लइका मन म विज्ञान प्रतिभा मन के खोज बर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

छत्तीसगढ़ विज्ञान अउ प्रौद्योगिकी परिषद के आयोजन

रायपुर 31 जुलाई 2017। लइका मन म वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करे अऊ उंखर मन के लुकाय विज्ञान प्रतिभा मन ल चिन्‍हें बर राजधानी रायपुर म छत्तीसगढ़ विज्ञान अउ प्रौद्योगिकी परिषद (सीकॉस्ट) ह जिला समन्वयक मन अऊ स्रोत शिक्षक मन के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के आयोजन करिस। ये राज्य स्तरीय कार्यशाला 25वां राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2017 के अन्तर्गत स्थानीय प्रो. जे. एन. पाण्डेय शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय म आयोजित करे गीस। कार्यशाला म राज्य के 23 जिला मन के जिला समन्वयक मन अऊ स्रोत शिक्षक मन ह हिस्सा लीन। ओ मन ल छत्तीसगढ़ विज्ञान अउ प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक अऊ प्रधान मुख्य वनसंरक्षक श्री के.सुब्रमण्यम ह सम्बोधित करिस। 
उमन बताइन कि भारत सरकार के राष्ट्रीय विज्ञान अउ प्रौद्योगिकी परिषद कोति ले देश भर म 10 साल ले 17 साल तक के लइका मन ल मंच दे बर राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के आयोजन करे जाथे। लइका अपन शिक्षक मन, वैज्ञानिक मन अऊ कॉलेज अउ विश्वविद्यालय के प्राध्यापक मन आदि के मार्गदर्शन म कई ठन विषय मन म प्रोजेक्ट तइयार करथें। महानिदेशक ह कार्यशाला म विज्ञान अऊ तकनीकी के क्षेत्र म नवाचार प्राकृतिक संसाधन मन के प्रबंधन, खाद्य अऊ कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, जीवन शैली, जीवन यापन, आपदा प्रबंधन, अऊ पारम्परिक ज्ञान जइसन विषय मन म प्रकाश डालिन। 
उमन बताइन कि पाछू साल 2016 म 27 ले 31 दिसंबर के अवधि म विद्या प्रतिष्ठान सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, बारामती  (महाराष्ट्र) म पूरा देश ले राष्ट्रीय स्तर म प्रस्तुत करे गए परियोजना मन म ले 15 उत्कृष्ट परियोजना मन के चयन करे गइस जेमां छत्तीसगढ़ राज्य ले एन.एच.गोयल वर्ल्ड स्कूल, रायपुर के छात्रा श्रेयल जैन के परियोजना घलोक सामिल हे। श्री सुब्रमण्यम ह कार्यशाला म जिला समन्वयक मन ले आग्रह करिस कि ओ मन छत्तीसगढ़ के हर जिला ले जादा ले जादा स्कूल मन ल सामिल करत लइका मन ल आकर्षक प्रोजेक्ट तैयार करे बर प्रोत्साहित करव।  एमां दिव्यांग लइका मन ल घलोक अनिवार्य रूप ले सामिल करे जाए।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र म चिन्हित उप-विषय मन म पद्मश्री सम्मानित डॉ. ए.टी. दाबके संग श्री सुमित सरकार, डॉ. एम. पी. ठाकुर, डॉ. अनिल शर्मा, डॉ. एस. एस. तोमर, डॉ. अरूणा पलटा, डॉ. पी. एस. बोकारे, डॉ. निनांद बोधनकर, डॉ. मिताश्री मित्रा अउ डॉ. राजेन्द्र मेहता कोति ले विस्तार ले प्रस्तुतिकरण दे गीस। उमन बताइन कि ए उप-विषय मन म लइका मन ल उंखर दिलचस्पी के अनुसार प्रोजेक्ट बनाए बर मार्गदर्शन देहे जा सकत हे। कार्यक्रम म राज्य के 23 जिला मन के जिला समन्वयक अऊ स्रोत शिक्षक सामिल होइन। कार्यशाला के समापन सत्र म जिला समन्वयक मन अऊ स्रोत शिक्षक मन ल प्रमाण पत्र वितरित करे गीस। 

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