किसान मन ल मिलही अब डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त खसरा अऊ बी-1 के नकल

मुख्यमंत्री ह करिस डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त भू-अभिलेख प्रतिलिपि प्रदाय योजना के शुभारंभ
राजस्व विभाग के बरिसों जुन्ना परम्परागत तकनीक के संग होइस आसान: डॉ. रमन सिंह
डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रतिलिपि ऑनलाईन निःशुल्क मिलही 
खसरा, बी-1 के प्रतिलिपि बर अब नइ लगाए ल परय तहसील अऊ पटवारी मन के चक्कर 

रायपुर, 01 अगस्त 2017। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ह आज इहां विधानसभा के समिति कक्ष म राजस्व विभाग के खसरा अऊ बी-1 के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रतिलिपि प्रदाय योजना ल किसान मन ल समर्पित करिन। ए योजना के शुरू हो जाय ले अब किसान मन ल खसरा अऊ बी-1 बर पटवारी अऊ तहसील आफिस के चक्कर नइ लगाए परय। कोनो मनखे कहूंच ले राजस्व विभाग के वेबसाईट revenue.cg.nic.in  म जाके भुईयां कड़ी के माध्यम ले खसरा अऊ बी-1 के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त नकल निकाल सकत हे, ये पूरा निःशुल्क होही। 
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ह ए अवसर म कहिन कि छत्तीसगढ़ के किसान मन बर ये बहुत बड़े बदलाव हे। राजस्व विभाग के हजारों साल जुन्ना परम्परा ल सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम ले आसान, सुविधाजनक अऊ पारदर्शी बना दे गए हे। अब किसान मन ल खसरा अऊ बी-1 के नकल बर पटवारी के चक्कर नइ लगाए ल परय। कोनो भी किसान प्रदेश के कोनो कोना ले एखर बर ऑनलाईन आवेदन कर सकत हें। अभी ऑनलाईन आवेदन करे के एक हफ्ता बाद ओ मन ल डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त खसरा अऊ बी-1 के नकल मिल जाही। तीन महीना के बाद ऑनलाईन आवेदन करे म तुरत खसरा अऊ बी-1 के नकल दे दिए जाही। मुख्यमंत्री ह ए योजना के शुभारंभ के बाद राजस्व मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय के जमीन के खसरा अऊ बी-1 निकालके देखाइस। शुभारंभ कार्यक्रम म विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, राजस्व अऊ आपदा प्रबंधन मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय घलोक उपस्थित रहिन। श्री पाण्डेय ह बताइस कि धमतरी जिला के कुरूद अऊ दुर्ग जिला के पाटन तहसील ल ए राज्य बर पायलट प्रोजेक्ट के रूप म ले गए रहिस। ए दुनों तहसील म ए योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के बाद ए योजना ल आज ले पूरा प्रदेश म लागू करे जात हे। ए अवसर म बहुत अकन विधायक अऊ वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहिन।

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