मुख्यमंत्री तीन अगस्त के दिन योजना भवन म करहीं राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ

सतत विकास लक्ष्य उपर होही दू दिवसीय संगोष्ठी
रायपुर, 01 अगस्त 2017। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह गुरूवार तीन अगस्त के दिन नया रायपुर स्थित योजना भवन म बिहनिया 10.30 बजे दू दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ करहीं। ये संगोष्ठी प्रदेश सरकार, छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सुधार आयोग अऊ राज्य योजना आयोग कोति ले संयुक्त रूप ले आयोजित करे जाही। संगोष्ठी संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषित सतत विकास के लक्ष्य उपर केन्द्रित होही। येमां दू दिन तक कई ठन सत्र मन म नई दिल्ली, हैदराबाद, भोपाल, फरीदाबाद आदि शहर मन म संचालित राष्ट्रीय स्तर के कई ठन संस्था मन के वरिष्ठ पदाधिकारी अऊ प्राध्यापक अपन विचार रखहीं। 
शुभारंभ समारोह म मुख्यमंत्री संग छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुनिल कुमार, राज्य प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष श्री एस.के. मिश्रा, नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक श्री अमिताभ बेहार, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (भारत) के सलाहकार डॉ. एन.सी. सक्सेना अऊ राज्य योजना आयोग के सदस्य श्री पी.पी. श्रोती घलोक अपन विचार व्यक्त करहीं। शुभारंभ के बाद पहली सत्र बिहनिया 11.30 ले एक बजे तक चलही, येमां सतत विकास के लक्ष्य मन ल प्रभावी, जिम्मेदार अऊ समावेशी संस्था मन के संग पाए के बारे म विचार करे जाही। ए सत्र ल सेन्ट्रल फॉर गुड गवर्नेंस हैदराबाद के सलाहकार डॉ. पी.के. मोहंती, नई दिल्ली के श्री अमिताभ बेहार संग टीआईएसएस मुम्बई के डॉ. (सुश्री) के. सीता प्रभु, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली के प्राध्यापक सुश्री सुषमा यादव सम्बोधित करहीं। 
पहिली दिन के दूसरा सत्र मंझनिया एक बजे ले 2.30 बजे तक चलही। येमां पूर्व मुख्य केन्द्रीय सूचना आयुक्त श्री सत्यानंद मिश्रा, नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. ज्ञानेन्द्र बड़गैईया, नीति फाउंडेशन नई दिल्ली के श्री सूरज कुमार, छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सुधार आयोग के सलाहकार श्री चंद्रहास बेहार अऊ कलेक्टर रायपुर श्री ओ.पी. चौधरी अपन विचार रखहीं। पहिली दिन के तीसरा सत्र मंझनिया 2.30 बजे ले संझा चार बजे तक चलही। ए सत्र के अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष श्री एस.के. मिश्रा करहीं। येमां प्रतिभागी के रूप म मध्यप्रदेश राज्य योजना आयोग के मुख्य सलाहकार डॉ. राजेन्द्र मिश्रा सामुदायिक बैंकिंग उपर अपन बात रखहीं। ऊंखर अलावा राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान फरीदाबाद के निदेशक सुश्री मीना अग्रवाल अऊ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाईनेंस एण्ड पॉलिसी नई दिल्ली के प्रोफेसर एन.के. भानुमूर्ति अपन विचार व्यक्त करहीं। 

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