योजना भवन म दू दिन के राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू : सतत विकास लक्ष्य मन उपर होइस विचार मंथन

रायपुर, 03 अगस्त 2017। नवा रायपुर स्थित योजना भवन म आज दू दिन के राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ होइस। ये संगोष्ठी प्रदेश सरकार, छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सुधार आयोग अऊ राज्य योजना आयोग कोति ले संघरा आयोजित करे गए हे। संगोष्ठी संयुक्त राष्ट्र संघ कोति ले घोषित सतत विकास के लक्ष्य मन के जइसे प्रशासनिक सुधार विसय म केन्द्रित हे। संगोष्ठी के कई ठन सत्र मन म नई दिल्ली, हैदराबाद, भोपाल, फरीदाबाद आदि शहर मन म संचालित राष्ट्रीय स्तर के कई ठन संस्था मन के वरिष्ठ पदाधिकारी मन अऊ प्राध्यापक मन ल आमंत्रित करे गए हे। 
शुभारंभ के पहिली दिन म आज शुभारंभ सत्र म छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुनिल कुमार, राज्य प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष श्री एस.के. मिश्रा, राष्ट्रीय नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक श्री अमिताभ बेहार, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (भारत) के सलाहकार अऊ राज्य योजना आयोग के सदस्य श्री पी.पी. श्रोती संग बहुत अकन प्रबुद्धजन उपस्थित रहिन। पहिली दिन के कई ठन सत्र मन म कई ठन विषय मन म अलग-अलग सामूहिक विचार-विमर्श करे गीस। 
छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष श्री एस.के. मिश्रा ह शुभारंभ सत्र म कहिन कि सतत विकास के लक्ष्य ए शताब्दी म गरीबी उन्मूलन के दिशा म एक महत्वपूर्ण कदम हे। डॉ. एन. सक्कोति लेना ह सतत विकास के लक्ष्य मन के कई ठन पहलु मन म प्रकाश डालिन। उमन कहिन कि सतत विकास के लक्ष्य मन म करीबन 169 लक्ष्य मन के सूची हे, जेला हासिल करे बर समाज के आखरी छोर के मनखे मन म विशेष रूप ले ध्यान देना होही। उमन कहिन- ये लक्ष्य मन ल प्राप्त करे बर सामाजिक अऊ भौतिक अधोसंरचना, उच्‍च आर्थिक विकास अऊ सुशासन घलोक बहुत जरूरी हे। 
डॉ. सक्कोति लेना ह कहिन -सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के आंकलन समाज के निचला तबका के 20 प्रतिशत जनसंख्या के सही विकास दर ले करे जाना चाही। उमन छत्तीसगढ़ सरकार के सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बढ़ई करत एला देश के आन राज्य मन बर घलोक एक आदर्श प्रणाली बताइन। पूर्व केन्द्रीय मुख्य सूचना आयुक्त श्री सत्यानंद मिश्रा ह सरकारी कर्मचारी मन के नियुक्ति प्रक्रिया अऊ ऊंखर प्रशिक्षण के व्यवस्था म अऊ जादा सुधार के जरूरत बताईन। राष्ट्रीय सुशासन केन्द्र (नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस) के महानिदेशक डॉ. ज्ञानेन्द्र बड़गैईयां संग कई वक्ता मन ह अपन-अपन विचार व्यक्त करिन। 

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