होइन रहिन। 
आप मन जानतेच होहू कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जन्म 15 अकटूबर 1931 के दिन तमिलनाडु के रामेश्वरम कस्बा म होय रहिस। उमन साल 25 जुलाई 2002 ले 25 जुलाई 2007 तक भारत के राष्ट्रपति के सर्वोच्च पद ल सुशोभित करिन। भारतीय प्रबंध संस्थान शिलांग (मेघालय) म पढ़ईया लईका मन के बीच व्याख्यान देवत समय 27 जुलाई 2015 के दिन हृदयाघात ले उंखर निधन हो गईस।

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