झींगा पालन ले विस्‍वा स्व-सहायता समूह ल मिलीस रोजगार : बने आमदनी ले किसान होवत हे समृद्ध

जगदलपुर, 03 अगस्त 2017। संगठन म शक्ति होथे, ए बात ल साबित कर के देखाइस उपनपाल के किसान मन ह। पारंपरिक खेती-किसानी करइया किसान जइसे-तइसे अपन घर के गुजारा करत रहिन। गांव के किसान आपस म एक समूह बना के संगठित होके काम करत समृद्धि कोति बड़ तेजी ले आगे बढ़त हें।
मछरी विभाग कोति ले कई ठन योजना मन के माध्यम ले गांव वाले मन ल रोजगार के अवसर देहे जात हे जेखर लाभ लेके हितग्राही लाभान्वित होवत हे। अइसनेच विकासखण्ड जगदलपुर के गांव उपनपाल के छोटे सीमान्त किसान अपन खेती म धान के उपज लेके जइसे-तइसे अपन कुटुंब के भरण पोषण करत रहिन। अपन आजीविका ल चलाय बर गांव वाले मन ह जब समूह बनाइन अऊ मछली पालन शुरू करिन तब उंखर जिंदगिच बदल गे। गरीबी रेखा ले नीचे जीवन यापन करइया 10 अदिवासी महिला मन के समूह बनाके विस्‍वा महिला स्व सहायता समूह मारकेल के गठन करे गीस। समूह के सदस्य मन कोति ले जमीन म खेती-किसानी करत रहिन, फेर धान के खेती म ओ मन ल बहुत मेहनत अउ मजदूर मन के कमी के कारण बहुत तकलीफ होत रहिस अउ प्रति एकड़ 15-20 क्विंटल धान के उत्पादन करत रहिन, एखर उत्पादन ले ओ मन संतुष्ट नइ रहिन। मछरी विभाग के संग योजना मन के प्रचार-प्रसार के अंतरगत मछली पालन ले संबंधित जानकारी वो मन तक पहुंचिस जेखर ले ओ मन प्रभावित होके अपन आर्थिक तंगी के समाधान बर ग्राम पंचायत के 0.58 हेक्टेयर मोढ़ा तालाब ल पट्टा म लेके मछरी पालन के काम करे लागिन।
मछली पालन समूह के अध्यक्ष श्री श्यामसुन्दर ह  बताइस कि विभागीय योजना अउ राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत मछरी बीज, परिपूरक आहार, सिफेक्स, मछरी खेट उपकरन अउ आईसबाक्स दे के ओ मन ल संसाधन ले पूर्ण करे गए हे अउ विभाग कोति ले बेरा-बेरा म आयोजित होवइया मछुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम अउ तकनीकी उन्नयन प्रशिक्षण प्रदाय कर ओ मन ल मछली पालन के तकनीकी जानकारी मन ल बताए गीस। अब समूह कोति ले तकनीक के उपयोग करके मछली पालन करे जात हे जेखर ले समूह के सदस्य मन के आर्थिक स्थिति म सुधार होए लगे हे।
समूह कोति ले पाछू तीन बछर ले मछली पालन, विभागीय झींगा पालन अउ उत्पादन के काम करे जात हे जेखर ले समूह के सदस्य मन ल बने आमदनी होवत हे। समूह के सबो सदस्य मछली पालन अउ विभागीय झींगा पालन योजना ले लाभ लेके अपन आय म उत्तरोतर वृद्धि करत हें। विस्‍वा महिला स्व सहायता समूह के महिला मन ह बताइन कि मछली पालन ले मिले आय ले अपन घरेलु उपयोग के समान बिसावत हें, अपन मकान मन के मरम्मत करत हें अउ कुछ सदस्य मन तो पक्का मकान घलोक बनवावत हें अऊ कुछ सदस्य मन अपन जरूरत के मुताबिक साइकिल, फटफटी बिसाए के संगेच अपन लइका मन ल पढ़ाए बर स्कूल घलोक भेजत हें। समूह कोति ले साल 2015-16 म 5 हजार नग संचित मछरी बीज ले 986 किलोग्राम मछरी उत्पादन कर 98 हजार 600 रूपिया, साल 2016-17 म 5 हजार नग संचित मछरी बीज ले 1988 किलोग्राम मछरी उत्पादन करके 2 लाख 385 हजार 560 रूपिया अउ साल 2015-16 म 1400 नग संचित बीज ले 132 किलोग्राम मछरी उत्पादन करके 52 हजार 800 रूपिया साल 2016-17 म 880 नग संचित बीज ले 83 किलोग्राम मछरी उत्पादन करके 33 हजार 200 रूपिया के विक्रय करिस।

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